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पापा की उंगली पकड़ चुनावी मैदान में कूदेगी आरजेडी की दूसरी पीढ़ी, दूसरी पार्टियों में भी कतार में लाडले

First Published Oct 5, 2020, 6:20 PM IST
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पटना (Bihar) । बिहार की राजनीति में परिवारवाद हावी है। ज्यादातर लोग कुछ ही नेताओं को जानते हैं। लेकिन, ऐसा नहीं हैं, क्योंकि ये लिस्ट बहुत लंबी है। बात अगर इसी बार विधानसभा चुनाव (Assembly elections) की करें तो 15 से ज्यादा ऐसे चेहरे मिल जाएंगे, जिनकी दूसरी पीढ़ी इस बार चुनाव लड़ेगी। हालांकि सबसे दिलचस्प मुकाबला लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav)और राबड़ी देवी (Rabri Devi) की बेटों तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav)  और तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को लेकर है, जिनमें एक सीएम फेस के रूप में हैं तो दूसरे के सामने उन्हीं की ही पत्नी चुनाव मैदान में हो सकती है।

बताते चले कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव की 243 सीटों पर तीन चरण में मतदान हो रहा है। पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को होगा, जिसके लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। वहीं दूसरे चरण के लिए चुनाव तीन और सात नवंबर को होगा, जबकि दस नवंबर को मतगणना होगी।

बताते चले कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव की 243 सीटों पर तीन चरण में मतदान हो रहा है। पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को होगा, जिसके लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। वहीं दूसरे चरण के लिए चुनाव तीन और सात नवंबर को होगा, जबकि दस नवंबर को मतगणना होगी।

तेज प्रताप यादव यादव लालू प्रसाद यादव के बेटे हैं। वो बिहार के स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। इस बार हसनपुर से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन, उनके सामने उनकी पत्नी ऐश्वर्या ही जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं। बता दें कि दोनों के तलाक का मामला कोर्ट में लंबित है। बता दें कि ऐश्वर्या के पिता चंद्रिका राय विधायक और मंत्री भी रह चुके हैं।
 

तेज प्रताप यादव यादव लालू प्रसाद यादव के बेटे हैं। वो बिहार के स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। इस बार हसनपुर से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन, उनके सामने उनकी पत्नी ऐश्वर्या ही जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं। बता दें कि दोनों के तलाक का मामला कोर्ट में लंबित है। बता दें कि ऐश्वर्या के पिता चंद्रिका राय विधायक और मंत्री भी रह चुके हैं।
 

पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद पुतुल देवी की बेटी अंतर राष्ट्रीय निशानेबाज श्रेयसी सिंह भी अब परिवार की राजनीतिक विरासत संभालने के लिए तैयार हैं। वे भाजपा से इस बार चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। बता दें कि श्रेयसी 2018 के राष्ट्र मंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीती थीं। इससे पहले ग्लासगो में हुए 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी की डबल ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीता था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें 2018 में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा था।
 

पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद पुतुल देवी की बेटी अंतर राष्ट्रीय निशानेबाज श्रेयसी सिंह भी अब परिवार की राजनीतिक विरासत संभालने के लिए तैयार हैं। वे भाजपा से इस बार चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। बता दें कि श्रेयसी 2018 के राष्ट्र मंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीती थीं। इससे पहले ग्लासगो में हुए 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी की डबल ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीता था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें 2018 में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा था।
 

पुष्पम प्रिया चौधरी भी इस बार दो जगह से चुनाव लड़ेंगी। उनके पिता विनोद चौधरी हैं जदयू नेता रहे हैं और विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। पुष्पम के पास राजनीतिक विरासत जरूर है। लेकिन, उनका कोई सियासी अनुभव नहीं है। उन्होंने प्लूरल्स पार्टी बनाई है और जिनकी पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं।

पुष्पम प्रिया चौधरी भी इस बार दो जगह से चुनाव लड़ेंगी। उनके पिता विनोद चौधरी हैं जदयू नेता रहे हैं और विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। पुष्पम के पास राजनीतिक विरासत जरूर है। लेकिन, उनका कोई सियासी अनुभव नहीं है। उन्होंने प्लूरल्स पार्टी बनाई है और जिनकी पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं।

तेजस्वी यादव लालू प्रसाद यादव के बेटे हैं। वे पहले क्रिकेटर बनना चाहते थे। लेकिन, 2015 के चुनाव से राजनीति में आए। पहली ही बार में विधायक चुने गए। जेडीयू-आरजेडी और कांग्रेस के गठबंधन की सरकार बनने पर बिहार के डिप्टी सीएम बनें। लेकिन, डेढ़ साल बाद गठबंधन टूटने पर जेडीयू ने अलग अपनी सरकार बना ली। इसके बाद से वो नेता विपक्ष की भूमिका में है। इस बार महागठबंधन से सीएम फेस भी है।

तेजस्वी यादव लालू प्रसाद यादव के बेटे हैं। वे पहले क्रिकेटर बनना चाहते थे। लेकिन, 2015 के चुनाव से राजनीति में आए। पहली ही बार में विधायक चुने गए। जेडीयू-आरजेडी और कांग्रेस के गठबंधन की सरकार बनने पर बिहार के डिप्टी सीएम बनें। लेकिन, डेढ़ साल बाद गठबंधन टूटने पर जेडीयू ने अलग अपनी सरकार बना ली। इसके बाद से वो नेता विपक्ष की भूमिका में है। इस बार महागठबंधन से सीएम फेस भी है।

