बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया कि वह मुस्लिम होने के बाद भी वह रोज नमाज नहीं पढ़ती हैं और माशाअल्लाह-इंशाअल्लाह जैसे शब्दों को किस नजरिए से देखती हैं।

शबाना आजमी बॉलीवुड का जाना-माना चेहरा है। उनका स्टाइल और बयान हमेशा सुर्खियों में आ जाता है। एक बार उनकी ऐसे ही स्टेटमेंट दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गई, जहां उन्होंने मुस्लिम धर्म में पैदा होने से हर रोज नमाज पढ़ने पर बड़ा बयान दिया। एक्ट्रेस ने बताया कि उनके पति और मशहूर गीतकार जावेद अख्तर भी लगातार उनके मुंह से निकलने वाले शब्द सुनकर सवाल करने लगते हैं।

इंटरव्यू के दौरान निजी जिंदगी से जुड़ी बातें शेयर करते हुए बताया कि उनके पिता कैफी आजमी नास्तिक थे, जबकि उनकी मां शौकत आजमी कुछ धार्मिक परंपराओं का पालन करती थीं। शबाना के मुताबिक, माशाअल्लाह और इंशाअल्लाह जैसे शब्द उनके लिए धार्मिक रस्म से ज्यादा भाषा का हिस्सा हैं। जावेद उनसे पूछते हैं कि अगर कोई हर समय 'प्रभु जी की मर्जी' कहे, तो उन्हें कैसा लगेगा? मगर शबाना इन शब्दों को अपनी सांस्कृतिक परवरिश से जुड़ा मानती हैं।

"मेरे घर में धर्म से ज्यादा विचार अहम"

बता दें कि शबाना आजमी का जन्म 18 सितंबर 1950 को हुआ था। उनके पिता कैफी आजमी मशहूर उर्दू शायर थे और मां शौकत आजमी थिएटर की जानी-मानी कलाकार थीं। शबाना ने इंटरव्यू में बताया कि उनके घर में कविता, साहित्य, कला और सामाजिक मुद्दों पर बातचीत होती थी। ऐसे माहौल ने सोच और उनके व्यक्तित्व को आकार देने में अहम भूमिका निभाई, कहा कि उन्हें ईद, उर्दू भाषा पसंद हैं लेकिन वह रोज नमाज नहीं पढ़ती, उनका धर्म को विचारों से ऊपर नहीं रखती हैं।

इन शब्दों पर शबाना को टोंकते हैं पति जावेद

शबाना आजमी और जावेद अख्तर की शादी को चार दशक से ज्यादा समय हो चुका है। शबाना ने कहा कि शादी के इतने सालों बाद भी वह और जावेद एक-दूसरे की बातों से इत्तफाक रखते हैं। एक्ट्रेस ने कहा कि माशाअल्लाह और इंशाअल्लाह, उनके बात करने में शामिल है। यह शब्द उनके जीवन का हिस्सा है तो वहीं जावेद अख्तर इस तरह के शब्दों के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हैं।

शबाना आजमी की लव स्टोरी

शबाना आजमी और जावेद अख्तर की प्रेम कहानी किसी फिल्मी सेट पर अचानक हुई मुलाकात से शुरू नहीं हुई थी। । जावेद अख्तर, शबाना के पिता कैफी आजमी से मिलने और साहित्य पर चर्चा करने के लिए उनके घर आया करते थे। बातचीत और मुलाकातों के दौरान दोनों एक-दूसरे को समझने लगे। धीरे-धीरे यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़ा, लेकिन इस प्रेम कहानी में एक पेच भी था। जावेद अख्तर पहले से शादीशुदा थे। उनकी पहली पत्नी हनी ईरानी से दो बच्चे है। फरहान अख्तर और जोया अख्तर। बाद में जावेद और हनी अलग हो गए। इसके बाद 9 दिसंबर 1984 को शबाना और जावेद ने शादी कर ली। उस दौर में इस रिश्ते को लेकर काफी चर्चा हुई थी। हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया और समय के साथ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के फेमस कपल में शामिल हो गए। बता दें कि शबाना और जावेद की अपनी कोई संतान नहीं है।

शबाना आजमी की नेट वर्थ कितनी है?

शबाना आजमी ने पांच दशक से भी लंबे करियर में कई यादगार फिल्में की हैं। नेटवर्थ की बात करें तो 25 जुलाई 2026 को प्रकाशित द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शबाना आजमी और जावेद अख्तर की संयुक्त अनुमानित संपत्ति करीब 206 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसी रिपोर्ट में शबाना की व्यक्तिगत संपत्ति का अनुमान लगभग 40 से 42 करोड़ रुपये के बीच दिया गया था।

अंकुर' से 5 नेशनल फिल्म अवॉर्ड तक का सफर

शबाना आजमी की कहानी सिर्फ उनकी निजी जिंदगी और जावेद अख्तर के साथ रिश्ते तक सीमित नहीं है। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए ऐसी भूमिकाएं चुनीं, जिनमें अभिनय की गहराई और सामाजिक मुद्दों को जगह मिली। साल 1974 में श्याम बेनेगल की फिल्म 'अंकुर' से उन्हें बड़ी पहचान मिली। इसके बाद 'अर्थ', 'मंडी', 'मासूम' और 'गॉडमदर' जैसी फिल्मों ने उनकी अभिनय क्षमता को और मजबूत किया। वह पांच बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी हैं।