सिर्फ 1.8 करोड़ के कथित बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा कमाल किया है कि फिल्म भारत में 300 करोड़ और वर्ल्डवाइड 400 करोड़ क्लब में पहुंच गई है और अब भी कमाई जारी है।

बॉक्स ऑफिस पर कब कौन सी फिल्म इतिहास रच दे, कुछ कहा नहीं जा सकता और 'हनुमान अंश' इसका ताजा उदाहरण बनकर सामने आई है। नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित इस डिवोशनल ड्रामा ने बेहद धीमी शुरुआत के बावजूद कमाई की ऐसी रफ्तार पकड़ी कि अब घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ रुपए के नेट और वर्ल्डवाइड 400 करोड़ के ग्रॉस आंकड़े को पार कर चुकी है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका कथित तौर पर महज 1.8 करोड़ रुपए का बजट बताया जाना है। 7 अगस्त को रिलीज हुई इस फिल्म ने शुरुआती दौर में सिर्फ 10 लाख रुपए कमाए थे, लेकिन मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के बाद इसकी कहानी पूरी तरह बदल गई। आठवें हफ्ते में भी फिल्म की कमाई जारी है।

52वें दिन 'हनुमान अंश' ने कितनी कमाई की?

'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर बेहद धीमी शुरुआत की थी। फिल्म ने पहले दिन महज 10 लाख रुपए का कलेक्शन किया। शुरुआती प्रदर्शन को देखकर शायद ही किसी ने अनुमान लगाया होगा कि यही फिल्म आगे चलकर 300 करोड़ रुपए के पार पहुंच जाएगी। रिपोर्टेड 1.8 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म को पहले तीन हफ्तों तक धीरे-धीरे दर्शकों का समर्थन मिला। इसके बाद मजबूत वर्ड ऑफ माउथ ने सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ाई और फिल्म की कमाई में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला। 52वें दिन यानी आठवें रविवार को फिल्म ने भारत में नेट 9 करोड़ रुपए और विदेशों में ग्रॉस 75 लाख रुपए कमाए।

'हनुमान अंश' ने भारत में 300 करोड़ और वर्ल्डवाइड 400 करोड़ पार

फिल्म ने अपने पहले 52 दिन में भारत में 300 करोड़ रुपए नेट कलेक्शन के माइलस्टोन को पार करते हुए 307.03 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 362.70 करोड़ रुपए हो गया है। विदेशों में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 38.50 करोड़ रुपए हुआ है। कुल मिलाकर दुनियाभर में फिल्म ने 401.20 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है।

क्या है 'हनुमान अंश' की कहानी?

'हनुमान अंश' की कहानी लक्ष्मी नारायण नाम के एक युवा से शुरू होती है, जो अपनी मां की मौत के बाद गहरे दुख में चला जाता है। इसके बाद वह ईश्वर की तलाश में आध्यात्मिक यात्रा पर निकलता है। उत्तर भारत की यात्रा के दौरान वह जीवन, मृत्यु और इंसानी पीड़ा से जुड़े सवालों के जवाब तलाशता है। इसी आध्यात्मिक सफर में उसका रूपांतरण उस संत के रूप में होता है, जिन्हें आगे चलकर नीम करोली बाबा के नाम से जाना गया। फिल्म उनके प्रेम, सेवा और करुणा से जुड़े संदेशों पर केंद्रित है। फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है और इसमें शोभिनव सत्या मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित है।