सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी खबरें काफी तेजी से वायरल होती हैं। कई बार लोग जाने-अनजाने इन पर भरोसा भी कर लेते हैं। वाराणसी के रोपवे को लेकर एक ऐसी ही पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें इसकी लागत की तुलना जापान की मैग्लेव ट्रेन से की गई है। 

Fake Check: सोशल मीडिया पर अक्सर तमाम तरह के बड़े-बड़े दावे करने वाली पोस्ट और वीडियो शेयर किए जाते हैं। इनमें ज्यादातर फर्जी होते हैं। इसी तरह की एक पोस्ट इन दिनों खूब वायरल हो रही है, जिसमें जापान की मैग्लेव ट्रेन की लागत को वाराणसी के रोपवे प्रोजेक्ट की लागत के साथ गलत तरीके से कम्पेयर किया जा रहा है। फैक्ट चेक में इस पोस्ट में बताए गए सभी आंकड़े गलत हैं और ये जानकारी पूरी तरह मिसलीडिंग और फेक है।

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वायरल पोस्ट में क्या किया जा रहा दावा?

'द न्यू इंडिया' नाम के फेसबुक पेज पर वायरल हो रही एक पोस्ट में दावा किया गया है कि जापान की मैग्लेव ट्रेन, जो 310 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से चलती है, की लागत 616 करोड़ रुपए है, जबकि वाराणसी में बने 3.75 किलोमीटर लंबे रोपवे की लागत 800 करोड़ रुपए आई है।

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क्या है सच्चाई?

PIB फैक्ट चेक में ये दावा पूरी तरह भ्रामक निकला है। पोस्ट में जिस मैग्लेव ट्रेन का ज़िक्र किया जा रहा है, वो भारत में नहीं चलती है। जापान की मैग्लेव ट्रेन के एक सेट की लागत की तुलना वाराणसी के रोपवे प्रोजेक्ट की कुल लागत से की गई है। पूरे मैग्लेव ट्रेन की एक्चुअल लागत कहीं ज़्यादा है। पीआईबी ने अपील की है कि इस तरह की भ्रामक सामग्री फैलाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट से सावधान रहें। ऐसे दावों की पुष्टि हमेशा भारत सरकार के ऑफिशियल सोर्सेज से ही करें।

निष्कर्ष

सोशल मीडिया पर इस तरह के कई भ्रामक वीडियो और पोस्ट वायरल होती हैं। इनमें फर्जी सरकारी स्कीमों से लेकर कई तरह के दावे करने वाली सामग्री होती है। इस तरह की पोस्ट पर बिल्कुल भी यकीन न करें। सच्चाई जानने के लिए किसी भरोसेमंद सरकारी वेबसाइट या पोर्टल पर जाकर जानकारी प्राप्त करें।