नाना पाटेकर की पत्नी नीलकांति पाटेकर अंतिम संस्कार में पहुंचीं तो उनके रिश्ते की चर्चा फिर शुरू हुई। बेटे मल्हार ने बताया कि अलग रहने के बावजूद परिवार का रिश्ता कितना मजबूत था।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी निजी जिंदगी को लेकर कई बातें चर्चा में हैं। उनके अंतिम संस्कार में अलग रह रहीं पत्नी नीलकांति पाटेकर की मौजूदगी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। दोनों की शादी 1978 में हुई थी। वे करीब 35 साल से अलग रह रहे थे, लेकिन कानूनी तौर पर कभी तलाक नहीं लिया। अब उनके बेटे और फिल्ममेकर मल्हार पाटेकर ने पिता के आखिरी घंटों से जुड़ी बातें साझा की हैं। उन्होंने माता-पिता के रिश्ते पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि बाहर से दिखने वाली तस्वीर और परिवार की असल जिंदगी में काफी फर्क था।
नाना पाटेकर की मौत से पहले क्या हुआ था?
मल्हार ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बताया कि नाना पाटेकर गोवा में थे। उनके मनोरंजन से जुड़े कामकाज और मीटिंग्स देखने वाले उनके कजिन प्रसाद को नाना ने मुंबई भेज दिया था, क्योंकि अगले दिन उन्हें माधुरी दीक्षित के साथ मराठी ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की शूटिंग करनी थी। मल्हार के मुताबिक, उनके दूसरे भाई अमय भी नाना को घर की ऊपरी मंजिल पर व्यवस्थित करने के बाद ही वहां से निकले थे। उन्होंने इस बातचीत में पिता के आखिरी समय के हालात का जिक्र किया।
नीलकांति पाटेकर और नाना पाटेकर अलग रहते थे
नाना और नीलकांति पाटेकर ने 1978 में शादी की थी। उनके दो बेटे हुए—दुर्वासा, जिनका बचपन में निधन हो गया, और मल्हार। समय के साथ पति-पत्नी अलग रहने लगे, लेकिन उन्होंने कभी कानूनी रूप से तलाक नहीं लिया। मल्हार ने माता-पिता के रिश्ते को लेकर लोगों की धारणाओं पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि किसी परिवार के रिश्ते की गहराई को बाहर से देखकर नहीं समझा जा सकता। सोशल मीडिया पर परिवार की तस्वीरें साझा न करना इस बात का सबूत नहीं कि उनके बीच अपनापन नहीं है।
मल्हार पाटेकर ने माता-पिता के रिश्ते पर क्या कहा?
मल्हार ने अपने माता-पिता से मिली सीख और परिवार के भावनात्मक जुड़ाव के बारे में कहा,
बचपन में मैंने अपने माता-पिता से बहुत ताकत और मुश्किलों से उबरने का हौसला सीखा। बाहर से लोगों को चीजें जैसी भी दिखाई देती हों, उससे मुझे फर्क नहीं पड़ता। असल में हमारा परिवार भावनात्मक रूप से एक-दूसरे से बहुत मजबूती से जुड़ा था। मेरे चाचा और कजिन भी इस रिश्ते का हिस्सा थे। मुझे हमेशा सबका प्यार मिला और मेरे लिए यही मायने रखता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोगों की बाहरी धारणाएं उनके परिवार के वास्तविक रिश्तों को नहीं दर्शातीं।
अफवाहों पर नाराज हुए मल्हार पाटेकर
परिवार को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही बातों पर मल्हार ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता के अलग रहने का मतलब यह नहीं था कि उनके बीच संबंध खराब थे या नाना अपने आखिरी दिनों में अकेले थे। मल्हार के शब्दों में,
इतनी सारी बातें वायरल हो रही हैं, और उनमें से कई गलत हैं। सिर्फ इसलिए कि हम इंस्टाग्राम पर परिवार की तस्वीरें साझा नहीं करते, इसका मतलब यह नहीं कि हमारे बीच अपनापन नहीं है। अलग होने के बाद भी मेरे माता-पिता के रिश्ते अच्छे थे। उनके बीच 38-39 साल का जुड़ाव था। चीजें हमेशा वैसी नहीं होतीं, जैसी बाहर से दिखाई देती हैं। मैं अपने परिवार के बारे में जो बातें पढ़ रहा हूं, उनका जवाब यही है कि वह अकेले नहीं थे, कभी नहीं थे। वह बीमार भी नहीं थे, क्योंकि हममें से कोई न कोई हमेशा उनके साथ रहता था। हममें से एक व्यक्ति हर समय उनके पास होता था। वह बहुत सक्रिय थे और जिम में ढाई घंटे तक कसरत करते थे। आज के युवा भी ऐसा नहीं कर पाते। उनकी फिटनेस का स्तर ऐसा था।
नाना पाटेकर की मौत कैसे हुई?
नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार में उनकी पत्नी नीलकांति पाटेकर की मौजूदगी ने उनके लंबे समय से अलग रहने वाले रिश्ते को फिर चर्चा में ला दिया। मल्हार के बयान से यह बात सामने आई कि परिवार के रिश्ते को सिर्फ साथ रहने या सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करने के आधार पर नहीं आंका जा सकता।






