सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लेह के ADC गुलाम मोहम्मद की ओर से दावा किया जा रहा है कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी गृह मंत्रालय के कहने पर हुई है। फैक्ट चेक में ये वीडियो पूरी तरह फर्जी निकला है।  

Fact Check: सोशल मीडिया पर अक्सर फर्जी वीडियो धड़ल्ले से वायरल होते हैं। AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने के बाद तो इनकी संख्या और भी तेजी से बढ़ी है। एआई की मदद से ऑरिजिनल वीडियो में फर्जी वॉइस मिक्स कर कई बार प्रोपेगेंडा भी चलाया जाता है। ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों खूब वायरल किया जा रहा है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

वायरल वीडियो में क्या किया जा रहा दावा?

Anuska Tiwari नाम के X हैंडल पर शेयर किए गए इस वीडियो में लेह के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गुलाम मुहम्मद नजर आ रहे हैं, जो दावा करते हैं कि सोनम वांगचुक को गृह मंत्रालय के निर्देश पर गिरफ्तार किया गया था। वीडियो में वो कहते हैं- जैसा कि सब जानते हैं कि दुर्भाग्य से लेह में जो हादसा हुआ उसमें 90 लोग जिला अस्पताल में भर्ती हुए थे। इनमें 4 की डेथ हुई, जबकि 7 गंभीर हैं। वहीं मेजर ट्रॉमा में 20 लोग थे। मैं लद्दाख की जनता से विनती करता हूं कि हमें गृह मंत्रालय की तरफ से सोनम वांगचुक को अरेस्ट करने का ऑर्डर जारी किया गया था। हमें अमित शाह जी के ऑफिस से हुक्म था कि आपको सोनम वांगचुक पर पाकिस्तान एजेंट होने का आरोप लगाना है। मैं लेह की जनता से विनती करता हूं कि प्लीज हमारे पुलिसवालों पर अटैक न करें। अगर आपको कुछ करना है तो बीजेपी ऑफिस जाएं और उनसे बात करें। हमारा इस गिरफ्तारी में कोई रोल नहीं है।

ये भी पढ़ें : Fact Check: मोदी सरकार दे रही 3 महीने का फ्री मोबाइल रिचार्ज, जानें वायरल मैसेज का सच

Scroll to load tweet…

क्या है सच्चाई?

फैक्ट चेक में ये वीडियो पूरी तरह फर्जी निकला है। इसे AI की मदद से बनाया गया है। लेह के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।आप https://facebook.com/share/v/1Cs7dxT3X9/ इस लिंक पर जाकर ऑरिजिनल वीडियो देख सकते हैं।

निष्कर्ष

भ्रामक और दहशत फैलाने के लिए फर्ज़ी AI वीडियो फैलाए जा रहे हैं। अगर आपके पास भी इस तरह का कोई वीडियो आता है तो पीआईबी के व्हाट्सऐप नंबर 918799711259 या फिर factcheck@pib.gov.in पर उसकी जानकारी दे सकते हैं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वेरिफाइड जानकारी के लिए केवल ऑफिशियल सोर्स पर ही भरोसा करें।

ये भी देखें : Fact Check: छात्रों को मुफ्त लैपटॉप बांट रही सरकार, जानें वायरल मैसेज की सच्चाई