'वेलकम टू द जंगल' 80 के दशक की मसाला एंटरटेनर फिल्मों की याद दिलाती है। अगर आप बिना दिमाग लगाए एंटरटेन होना चाहते हैं तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी।

अहमद खान के निर्देशन में बनी 'वेलकम टू द जंगल' आखिरकार सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है। 32 सितारों से सजी यह फिल्म 'वेलकम' फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त है, जिसमें कॉमेडी, एक्शन, म्यूजिक और नॉस्टैल्जिया का भरपूर तड़का लगाया गया है। फिल्म पूरी तरह 80 के दशक की मसाला फिल्मों की शैली को फॉलो करती है, जहां लॉजिक से ज्यादा मनोरंजन पर जोर दिया गया है। अक्षय कुमार एक बार फिर अपने पुराने कॉमिक अंदाज में लौटे हैं और पूरी फिल्म की कमान संभालते नजर आते हैं। हालांकि फिल्म का पहला हाफ ज्यादा मजबूत है, जबकि दूसरे हिस्से में कहानी थोड़ी बिखरती हुई महसूस होती है।

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क्या है 'वेलकम टू द जंगल' की कहानी?

फिल्म की कहानी 2000 करोड़ रुपये की एक फिल्म को बर्बाद करने की साजिश के इर्द-गिर्द घूमती है। इस दौरान असली और नकली किरदारों का ऐसा घालमेल होता है कि लगातार कॉमिक सिचुएशन बनती रहती हैं। कहानी में कई ट्विस्ट, कॉमिक कन्फ्यूजन और बड़े पैमाने का तमाशा देखने को मिलता है। हालांकि कहानी का उद्देश्य लॉजिक देना नहीं बल्कि दर्शकों को लगातार एंटरटेन करना है।

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'वेलकम टू द जंगल' की स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी विशाल स्टार कास्ट है। अक्षय कुमार पूरी फिल्म में अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। सुनील शेट्टी और अरशद वारसी अपने-अपने किरदारों में जमे हैं। परेश रावल, राजपाल यादव और श्रेयस तलपड़े कई सीन्स में जबरदस्त हंसी लेकर आते हैं। जॉनी लीवर हमेशा की तरह भरोसेमंद नजर आते हैं। फरिदा जलाल, रवीना टंडन और किरण कुमार वाले सीक्वेंस बेहद मनोरंजक हैं। दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस के हिस्से में ज्यादा स्क्रीन टाइम नहीं आया, जबकि जैकी श्रॉफ विलेन के रूप में अपनी शानदार मौजूदगी दर्ज कराते हैं।

कैसा है अहमद खान का डायरेक्शन?

इतनी बड़ी स्टार कास्ट को एक साथ संभालना आसान नहीं था, लेकिन अहमद खान इसमें काफी हद तक सफल भी रहे हैं। फिल्म का स्केल बड़ा दिखता है और कई सीन्स सिनेमाई अनुभव देते हैं। हालांकि निर्देशक ने लगभग हर मसाला तत्व को एक ही फिल्म में डालने की कोशिश की है। यही वजह है कि इंटरवल के बाद फिल्म अपनी रफ्तार खो देती है और कई हिस्से जरूरत से ज्यादा लंबे महसूस होते हैं।

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कैसा है फिल्म का म्यूजिक?

फिल्म का संगीत मिला-जुला असर छोड़ता है। कुछ गाने बड़े पर्दे पर शानदार विजुअल ट्रीट देते हैं, लेकिन सभी गाने लंबे समय तक याद रह जाने वाले नहीं बन पाते। बैकग्राउंड स्कोर कई कॉमिक और एक्शन सीन्स को बेहतर बनाता है।

टेक्निकल फ्रंट पर कैसी है फिल्म?

प्रोडक्शन वैल्यू फिल्म की सबसे बड़ी खूबियों में शामिल है। सिनेमैटोग्राफी रंगीन और भव्य है। एक्शन सीन्स बड़े पर्दे के हिसाब से डिजाइन किए गए हैं। एडिटिंग पहले हाफ में चुस्त रहती है, लेकिन दूसरे हिस्से में फिल्म थोड़ी लंबी महसूस होती है। विजुअल्स और सेट डिजाइन फिल्म को ग्रैंड लुक देते हैं।

क्यों देखें 'वेलकम टू द जंगल'?

अगर आपको बिना लॉजिक वाली मसाला कॉमेडी पसंद है, अक्षय कुमार को पुराने कॉमिक अंदाज में देखना चाहते हैं, बड़ी स्टार कास्ट और फैमिली एंटरटेनमेंट पसंद है और 80 के दशक वाली बॉलीवुड मसाला फिल्मों का फील लेना चाहते हैं तो यह फिल्म आपके लिए है। हालांकि, अगर आप गंभीर कहानी की उम्मीद लेकर जाएंगे तो थोड़ी निराशा हो सकती है। हमारी ओर से इस फिम को 5 में से 3.5 स्टार।