दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर को गोवा से पुणे लाया गया है। डोंजे फार्महाउस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हैं।
दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर की अंतिम यात्रा अब अपने आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ चुकी है। 75 साल की उम्र में गोवा में कार्डियक अरेस्ट से निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम की औपचारिकताओं के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया। इसके बाद उन्हें पुणे ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। एयर एंबुलेंस के जरिए पार्थिव शरीर पुणे पहुंचाया जा रहा है, जहां उनके डोंजे स्थित फार्महाउस में अंतिम संस्कार होगा। महाराष्ट्र सरकार ने एक्टर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का फैसला किया है। करीब पांच दशक लंबे करियर में नाना ने हिंदी और मराठी सिनेमा को कई यादगार किरदार दिए।
नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे क्यों लाया गया?
नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर को गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से अंतिम यात्रा के लिए पुणे ले जाया गया। पोस्टमार्टम और जरूरी मेडिकल-लीगल औपचारिकताओं के बाद उनके पार्थिव शरीर को एयर एंबुलेंस के जरिए महाराष्ट्र लाने की तैयारी हुई। पुणे में उनके डोंजे स्थित फार्महाउस में अंतिम संस्कार किया जाना है।
गोवा एयरपोर्ट पर कैसी रही सुरक्षा व्यवस्था?
पार्थिव शरीर को एयरपोर्ट ले जाने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। गोवा मेडिकल कॉलेज के मॉर्चरी परिसर में भी पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी बढ़ाई गई थी। अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को कुछ समय के लिए वहां रखा गया, जिसके बाद एंबुलेंस से एयरपोर्ट ले जाया गया।
नाना पाटेकर का निधन कब और कैसे हुआ?
नाना पाटेकर का निधन गुरुवार, 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित उनके डोना पाउला आवास पर हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें अचानक तबीयत बिगड़ने और कार्डियक अरेस्ट के बाद अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें करीब 5:20 बजे मृत घोषित कर दिया गया।
नाना पाटेकर का फिल्मी सफर कितना खास रहा?
करीब पांच दशक के करियर में नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। दमदार संवाद अदायगी, तीखी स्क्रीन प्रेजेंस और गंभीर से लेकर कॉमिक किरदारों तक उनकी रेंज ने उन्हें अलग मुकाम दिया। वह तीन बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीत चुके थे और सिनेमा के साथ सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे।
