डॉ. खोजा ने सलमान खान के शो ‘बिग बॉस 20’ और रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायणम्’ की सफलता को लेकर भविष्यवाणी की है। उन्होंने वैश्विक शांति और वास्तु से जुड़े कई दावे भी बताए।

प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य, वास्तु विशेषज्ञ, हस्तरेखा और फेस रीडर डॉ. खोजा ने मनोरंजन जगत से लेकर वैश्विक परिस्थितियों और वास्तु तक कई दावे साझा किए हैं। उनके मुताबिक, बिग बॉस 20 दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर सकता है, जबकि रणबीर कपूर स्टारर रामायणम् साल की बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो सकती है। उन्होंने दिसंबर तक वैश्विक तनाव कम होने की भी उम्मीद जताई। इसके अलावा डॉ. खोजा ने वास्तु को जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन से जुड़ा विज्ञान बताया और पुरुषों की बालियां, महिलाओं की पायल-बिछिया और घर के बाहर शौचालय जैसी पुरानी परंपराओं के पीछे बताए जाने वाले कारण भी समझाए।

क्या 'रामायणम्' बनेगी मेगा हिट?

एक्टर रणबीर कपूर और डायरेक्टर नितेश तिवारी की अपकमिंग माइथोलॉजिकल फिल्म 'रामायणम्' को लेकर भी डॉ. खोजा ने बड़ी उम्मीद जताई। उन्होंने ‘रा’ से शुरू होने वाले चर्चित नामों का उदाहरण देते हुए कहा, “रामायणम् भी ‘रा’ से शुरू होती है। दर्शकों का उत्साह और फिल्म के प्रति सकारात्मक ऊर्जा संकेत देती है कि यह साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल होगी।”

क्या बिग बॉस 20 तोड़ेगा पुराने रिकॉर्ड?

डॉ. खोजा के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 से जियो हॉटस्टार और कलर्स टीवी पर आने वाला सलमान खान का रियलिटी शो बिग बॉस 20 शानदार प्रदर्शन कर सकता है। उन्होंने कहा, “बिग बॉस 20 की टीआरपी शानदार रहेगी। इसकी ‘वरदान’ थीम दर्शकों से गहरा जुड़ाव बनाएगी और यह शो कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकता है।”

वास्तु और वैश्विक शांति को लेकर क्या बोले डॉ. खोजा?

वैश्विक तनाव पर उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि दिसंबर तक वैश्विक तनाव काफी कम होगा और दुनिया शांति एवं सहयोग की दिशा में आगे बढ़ेगी।” डॉ. खोजा ने वास्तु को अंधविश्वास के बजाय जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा, “वास का अर्थ है रहने का स्थान और ‘तु’ का अर्थ है आप। यानी जिस स्थान पर आप रहते हैं, वहां की दिशा, ऊर्जा और वातावरण आपके जीवन को प्रभावित करते हैं।”

बालियां, पायल और दो चोटियों का क्या कनेक्शन बताया?

डॉ. खोजा के मुताबिक, पुरुषों के बाली पहनने को केतु संतुलन से जोड़ा जाता था। महिलाओं की पायल और बिछिया को चंद्रमा की ऊर्जा से, जबकि करधनी को कमर के सहारे और दर्द कम करने से जोड़ा जाता था। दो चोटियों को उन्होंने राहु की ऊर्जा संतुलित करने और गुरु तत्व से जुड़ी पारंपरिक मान्यता बताया।

घर में दिशाओं की क्या भूमिका बताई?

डॉ. खोजा ने कहा, “उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम केवल दिशाएं नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा के स्रोत हैं। जब घर और कार्यस्थल प्रकृति के नियमों के अनुरूप होते हैं, तो व्यक्ति को बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।” उन्होंने पुराने समय में शौचालय घर से बाहर रखने की वजह को भी नकारात्मक ऊर्जा की पारंपरिक धारणा से जोड़ा और आज स्वच्छता व उचित व्यवस्था पर जोर दिया।