संसद में हंगामे के बीच सांसद एक्ट्रेस कंगना रनौत ने कहा सरकार पर दबाव बनाकर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसे पद पर रखना है। उन्होंने संसद में चर्चा की वकालत की।
मानसून सत्र के पहले ही दिन संसद में हुए हंगामे के बीच भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत का बयान चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार को यह तय करने का अधिकार है कि सरकार कैसे चलेगी और किसे पद पर रखा जाए। कंगना ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद ही सार्वजनिक मुद्दों पर बहस और सरकार से जवाब मांगने का सही मंच है। उनका कहना है कि हंगामा करने के बजाय सदन के भीतर नियमों के तहत चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद हो सके।
संसद में हंगामे पर कंगना रनौत ने क्या कहा?
कंगना रनौत ने कहा कि संसद का उद्देश्य ही सार्वजनिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करना और सरकार से जवाबदेही तय करना है। उन्होंने कहा, "हमारा संसदीय सत्र इसलिए होता है ताकि हम सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर सकें और सरकार हर बात के लिए जवाबदेह हो। यही इसका उद्देश्य है। हम चाहते हैं कि सत्र चले और वे अपने सवाल वहीं उठाएं। लेकिन अगर वे वहां भी हंगामा और अव्यवस्था पैदा करेंगे, जैसा कि इस प्रदर्शन में हो रहा है, तो यह सही नहीं है।"
सरकार पर दबाव बनाने को लेकर क्या बोलीं?
कंगना रनौत ने कहा कि किसी सरकार पर दबाव डालकर यह तय नहीं कराया जा सकता कि किसे पद से हटाया जाए और किसे रखा जाए। उन्होंने कहा, "आप सरकार पर दबाव डालकर यह तय नहीं कर सकते कि किसे हटाना है और किसे रखना है। इस तरह का दबाव बनाना ठीक नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "जनता द्वारा चुनी गई सरकार को यह तय करने का अधिकार है कि सरकार कैसे चलेगी। अगर आपको अपनी बात पर इतना भरोसा है तो खुद चुनाव लड़िए।"
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मानसून सत्र के पहले दिन संसद में क्या हुआ?
मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा की कार्यवाही पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुई। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने कथित NEET परीक्षा विवाद और राम मंदिर से जुड़े कथित दान गबन मामले पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई बार सदस्यों से सदन चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा, "कृपया अपनी सीट पर बैठिए। सदन चलाने में सहयोग कीजिए।" हालांकि हंगामा जारी रहने के कारण कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।
विपक्ष किन मुद्दों पर चर्चा चाहता था?
मानसून सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने कहा था कि वे NEET-UG 2026 विवाद और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित दान गबन मामले पर संसद में चर्चा की मांग करेंगे। इसी मुद्दे को लेकर पहले दिन सदन के भीतर और बाहर तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली।
