नई दिल्ली. बीती 18 मई को कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने साइकिल चलाती एक महिला तस्वीर ट्वीट की थी। जिसमें एक साइकिल चलाती महिला ने अपने बच्चे को पीठ पर बांधा हुआ है। साइकिल की पिछली सीट पर एक बोरी भी बंधी हुई है। सुरजेवाला ने तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, “न्यू इंडिया का सच!.”। उनके इस तस्वीर की हकीकत जब जानने की कोशिश की गई तो ये तस्वीर नेपाल की निकली। हांलाकि सुरजेवाला ने ये तस्वीर अब डिलीट कर दी है।

क्या था सुरजेवाला का ट्वीट  
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 18 मई को अपने ट्विटर हैंडल से एक पोस्ट की। इस पोस्ट में सुरजेवाला ने एक महिला की साइकिल चलाते हुए शेयर की। इसमें उसकी पीठ पर एक बच्चा बंधा हुआ और है साइकिल के पीछे एक बोरी बंधी हुई है । सुरजेवाला ने ये तस्वीर उस वक़्त शेयर की जब देश में लॉकडाउन की वजह से लाखों प्रवासी मज़दूर अपने राज्य वापस जाने के लिए पैदल ही सफ़र तय कर रहे हैं।

 

फैक्ट चेकिंग 
इंटरनेट पर जब इस तस्वीर की सच्चाई जानने की कोशिश की गई तो इसकी हकीकत सामने आ गई . बिंग पर रिवर्स इमेज सर्च करने से यूके बेस्ड ब्लॉग ‘cyclechic.co.uk’ की एक रिपोर्ट में ये तस्वीर मिली। 2016 के आर्टिकल में इस तस्वीर का सोर्स ‘पिंटरेस्ट’ को बताया गया है। ‘पिंटरेस्ट’ ने इस तस्वीर का श्रेय ‘infonews.com’ नाम की एक वेबसाइट को दिया है. तस्वीर के साथ बताया है, “महिला और उसके बच्चे की ये तस्वीर नेपालगंज, नेपाल में ली गई है। जहां पर साइकिल से ट्रैवेल करना एक आम बात है। ” पिंटरेस्ट पर दिया गया ‘infonews.com’ लिंक बंद हो चुका है।

 

एक अखबार की 19 मई की एक फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट में इस तस्वीर के यूरोपियन प्रेस फ़ोटो एजेंसी में उपलब्ध होने की बात बताई गई है। फ़ोटो एजेंसी द्वारा दी गई डीटेल के मुताबिक, इस तस्वीर को नरेंद्र श्रेष्ठा ने 29 जून 2012 को खींचा था। कैप्शन में बताया गया है कि एक नेपालियन महिला ने अपने बच्चे को पीठ पर बांधकर राजधानी काठमांडू से करीब 573 किलोमीटर दूर नेपालगंज तक सफ़र किया।  

 

ये निकला नतीजा 
फैक्ट चेकिंग में कांग्रेसी नेता सुरजेवाला की ये पोस्ट झूठी निकली। जिस तस्वीर को उन्होंने न्यू इंडिया का सच कैप्शन के साथ शेयर की थी दरअसल वह नेपाल की निकली। हांलाकि बाद में बिना कोई कारण बताए सुरजेवाला ने ये पोस्ट डिलीट भी कर दी।