Awarapan Hit or Flop: 2007 में रिलीज हुई इमरान हाशमी की फिल्म 'आवारापन' बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी। लेकिन सालों बाद इसे कल्ट क्लासिक का दर्जा मिला। जानें कैसे?
बॉलीवुड में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो रिलीज के वक्त दर्शकों का दिल नहीं जीत पातीं, लेकिन सालों बाद उनकी असली कीमत समझ आती है। इमरान हाशमी और श्रिया सरन की 2007 में आई फिल्म ‘आवारापन’ भी ऐसी ही फिल्मों में शामिल है। रिलीज के समय फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई थी, लेकिन धीरे-धीरे इसे दर्शकों के बीच कल्ट क्लासिक का दर्जा मिल गया। अब जब इस फिल्म का सीक्वल ‘आवारापन 2’ रिलीज हो रहा है, तो एक बार फिर 19 साल पुरानी इस फिल्म की कहानी, किरदार और गानों की चर्चा तेज हो गई है।
बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली थी ‘आवारापन’
मोहित सूरी के डायरेक्शन में बनी ‘आवारापन’ 29 जून 2007 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म में इमरान हाशमी ने शिवम पंडित का किरदार निभाया था, जबकि श्रिया सरन आलिया के रोल में नजर आई थीं। फिल्म को क्रिटिक्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिला, लेकिन दर्शकों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक फिल्म का बजट करीब ₹18 करोड़ था, जबकि भारत में इसका नेट कलेक्शन करीब ₹7.76 करोड़ और वर्ल्डवाइड ग्रॉस करीब ₹12.26 करोड़ रहा। इसी वजह से फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर का टैग मिला।
इमोशनल कहानी के बावजूद क्यों नहीं चली फिल्म?
‘आवारापन’ कोई टिपिकल मसाला फिल्म नहीं थी। इसकी कहानी एक ऐसे गैंगस्टर शिवम के इर्द-गिर्द घूमती है, जो प्यार खोने के दर्द और अपराध की दुनिया के बीच फंसा हुआ है। शिवम को अपने बॉस की एक महिला पर नजर रखने की जिम्मेदारी मिलती है, लेकिन कहानी उस वक्त अलग मोड़ लेती है जब उसे उसे मारने का आदेश दिया जाता है। उस महिला में उसे अपनी खोई हुई मोहब्बत की झलक दिखाई देती है और इसके बाद उसका पूरा नजरिया बदलने लगता है। फिल्म की कहानी में प्यार, दर्द, गिल्ट, बदला और रिडेम्पशन जैसे इमोशनल पहलू थे। शायद यही गंभीर और डार्क ट्रीटमेंट उस समय के मेनस्ट्रीम दर्शकों से उतना कनेक्ट नहीं कर पाया।
फिर कैसे बनी कल्ट क्लासिक?
- दिलचस्प बात यह है कि थिएटर में कमजोर प्रदर्शन के बावजूद फिल्म की लोकप्रियता समय के साथ बढ़ती गई।
- फिल्म के म्यूजिक ने इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इसके गाने आज भी इमरान हाशमी के फैंस के बीच बेहद पसंद किए जाते हैं।
- टीवी टेलीकास्ट और बाद में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने भी फिल्म को नई ऑडियंस तक पहुंचाया।
- धीरे-धीरे लोगों ने फिल्म की कहानी, इमरान की एक्टिंग और इसके इमोशनल ट्रीटमेंट को नए नजरिए से देखना शुरू किया।
- यानी जिस फिल्म को 2007 में बॉक्स ऑफिस पर नाकामी मिली थी, वही फिल्म आने वाले वर्षों में कल्ट फैनबेस बनाने में कामयाब रही।
अपने समय से आगे थी फिल्म, शायद इसीलिए रही फ्लॉप?
हाल ही में श्रिया सरन ने ‘आवारापन’ को लेकर अपने एक्सपीरियंस शेयर किए। उन्होंने बताया कि फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद अवॉर्ड शोज में उन्हें नजरअंदाज किया जाना उन्हें काफी निराश करता था। हालांकि समय के साथ उन्हें समझ आया कि दर्शक फिल्म से बाद में क्यों जुड़े। श्रिया के मुताबिक, उन्हें लगता है कि फिल्म शायद अपने समय से आगे थी। यह बात आज की तारीख में और भी दिलचस्प लगती है, क्योंकि जिस फिल्म को शुरुआती दौर में कम दर्शक मिले, वही अब एक ऐसी फिल्म बन चुकी है जिसका सीक्वल फैंस लंबे समय से देखना चाहते हैं। सालों बाद भी Shivam Pandit इमरान हाशमी के सबसे यादगार किरदारों में गिना जाता है।
अब 19 साल बाद आई ‘Awarapan 2’
‘आवारापन’ की कहानी अब 2026 में एक नए अध्याय के साथ लौट रही है। ‘Awarapan 2’ में इमरान हाशमी एक बार फिर शिवम पंडित के किरदार में नजर आ रहे हैं। फिल्म 14 अगस्त 2026 को रिलीज हो गई है और इस बार कहानी में एक्शन, बदला, इमोशन और रिडेम्पशन का नया चैप्टर देखने को मिलेगा। यानी जिस फिल्म को कभी बॉक्स ऑफिस पर नाकाम माना गया था, आज उसी की विरासत पर करोड़ों की उम्मीदें टिकी हैं।
‘आवारापन’ की कहानी बॉलीवुड के लिए एक बड़ा उदाहरण है कि बॉक्स ऑफिस का फैसला हमेशा किसी फिल्म की लोकप्रियता की आखिरी मंजिल नहीं होता। 2007 में कमाई के मामले में फिल्म भले ही पीछे रह गई, लेकिन इसके किरदार, इमोशन और म्यूजिक ने धीरे-धीरे अपनी जगह बना ली। करीब दो दशक बाद इसका सीक्वल बनना इस बात का सबूत है कि कुछ फिल्में रिलीज के वक्त नहीं, बल्कि समय बीतने के बाद अपनी असली पहचान बनाती हैं।
