पंजाब के जालंधर में दर्दनाक सड़क हादसे में यो यो हनी सिंह के भांजे विदित ओलाक और उनके दोस्त आरव तलवार की मौत हो गई। दोनों बर्थडे पार्टी से घर लौट रहे थे।

यो यो हनी सिंह के परिवार से एक दुखद खबर सामने आई है। पंजाब के जालंधर में हुए एक भीषण सड़क हादसे में उनके भांजे विदित ओलाक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में विदित के दोस्त आरव तलवार ने भी जान गंवा दी। दोनों एक दोस्त की बर्थडे पार्टी से कार में सवार होकर घर लौट रहे थे, तभी उनकी गाड़ी सड़क पर खड़े नगर निगम के ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों की जान चली गई। घटना के बाद हनी सिंह ने भी सोशल मीडिया पर इंस्टाग्राम स्टोरी साझा की।

जालंधर में कैसे हुआ यो यो हनी सिंह के भांजे का एक्सीडेंट?

पंजाब के जालंधर में रविवार तड़के यह दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। हादसा पुलिस लाइंस इलाके के पास फ्लाईओवर पर हुआ, जहां वोक्सवैगन कार सड़क पर खड़ी नगर निगम की ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। कार में विदित ओलाक और आरव तलवार समेत पांच लोग सवार थे। दोनों दोस्त एक बर्थडे पार्टी से लौट रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विदित और आरव की जान चली गई।

विदित ओलाक और आरव तलवार कौन थे?

हादसे में जान गंवाने वाले विदित ओलाक, गायक यो यो हनी सिंह के भांजे थे। वह पंजाबी म्यूजिक कंपनी स्पीड रिकॉर्ड्स के मालिक दिनेश के बेटे थे। वहीं, दूसरे मृतक आरव तलवार, पप्पी स्वीट्स के मालिक के बेटे थे। दोनों दोस्त थे और एक जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे। इस हादसे ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

सड़क पर क्यों खड़ी थी नगर निगम की ट्रैक्टर-ट्रॉली?

बरादरी पुलिस स्टेशन के एसएचओ साहिल चौधरी के मुताबिक, पुलिस को हादसे की सूचना रात करीब 3 बजे मिली थी। उस समय नगर निगम के सफाई कर्मचारी फ्लाईओवर पर सफाई कर रहे थे। कचरा इकट्ठा करने के लिए उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर खड़ी की हुई थी। इसी दौरान कार बीएमसी चौक से बीएसएफ चौक की ओर जा रही थी और खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई।

कार में कितने लोग सवार थे और पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

पुलिस अधिकारी साहिल चौधरी के मुताबिक, हादसे से पहले वोक्सवैगन कार में कुल पांच लोग सवार थे। विदित ओलाक और आरव तलवार की दुर्घटना में मौत हो गई, जबकि कार में मौजूद बाकी तीन लोग पहले ही अपने घर लौट चुके थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शवों को कब्जे में लिया। परिवारों ने आगे कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिए।