TMKOC के 'बापूजी' अमित भट्ट ने आखिर 35 साल की उम्र में चंपकलाल का रोल क्यों स्वीकार किया? दिलीप जोशी ने उनका नाम कैसे सुझाया? 283 बार सिर मुंडवाने की नौबत क्यों आई? क्या सच में लोग उन्हें असल बुजुर्ग समझने लगे थे? जानिए 'तारक मेहता' के सबसे दिलचस्प किरदार के पीछे की पूरी कहानी।
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में चंपकलाल यानी बापूजी का किरदार निभाने वाले अमित भट्ट टीवी के सबसे पॉपुलर कलाकारों में गिने जाते हैं। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि जब उन्होंने यह बुजुर्ग किरदार स्वीकार किया था, तब उनकी उम्र महज 35 साल थी। दिलीप जोशी से पुरानी दोस्ती, निर्माता असित मोदी का भरोसा और खुद को चुनौती देने की चाह ने उन्हें इस भूमिका तक पहुंचाया। एक पुराने इंटरव्यू में अमित भट्ट ने शो में एंट्री, चंपकलाल बनने की तैयारी, सिर मुंडवाने से लेकर दर्शकों के प्यार तक कई दिलचस्प किस्से साझा किए थे।

अमित भट्ट को बिना ऑडिशन मिला 'बापूजी' का रोल
यूट्यूब चैनल द मोई ब्लॉग को दिए एक इंटरव्यू में अमित भट्ट ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में कभी ऑडिशन नहीं दिया। उन्हें लगातार काम मिलता रहा और उन्होंने किसी भी भूमिका को छोटा नहीं समझा। जब 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' का प्लान बन रहा थी, तब प्रोड्यूसर असित कुमार मोदी ने उन्हें चंपकलाल के किरदार के बारे में बताया। अमित के मुताबिक, दिलीप जोशी और उनकी दोस्ती काफी पुरानी थी। दोनों गुजराती थिएटर, टीवी शो और फिल्मों में साथ काम कर चुके थे। यही रिश्ता बाद में उनके लिए बड़ा मौका साबित हुआ।
दिलीप जोशी ने सुझाया था अमित भट्ट का नाम
अमित भट्ट ने खुलासा किया कि शुरुआत में दिलीप जोशी को जेठालाल और चंपकलाल दोनों किरदारों का ऑप्शन दिया गया था। लेकिन उन्होंने जेठालाल को चुना। काफी ऑडिशन लेने के बावजूद जब चंपकलाल के लिए सही चेहरा नहीं मिला, तब दिलीप जोशी ने अमित भट्ट का नाम सुझाया। इसके बाद असित मोदी ने उनसे मुलाकात की और बुजुर्ग किरदार निभाने का ऑफर दिया, जिसे उन्होंने तुरंत एक्सेप्ट कर लिया।
अमित भट्ट 35 साल की उम्र में बने थे बुजुर्ग चंपकलाल
जब अमित भट्ट ने चंपकलाल का रोल शुरू किया, तब उनकी उम्र केवल 35 साल थी। हालांकि थिएटर में लंबे अनुभव के कारण उन्हें बुजुर्ग किरदार निभाने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि थिएटर के दौरान वह एक ही नाटक में 20, 35, 45 और 65 साल की उम्र वाले किरदार निभा चुके थे। यही अनुभव उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बना।
चंपकलाल बनने के लिए अमित भट्ट ने क्या कुछ किया?
शुरुआत में अमित भट्ट को चंपकलाल का लुक देने के लिए विग पहननी पड़ती थी। रोजाना दो से ढाई घंटे मेकअप में लगते थे और लंबे शूट के दौरान विग काफी असहज हो जाती थी। आखिरकार उन्होंने बड़ा फैसला लिया और अपना सिर मुंडवा लिया। पहले दो साल तक उन्होंने हर दूसरे दिन सिर शेव कराया। अमित के अनुसार उन्होंने इस दौरान कुल 283 बार सिर मुंडवाया ताकि किरदार पूरी तरह वास्तविक लगे।
पहली शूटिंग का अनुभव भी रहा खास
अमित भट्ट ने बताया कि उनका पहला सीन मुंबई के वीटी स्टेशन पर शूट हुआ था। उस समय चंपकलाल का लुक तैयार करने में काफी मेहनत लगी। उन्हें चिंता थी कि दर्शक विग देखकर पहचान जाएंगे कि वह असली बुजुर्ग नहीं हैं। लेकिन बाद में सिर मुंडवाने के फैसले ने उनके किरदार को और ज्यादा विश्वसनीय बना दिया। अमित भट्ट का मानना है कि वह वास्तविक जीवन में लगभग 70 प्रतिशत चंपकलाल जैसे हैं। वह अनुशासन, समय की पाबंदी और व्यवस्थित जीवन में विश्वास रखते हैं। उनका कहना है कि जिस तरह चंपकलाल जेठालाल को डांटते रहते हैं, उसके पीछे प्यार और चिंता होती है। यही सोच वह निजी जिंदगी में भी रखते हैं।
दिलीप जोशी के साथ केमिस्ट्री बनी सफलता की वजह
अमित भट्ट ने माना कि जेठालाल और चंपकलाल की जोड़ी शो की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। दिलीप जोशी के साथ उनकी पुरानी दोस्ती ने ऑनस्क्रीन रिश्ते को और ज्यादा स्वाभाविक बना दिया। उनके अनुसार यदि वह कोई दूसरा किरदार चुनते, तो शायद दर्शकों को यह यादगार पिता-पुत्र की जोड़ी देखने को नहीं मिलती। एक्टिंग के अलावा अमित भट्ट को गायन का भी शौक है। उन्होंने घर पर कराओके सेटअप बना रखा है और खाली समय में गाना पसंद करते हैं। इसके अलावा वह अपनी पत्नी के साथ घूमने-फिरने के भी शौकीन हैं। शूटिंग से कुछ दिन की छुट्टी मिलते ही दोनों अक्सर मुंबई से बाहर निकल जाते हैं।
