
'दूसरे मुल्क में होते तो नामोनिशान मिट जाता!', प्रदर्शन के बीच विपक्ष पर भड़के अन्नू कपूर
चुनाव आयोग और SIR के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन पर अन्नू कपूर ने दोटूक राय रखी। बोले- लोकतंत्र में विरोध का हक है, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ बर्दाश्त नहीं।
SIR और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन पर अन्नू कपूर ने विपक्ष को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र है, तभी आप सरकार के खिलाफ आवाज उठा पा रहे हैं। अगर लोकतंत्र नहीं होता, तो आप जेल में नहीं, कहीं और पहुंचा दिए गए होते।” अन्नू कपूर ने यह तक कहा कि अगर यही प्रदर्शन दूसरे किसी मुल्क में चल रहा तो प्रदर्शनकारियों का नामों-निशान तक न बचता। अन्नू ने विरोध के अधिकार का समर्थन किया, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ को गलत बताते हुए कहा कि ऐसे हालात से निपटना सरकार की जिम्मेदारी है। वीडियो में देखें अन्नू कपूर का पूरा बयान...