सुप्रीम कोर्ट ने बिग बॉस OTT 2 के विनर एल्विश यादव को फटकार लगाई है। शीर्ष कोर्ट ने कहा- वे एक पब्लिक फ़िगर होने के बावजूद अपने सोशल मैसेज की परवाह नहीं करते।

Elvish Yadav news: यूट्यूबर और बिग बॉस OTT सीजन 2 के विनर एल्विश यादव को इस हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने एक रेव पार्टी में कथित तौर पर सांप के जहर का इस्तेमाल करने के लिए फटकार लगाई। वाइल्डलाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट के तहत उनके खिलाफ दर्ज शिकायत के खिलाफ उनकी पिटीशन पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सोसायटी को गलत मैसेज देने और बेजुबान जानवरों का इस्तेमाल करने के लिए उन्हें नसीहत दी।

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PTI के मुताबिक, बेंच ने सवाल किया, “अगर पॉप्युलर सेलेब्रिटी को सांप जैसे बेज़ुबान शिकार का इस्तेमाल करने दिया गया, तो इससे समाज में बहुत बुरा मैसेज जाएगा। आप सांप को लेकर बिजनेस करते हैं तो क्या आपने सांप से डील किया है?” एल्विश के वकील से पूछा, “क्या आप ज़ू जाकर वहां जानवरों के साथ खेल सकते हैं? क्या यह जुर्म नहीं होगा? आप यह नहीं कह सकते कि आप जो चाहें करेंगे। हम वाइल्डलाइफ़ (प्रोटेक्शन) एक्ट के तहत शिकायत को लेकर परेशान हैं।”

एल्विस यादव ने सांपों के विषैले न होने का किया दावा 

सीनियर एडवोकेट मुक्ता गुप्ता एल्विस की ओर से पेश हुईं और उन्होंने बताया कि यूट्यूबर सिंगर फाजिलपुरिया के एक वीडियो के लिए पार्टी में गेस्ट के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि रेव पार्टी या किसी banned psychoactive substances के सेवन का कोई सबूत नहीं है। अदालत में यह भी दावा किया गया कि एल्विस उस फिक्स पोजीशन पर मौजूद नहीं थे, और चिकित्सा रिपोर्टों से पता चला कि जांच किए गए नौ सांप विषैले नहीं थे।

लेकिन, सरकारी वकील ने कहा कि पुलिस ने पांच कोबरा समेत नौ सांपों को सीज़ किया था। वहीं रेव पार्टियों में इस्तेमाल होने वाला संदिग्ध सांप का ज़हर मिला था। इस दौरान SC ने सरकारी वकील से सांप का ज़हर निकालने और पार्टियों में इस्तेमाल करने का प्रोसेस समझाने को कहा। अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

सांप के जहर के मामले में एल्विश यादव की गिरफ्तारी

एलविश पर नवंबर 2023 में उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक रेव पार्टी में सांप के जहर के कथित इस्तेमाल के लिए केस दर्ज किया गया था और मार्च 2024 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। पिछले साल, यूट्यूबर के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी। हाई कोर्ट में, एल्विश के वकीलों ने तर्क दिया था कि कोई सांप, नारकोटिक्स या साइकोट्रोपिक पदार्थ बरामद नहीं हुए थे। यह भी तर्क दिया गया कि चूंकि वह एक 'जाने-माने इन्फ्लुएंसर' थे और कई रियलिटी टीवी शो में दिखाई दिए थे, इसलिए FIR में उनके शामिल होने से 'मीडिया का ध्यान' गया था।