Sanjay Gupta Mumbai House: 'कांटे' और 'जिंदा' जैसी फिल्मों के लिए मशहूर डायरेक्टर संजय गुप्ता का घर में गिरने से निधन हो गया है। बॉलीवुड में शोक की लहर है। आइए जानते हैं उनकी नेटवर्थ, मुंबई वाले आलीशान घर, परिवार और उनके शानदार फिल्मी सफर के बारे में।
Sanjay Gupta Lifestyle: संजय गुप्ता ने हिंदी सिनेमा में डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और स्क्रीनराइटर के तौर पर दशकों लंबा करियर बनाया। 'कांटे', 'शूटआउट एट लोखंडवाला', 'जिंदा' और 'काबिल' जैसी फिल्मों से उन्होंने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई। वे अपने स्टाइलिश क्राइम ड्रामा और एक्शन थ्रिलर के लिए जाने जाते थे।
इंटरनेट पर संजय गुप्ता की नेटवर्थ को लेकर कई दावे किए जाते हैं, लेकिन उनकी कुल संपत्ति का कोई आधिकारिक या पुख्ता आंकड़ा मौजूद नहीं है। उनकी कमाई मुख्य रूप से फिल्मों के डायरेक्शन, प्रोडक्शन, स्क्रीनप्ले राइटिंग और फिल्म से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट्स से होती थी।
संजय गुप्ता ने एक्टर संजय दत्त के साथ मिलकर 'व्हाइट फेदर फिल्म्स' (White Feather Films) नाम की प्रोडक्शन कंपनी भी शुरू की थी। इस बैनर तले उन्होंने कई फिल्में बनाईं। तीन दशकों तक फिल्म मेकर और प्रोड्यूसर के तौर पर काम करते हुए उन्होंने इंडस्ट्री में अपना एक मजबूत मुकाम हासिल किया था।
Sanjay Gupta House: मुंबई वाले आलीशान बंगले के अंदर की झलक
मुंबई में संजय गुप्ता का एक बहुत बड़ा और आलीशान बंगला है। यह घर उनके आर्ट, डिजाइन और सिनेमा के शौक को बखूबी दर्शाता है। साल 2012 में 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि कैसे उन्होंने अपने घर की एक-एक चीज खुद चुनी है। वे अक्सर अपनी यात्राओं से घर के लिए सजावट का सामान लाते थे।
कई मंजिलों वाले इस बंगले में एक होम थिएटर, बड़ा सा लिविंग रूम, खूबसूरत बालकनी, प्राइवेट छत और पेंटिंग्स व मूर्तियों का शानदार कलेक्शन है। घर में फिल्मों से जुड़ी यादें और स्क्रीनिंग के लिए एक खास जगह भी है, जो सिनेमा के प्रति उनके जुनून को दिखाती है।
संजय गुप्ता और उनका परिवार खंडाला वाले फार्महाउस पर भी काफी समय बिताता था। 2021 में उन्होंने बताया था कि उन्होंने वहां अपने बच्चों के लिए एक ट्रीहाउस (पेड़ पर घर) बनाया है, ताकि बच्चे वहां आराम से पढ़ सकें और खेल सकें।
Sanjay Gupta Family: पत्नी अनु लेखी और बच्चे
बायोग्राफी से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय गुप्ता के परिवार में उनकी पत्नी अनु लेखी, बेटा शिवांश और बेटी दलाई हैं।
अपने बिजी शेड्यूल के बावजूद संजय गुप्ता हमेशा परिवार को समय देने की बात करते थे। कई इंटरव्यू में उन्होंने अपनी फैमिली लाइफ, छुट्टियों, खंडाला फार्महाउस में बिताए पलों और बच्चों के साथ की जाने वाली मस्ती का जिक्र किया था।
उनकी पत्नी अनु ने भी परिवार के लिए एक खूबसूरत और आरामदायक घर बनाने में अहम भूमिका निभाई। संजय गुप्ता ने एक बार बताया था कि कैसे अनु ने उनके बेटे का बेडरूम डिजाइन करने में मदद की थी।
वो फिल्म मेकर जिसने बॉलीवुड पर छोड़ी अपनी गहरी छाप
संजय गुप्ता ने साल 1994 में फिल्म 'आतिश: फील द फायर' से डायरेक्शन की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने 'कांटे' (2002), 'मुसाफिर' (2004), 'जिंदा' (2006), 'शूटआउट एट वडाला' (2013), 'जज्बा' (2015), 'काबिल' (2017) और 'मुंबई सागा' (2021) जैसी कई शानदार फिल्मों का डायरेक्शन किया।
उनकी फिल्में अपने स्टाइलिश एक्शन, शहरी बैकग्राउंड और मुंबई अंडरवर्ल्ड की क्राइम स्टोरीज के लिए जानी जाती थीं। संजय दत्त के साथ उनकी जोड़ी ने उनके करियर को एक नई ऊंचाई दी थी।
उनके निधन से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसा फिल्म मेकर खो दिया है, जिसके अलग विजुअल स्टाइल और शानदार कहानियों ने बॉलीवुड एक्शन थ्रिलर के एक पूरे दौर को आकार दिया था।