आरजेडी ने इस बार राहुत तिवारी को शाहपुर विधानसभा सीट से टिकट दिया है। वो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद रह चुके शिवानंद तिवारी के बेटे हैं। बता दें कि वह लालू प्रसाद यादव के करीबी नेताओं में से एक थे, जो 2019 से अब राजनीति से दूर हो गए हैं।   
( फोटो में शिवानंद तिवारी)

आरजेडी ने इस बार राहुत तिवारी को शाहपुर विधानसभा सीट से टिकट दिया है। वो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद रह चुके शिवानंद तिवारी के बेटे हैं। बता दें कि वह लालू प्रसाद यादव के करीबी नेताओं में से एक थे, जो 2019 से अब राजनीति से दूर हो गए हैं।   
( फोटो में शिवानंद तिवारी)


आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर को भी तेजस्वी यादव की टीम से टिकट मिला है। बता दें कि जगदानंद सिंह रामगढ़ से लंबे समय तक एमएलए रहे हैं। बक्सर से एक बार सांसद भी रह चुके हैं। राजद सरकार में वे जल संसाधन मंत्री रहे हैं। लालू परिवार के करीबी होने के साथ क्षेत्र में काम के लिए भी जाने जाते हैं। (फोटो में जगदानंद सिंह)



 

आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर को भी तेजस्वी यादव की टीम से टिकट मिला है। बता दें कि जगदानंद सिंह रामगढ़ से लंबे समय तक एमएलए रहे हैं। बक्सर से एक बार सांसद भी रह चुके हैं। राजद सरकार में वे जल संसाधन मंत्री रहे हैं। लालू परिवार के करीबी होने के साथ क्षेत्र में काम के लिए भी जाने जाते हैं। (फोटो में जगदानंद सिंह)

 

ओबरा विधानसभा सीट से आरजेडी ने ऋषि यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। वो पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह के बेटे हैं। बता दें कि कांति सिंह की गिनती राजद बड़े नेताओं में होती है। (फोटो में कांति सिंह)
 

ओबरा विधानसभा सीट से आरजेडी ने ऋषि यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। वो पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह के बेटे हैं। बता दें कि कांति सिंह की गिनती राजद बड़े नेताओं में होती है। (फोटो में कांति सिंह)
 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे शाश्वत चौबे, कुछ महीने पहले राजद छोड़ जदयू में गए राधाचरण सेठ के बेटे कन्हैया प्रसाद, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद, रामदेव राय के बेटे शिवप्रकाश गरीबदास, पूर्व मंत्री उपेंद्र प्रसाद वर्मा के बेटे जय कुमार वर्मा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदनमोहन झा के बेटे माधव झा, पूर्व केंन्द्रीय मंत्री रामकृपाल यादव के बेटे अभिमन्यु भी चुनाव लड़ सकते हैं। पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के दामाद देवेन्द्र मांझी भी चुनाव लड़ रहे हैं।

(पूर्व सीएम जीतन राम मांझी)

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे शाश्वत चौबे, कुछ महीने पहले राजद छोड़ जदयू में गए राधाचरण सेठ के बेटे कन्हैया प्रसाद, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद, रामदेव राय के बेटे शिवप्रकाश गरीबदास, पूर्व मंत्री उपेंद्र प्रसाद वर्मा के बेटे जय कुमार वर्मा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदनमोहन झा के बेटे माधव झा, पूर्व केंन्द्रीय मंत्री रामकृपाल यादव के बेटे अभिमन्यु भी चुनाव लड़ सकते हैं। पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के दामाद देवेन्द्र मांझी भी चुनाव लड़ रहे हैं।

(पूर्व सीएम जीतन राम मांझी)

सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद की विरासत संभाल रहे उनके पुत्र संजीव चौरसिया फिर से विधान सभा जाने के लिए विधान सभा चुनाव लड़ेंगे। पूर्व सांसद आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद और बेटे चेतन आनंद हाल ही में राजद में शामिल हुए हैं। चर्चा है कि चेतन भी चुनाव लड़ सकते हैं। पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह के दोनों बेटे अजय सिंह और सुमित सिंह भी चुनाव लड़ने की तैयार में। दोनों पहले भी विधायक रह चुके हैं। पूर्व सांसद दिवंगत तस्लीमुद्दीन के बेटे शहबाज आलम भी चुनाव लड़ेंगे।।

(फोटो में आनंद मोहन और उनकी पत्नी )

सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद की विरासत संभाल रहे उनके पुत्र संजीव चौरसिया फिर से विधान सभा जाने के लिए विधान सभा चुनाव लड़ेंगे। पूर्व सांसद आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद और बेटे चेतन आनंद हाल ही में राजद में शामिल हुए हैं। चर्चा है कि चेतन भी चुनाव लड़ सकते हैं। पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह के दोनों बेटे अजय सिंह और सुमित सिंह भी चुनाव लड़ने की तैयार में। दोनों पहले भी विधायक रह चुके हैं। पूर्व सांसद दिवंगत तस्लीमुद्दीन के बेटे शहबाज आलम भी चुनाव लड़ेंगे।।

(फोटो में आनंद मोहन और उनकी पत्नी )

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