फैक्ट चेक डेस्क. Covid Patients Lying Outside Hospital Video Fact Check: अस्पताल के बाहर बेड पर लेटे हुए मरीज़ों का 1 मिनट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर किया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे सैकड़ों की तादाद में मरीज अस्पताल के बाहर बैठे और लेटे हुए हैं। गर्मी के मारे मरीज बेहाल हैं और उनके परिवार के लोग उनकी तीमारदारी में लगे हैं। किसी को स्ट्रेचर पर ले जाया जा रहा है तो किसी को अस्पताल के बाहर ही बेड पर इलाज दिया जा रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि कोरोना संक्रमित मरीज इतने बढ़ गए हैं कि भीषण गर्मी में अस्पताल के बाहर लेटने को मजबूर हैं। वहीं इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए लोग सवाल भी उठा रहे हैं। वीडियो के बारे में लोग जानना चाहते हैं कि क्या ये वीडियो भारत के अस्पताल की हालिया स्थिति दिखा रहा है?

फैक्ट चेक में आइए जानते हैं कि आखिर ये वीडियो कहां का है? 

वायरल पोस्ट क्या है?

फेसबुक, ट्विटर पर वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि, हैदराबाद के ओसमानिया अस्पताल के बाहर कोरोना संक्रमित मरीजों का अंबार लगा है। अस्पताल फुल है तो मरीज बाहर ही लेटने को मजबूर है।

क्या दावा किया जा रहा है?

वहीं व्हाट्सऐप पर सेम वीडियो को यूज़र्स महाराष्ट्र के ठाणे-भिवंडी एरिया का बता रहे हैं। सेम दावे के साथ वीडियो शेयर किया जा रहा है। इतना ही नहीं वीडियो पाकिस्तान में भी जमकर वायरल है। वहां के लोग इस वीडियो को लौहार के अस्पताल के मौजूदा कोरोना केस से जोड़कर शेयर कर रहे हैं। 

फैक्ट-चेक

जब हमने वीडियो के फ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया जिससे हमें पाकिस्तान के मीडिया आउट्लेट ‘सियासत’ की एक न्यूज़ रिपोर्ट मिली। 15 जून की इस रिपोर्ट में इस वीडियो को लाहौर के सर्विस अस्पताल का बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये वीडियो कोरोना वायरस से जुड़ा हुआ नहीं है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि अस्पताल में शायद शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी जिस वजह से मरीज़ों को अलग-अलग वॉर्ड से बाहर निकाला गया था। वायरल वीडियो में दिखने वाली अस्पताल की ईमारत और गूगल मैप पर मौजूद सर्विस अस्पताल की तस्वीर को कम्पेयर करने पर ये बात साफ़ हो जाती है कि ये वीडियो पाकिस्तान के सर्विस अस्पताल का ही है।

सच क्या है? 

की-वर्ड्स सर्च से हमें इस घटना के बारे में पब्लिश हुई कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। ‘गल्फ़ न्यूज़’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना 13 जून को हुई थी। रिपोर्ट में वायरल वीडियो के बारे में भी ज़िक्र ये कहते हुए किया गया कि अस्पताल के बाहर बेड पर लेटे हुए मरीज़ों का वीडियो सोशल मीडिया में भ्रामक दावों के साथ शेयर हो रहा है। पाकिस्तानी मीडिया संगठन समा की रिपोर्ट में बताया गया है कि कम से कम 40 मरीज़ों को आग की वजह से शिफ़्ट किया गया। 

ये निकला नतीजा  

इस तरह लाहौर, पाकिस्तान के अस्पताल में लगी आग की घटना का वीडियो सोशल मीडिया में कोरोना के कारण भारत के अस्पतालों की हालत के झूठे दावे से शेयर किया जा रहा है। ये वीडियो किसी भी तरह भारत से जुड़ा नहीं है।