नई दिल्ली. कांग्रेस के नेता शकील अहमद ने हिंदी अखबार की एक क्लिप शेयर की है। खबर की हेडलाइन है, "268 टन सोना गिरवी रखा"। हेडलाइन के साथ लिखा है, मोदी सरकार ने पूरे मामले को गोपनीय रखा। इस पोस्ट के साथ शकील अहमद ने लिखा है, अगर यह सूचना सही है तो बहुत चिंताजनक है।

वायरल न्यूज में क्या है?

खबर में लिखा है, "ईमानदार और पारदर्शी होने का ढिंढोरा पीटने वाली मोदी सरकार ने 268 टन सोना गिरवी रख दिया, जिसकी किसी को कानो कान खबर नहीं होने दी। इस बात को साढ़े चार साल होने को है और अब आरटीआई के माध्यम से खुलासा हुआ है। खोजी पत्रकार नवनीत चतुर्वेदी ने आरटीआई के माध्यम से खुलासा किया की मोदी सरकार ने जुलाई 2014 में उक्त सोना गिरवी रखा।"

वायरल न्यूज की पड़ताल
 

- नवनीत चतुर्वेदी के नाम से यह खबर लिखी गई। हमने इनके बारे में खोज की तो पता चला कि ये लोकसभा चुनाव में दक्षिण दिल्ली सीट से नेशनल यूथ पार्टी के प्रत्याशी थे। उन्होंने 1 मई 2019 को एक ब्लॉग में वही लिखा था, जो न्यूज क्लिप वायरल हो रही है।

- ब्लॉग में नवनीत चतुर्वेदी ने आरटीआई का स्क्रीन शॉट भी शेयर किया था, जिसमें लिखा था, सोना विदेशी बैंकों में सुरक्षित है। इसमें गिरवी रखने की बात नहीं कही गई है।

- हमने आरबीआई की साइट पर भी सर्च किया। वहां 3 मई 2019 को बैंक की वेबसाइट पर एक सूचना मिली। उसमें लिखा था, "हमें कई प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया पर दिखा कि 2014 में भारतीय रिजर्व बैंक ने सोना विदेशों में भेजा है। यह किसी भी देश के केंद्रीय बैंक द्वारा किया जाने वाला एक सहज अभ्यास है ताकि सोना सही सलामत, सुरक्षित रह सके। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 2014 में या उसके बाद सोना विदेश नहीं भेजा गया। इस तरह की खबरें गलत हैं।"

- सितंबर 2018 में आरबीआई द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में भारत के पास 586.44 टन सोना है जिसमें से 294.14 टन सोना विदेशी बैकों में रखा हुआ है। लेकिन इसे गिरवी रखा सोना नहीं कहा जा सकता है। 

निष्कर्ष
यह दावा कि मोदी सरकार ने आरबीआई के 268 टन सोने को गिरवी रखा है गलत है। आरबीआई ने खुद कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 2014 में या उसके बाद सोना विदेश नहीं भेजा गया।