Tiger Shroff Firing Case New Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस के आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। क्राइम ब्रांच अब 'मनी ट्रेल' की जांच करेगी।
Tiger Shroff Case Latest News: बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अब पैसों के लेन-देन तक पहुंच गई है। इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों की तलाश करने के साथ ये भी पता लगाएगी कि कथित हमले के लिए पैसे किसने दिए और इसमें कौन-कौन शामिल था। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने 21 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट (किला कोर्ट) में पेश किया था। पुलिस ने आगे की जांच के लिए उनकी कस्टडी मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
टाइगर श्रॉफ केस में अब पैसों के लेन-देन की जांच करेगी पुलिस
इस केस में क्राइम ब्रांच यह पता लगाना चाहती है कि फायरिंग की साजिश के पीछे पैसों का कोई कनेक्शन था या नहीं। जांच के दौरान पुलिस कुछ सवालों के जवाब तलाशेगी। जैसे आरोपियों को पैसे किसने दिए? पैसे का इंतजाम किसने किया? क्या इस मामले में दूसरे लोग भी शामिल थे? फायरिंग से पहले और बाद में आरोपियों की किन लोगों से बात हुई? पुलिस का मकसद ये पता लगाना है कि हमले की योजना किसने बनाई और इसे अंजाम देने में किन लोगों की भूमिका थी?
हथियारों और मोबाइल फोन की भी होगी जांच
कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि पुलिस को फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद करने हैं। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच कर उनके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटानी है। पुलिस यह भी पता करना चाहती है कि घटना से पहले और बाद में आरोपियों की किन लोगों से बातचीत हुई थी। इससे मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?
आरोपियों के वकील ने पुलिस रिमांड की मांग का विरोध किया। बचाव पक्ष की दलील थी कि पुलिस पहले ही आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है। इन फोन से जांच के लिए जरूरी डिजिटल जानकारी जुटाई जा सकती है। वकील ने ये भी कहा कि आरोपियों को मुंबई लाने के लिए मिली ट्रांजिट रिमांड का मकसद पूरा हो चुका है। उनके मुताबिक, तीनों आरोपियों से करीब 16 घंटे तक पूछताछ भी की जा चुकी है। बचाव पक्ष ने कोर्ट से तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी के बजाय न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। हालांकि, कोर्ट ने तीनों को 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
राजस्थान से हुई थी तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी
इस मामले में तीनों आरोपियों को 19 अक्टूबर को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया था। वे पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को कोटा की कोर्ट में पेश किया गया। वहां से मुंबई पुलिस को उन्हें मुंबई लाने के लिए 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिली थी। इसके बाद केस की जांच जुहू पुलिस से मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। अब क्राइम ब्रांच हथियारों की बरामदगी, मोबाइल फोन की जांच और पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं पर काम कर रही है।









