जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद कई फेक वीडियो और मैसेज वायरल हो रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो फॉरवर्ड किया जा रहा है, जिसमें महिला प्रदर्शनकारियों को पुलिस घसीट रही है और एक बस के अंदर धकेल रही है। कश्मीर की वर्तमान स्थिति बताकर वीडियो को शेयर किया जा रहा है।  

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद कई फेक वीडियो और मैसेज वायरल हो रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो फॉरवर्ड किया जा रहा है, जिसमें महिला प्रदर्शनकारियों को पुलिस घसीट रही है और एक बस के अंदर धकेल रही है। कश्मीर की वर्तमान स्थिति बताकर वीडियो को शेयर किया जा रहा है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

वायरल न्यूज में क्या है?
इस वीडियो को फेसबुक पेज 'MaaZoo' द्वारा साझा किया गया था और 23 अगस्त के बाद से 3 मिलियन से अधिक बार देखा गया है। लगभग एक मिलियन शेयर है। पेज का दावा है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीरियों के साथ क्या हो रहा है। 

वायरल न्यूज की पड़ताल

- वीडियो से स्क्रिन शॉट लेकर उसे गूगल पर रिवर्स इमेज कर सर्च करने पर एक खबर खुली, जो हरियाणा में शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन की निकली। फिर इसी नाम से यू-ट्यूब पर वीडियो सर्च करने पर 2017 का वीडियो मिला। वायरल वीडियो भी वही है।

- यह वीडियो हरियाणा में शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन का है। इस वीडियो को 11 जून 2017 को करनाल ब्रेकिंग न्यूज पेज पर भी पोस्ट किया गया है। पोस्ट के मुताबिक महिला पुलिसकर्मियों को घसीटते हुए और बसों में ले जाते समय जेबीटी शिक्षक मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के बाहर विरोध कर रहे थे। नौकरी बचाने के लिए जेबीटी शिक्षकों द्वारा सीएम सिटी करनाल में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था।

- द ट्रिब्यून की 2 जून, 2017 की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा सरकार ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए जेबीटी और प्राथमिक शिक्षकों की संशोधित संयुक्त मेरिट लिस्ट जारी की। संशोधित लिस्ट के साथ लगभग 1,225 जूनियर बेसिक ट्रेनिंग शिक्षक और प्राथमिक शिक्षक, जिन्हें नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे, उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ रहा है। हरियाणा में दो साल पुराने विरोध का यह वीडियो वायरल हो रहा है। 

निष्कर्ष 
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां हिंसा के कई फेक वीडियो वायरल हो रहे हैं, उन्हीं में से एक यह वीडियो भी है। वीडियो 2017 का हरियाणा में हुए शिक्षकों के प्रदर्शन का है, जिसे कश्मीर का बोलकर वायरल किया जा रहा है। यह पूरी तरह से फेक वीडियो है।