दिल्ली हाईकोर्ट ने सेलिना जेटली की याचिका पर सुनवाई करते हुए यूएई में 18 महीनों से हिरासत में उनके भाई विक्रांत जेटली की रिहाई को लेकर बहन-भाभी के मतभेद सुलझाने की सलाह दी। कोर्ट ने दोनों को साथ मिलकर कानूनी प्रयास करने को कहा।

Delhi High Court hears Celina Jaitly plea: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस सेलिना जेटली की पिटीशन पर सुनवाई की, ये मामला उनके भाई मेजर (रिटायर ) विक्रांत जेटली से संबद्ध है, जो 18 महीनों से संयुक्त अरब अमीरात ( united arab emirates ) में हिरासत में हैं। इस पिटीशन में सेलिना ने चारुल जेटली जो भाई की पत्नी और एक्ट्रेस की भाभी है, को पक्षकार बनाया है। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने दोनों की दलीलें सुनने के बाद आपसी मतभेद भुलाकर विक्रांत की रिहाई के लिए मिलकर काम करने का सुझाव दिया। इस दौरान सेलिना के वकीलों ने अदालत को बताया कि चारुल ने उनकी बात अनसुनी कर दी है, जबकि भाभी ने कहा कि उनकी जिंदगी को बिना कंसेंट के मीडिया सर्कस बना दी गई है।

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पारिवारिक विवाद में उलझा विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से पेश हुईं सीजीएससी निधि रमन ने बार एंड बेंच के हवाले से अदालत में कहा, “विक्रांत रेगुलरली बातचीत कर रहे हैं; अगली मुलाकात 13 फरवरी को है। वह पत्नी से बात करने से इनकार कर रहे हैं। वह पत्नी से बात करते हैं, लेकिन वह पावर ऑफ अटॉर्नी पर साइन करने से मना कर रही हैं। इस लड़ाई में मंत्रालय बीच में फंसा हुआ है। हम उन्हें चार नाम सुझाएंगे, जिनमें पत्नी द्वारा सुझाई गई कानूनी फर्म भी शामिल हैं, और उनसे एक चुनने के लिए कहेंगे।”

वीडियो कॉल पर जुड़ी चारुल ने सेलिना पर लगाए गंभीर आरोप

सेलिना जेटली का कहना है कि उनकी खुद की शादी टूटने के बावजूद उन्होंने भाई को न्याय दिलाने के लिए अदालत का रुख किया। वहीं विक्रांत की पत्नी के वकील ने अदालत को बताया कि उन्होंने पहले सेलिना से बातचीत की थी, उनसे ये भी पूछा गया था कि दूतावास से मदद लेने के बजाय, एक्ट्रेस ने अदालत का रुख क्यों किया।

कोर्ट में मौजूद सेलिना ने कहा, “मैंने इस केस के लिए सब कुछ किया है, मेरी शादी टूट चुकी है। मैं 2025 में अदालत के सामने इसलिए आई क्योंकि चारुल ने मेरी बात सुनना ही छोड़ दिया था। मैं बस विक्रांत के लिए मदद चाहती हूं।” जज ने वीडियो कॉल के ज़रिए पेश हुईं चारुल से पूछा कि क्या वह विक्रांत को जेल से रिहा करवाना चाहती हैं, जिस पर उन्होंने जवाब दिया, “एक पत्नी ऐसा क्यों नहीं चाहेगी?”

अदालत ने मीडिया पर रोक लगाने से इनकार किया

अदालत ने कहा कि यह कोई 'पारिवारिक विवाद' नहीं है और चारुल को विदेश मंत्रालय की मदद लेने को कहा। चारुल ने बताया कि उनके और उनके भाई के बीच 'तनावपूर्ण संबंधों' के बावजूद वह 2024 से सेलिना के कॉन्टेक्ट में थीं। अदालत ने सेलिना और चारुल से विक्रांत को रिहा कराने के लिए मिलकर काम करने हेतु 'संबंधों को फिर से स्थापित' करने की अपील की। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि चारुल विक्रांत के साथ काम नहीं कर रही हैं और आगे की कोई भी कानूनी कार्रवाई विक्रांत पर निर्भर करती है।

जब चारुल के वकील ने मामले की रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की मांग की, तो अदालत ने मीडिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।