भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में इंटीमेसी को-ऑर्डिनेशन को प्रोफेशनल पहचान दिलाने वाली आस्था खन्ना को भारत की पहली इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर माना जाता है। वे फिल्मों और वेब सीरीज में इंटीमेट सीन को सुरक्षित, प्रोफेशनल और कलाकारों की सहमति के साथ शूट करवाने का काम करती हैं। आज उनका नाम बॉलीवुड में तेजी से चर्चा में है।

बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया में पिछले कुछ सालों में इंटीमेट सीन की शूटिंग को लेकर काफी बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां ऐसे सीन बिना किसी तय प्रक्रिया के शूट होते थे, वहीं अब कलाकारों की सुरक्षा, सहमति और कम्फर्ट को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाने लगा है। क्या आप जानते हैं कि फिल्मों के सेक्स सीन को-ऑर्डिनेट करने के लिए भी लोग होते हैं। आस्था खन्ना भारत की पहली इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर हैं, जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में एक बिल्कुल नए प्रोफेशन को पहचान दिलाई। आज कई बड़े प्रोजेक्ट्स में उनका काम इंडस्ट्री के लिए नया मानक बन चुका है।

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क्या होता है इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर का काम?

इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर वह प्रोफेशनल होता है जो फिल्मों, वेब सीरीज या शोज में इंटीमेट और रोमांटिक सीन्स की शूटिंग को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से करवाता है।इस प्रोफेशन का मुख्य उद्देश्य होता है:-

  • कलाकारों की सहमति सुनिश्चित करना
  • शूटिंग के दौरान सीमाएं तय करना
  • सीन को कोरियोग्राफ करना
  • कलाकारों को मानसिक और शारीरिक रूप से सहज महसूस कराना

यह भूमिका हॉलीवुड में पहले से मौजूद थी, लेकिन भारत में इसकी शुरुआत हाल के वर्षों में हुई।

कौन हैं आस्था खन्ना?

आस्था खन्ना भारत की पहली इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर मानी जाती हैं। उन्होंने भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में इस प्रोफेशन को गंभीरता से स्थापित करने का काम किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कई फिल्मों और ओटीटी प्रोजेक्ट्स में कलाकारों और मेकर्स के साथ मिलकर इंटीमेट सीन्स को प्रोफेशनल तरीके से डिजाइन किया है। भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के बाद फिल्मों और वेब सीरीज में बोल्ड और इमोशनल कंटेंट तेजी से बढ़ा। इसके साथ ही कलाकारों की सुरक्षा और सहमति को लेकर इंडस्ट्री ज्यादा संवेदनशील हुई। यहीं से इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर्स की जरूरत महसूस होने लगी और आस्था खन्ना जैसे प्रोफेशनल्स का महत्व बढ़ गया।

विदेश में पढ़ाई, सिनेमा से पुराना लगाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, आस्था खन्ना का जन्म और पालन-पोषण भारत में हुआ। उन्हें बचपन से ही फिल्मों और विजुअल स्टोरीटेलिंग में दिलचस्पी थी। उन्होंने यूके की University of York से फिल्म और टीवी प्रोडक्शन में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने भारत, यूके और दक्षिण-पूर्व एशिया में कई प्रोडक्शन प्रोजेक्ट्स पर काम किया। इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर बनने से पहले वे कई फिल्मों में प्रोडक्शन और डायरेक्शन टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने अंधाधुन, गहराइयां जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम किया है।

आस्था खन्ना को कैसे मिला यह अनोखा करियर?

एक इंटरव्यू में आस्था खन्ना ने बताया था कि उन्होंने पश्चिमी देशों में इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर पर एक आर्टिकल पढ़ा था और वहीं से उन्हें इस फील्ड में आने की इंस्पिरेशन मिली। उन्होंने कहा, “मैंने पश्चिम में इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर पर एक लेख पढ़ा था। उस लेख ने मुझे अंदर तक प्रभावित किया।” इसके बाद उन्होंने इंटरनेशनल स्तर पर ट्रेनिंग लेकर भारत में इस प्रोफेशन की शुरुआत की। आस्था खन्ना ने एक इंटरव्यू में बताया था, “मैं ना तो किसी चीज़ को गलत ठहराने आई हूं और ना ही किसी पर रोक लगाने। मेरा काम सिर्फ सेट पर इंटीमेसी को सुरक्षित बनाना है।” उन्होंने यह भी कहा कि इंटीमेट सीन शूट करते समय कलाकारों की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा सबसे अहम होती है।

सेट पर कैसे काम करती हैं आस्था खन्ना?

आस्था खन्ना कलाकारों के साथ पहले से बातचीत करती हैं, सीमाएं तय करवाती हैं और पूरे सीन की कोरियोग्राफी बनाती हैं। 2023 में Netflix सीरीज ‘Class’ को लेकर बातचीत में आस्था खन्ना ने फिल्म कम्पैनियन को बताया था कि इंटीमेट सीन को रियल दिखाने के लिए कई टेक्निकल चीजों और प्रॉस्थेटिक्स का इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा था, "कलाकारों को कभी पूरी तरह न्यूड होकर शूट नहीं करना चाहिए।” उन्होंने पुराने दौर के सेट्स का अनुभव साझा करते हुए यह भी बताया कि कभी-कभी कलाकारों की सहमति के बिना भी सीन बदल दिए जाते थे।

कलाकारों की सुरक्षा और कम्फर्ट को देती हैं प्राथमिकता

इंटीमेट सीन शूट करते समय कई बार कलाकार असहज महसूस कर सकते हैं। ऐसे में इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर यह सुनिश्चित करता है कि:-

  • कोई भी सीन बिना सहमति शूट ना हो 
  • कलाकारों पर दबाव ना बनाया जाए 
  • कैमरा एंगल और मूवमेंट पहले से तय हों 
  • शूटिंग सेट पर सीमित लोग मौजूद रहें

अब यह प्रोफेशन भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। पहले भारत में इस तरह की भूमिका के बारे में बहुत कम लोग जानते थे। लेकिन अब बड़े बैनर्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स भी इंटीमेसी को-ऑर्डिनेशन को प्रोफेशनल जरूरत मानने लगे हैं।

मैं कोई सेक्स पुलिस नहीं : आस्था खन्ना

2021 में टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए इंटरव्यू में आस्था ने बताया था, “मैं सेक्स पुलिस नहीं हूं, मेरा काम सिर्फ सेट पर सेक्स को सुरक्षित बनाना है।” उन्होंने यह भी बताया कि भारत में इंटीमेसी को-ऑर्डिनेशन जैसा सिस्टम पहले मौजूद नहीं था, इसलिए उन्होंने अमेरिका की Intimacy Professionals Association से ट्रेनिंग ली। इसी बातचीत में उन्होंने कलाकारों की सहमति और सीमाओं को लेकर कहा था, “कंसेंट कभी भी बदला जा सकता है। कलाकार को ‘ना’ कहने का अधिकार हमेशा होना चाहिए।”