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3 बार थे बिहार के मुख्यमंत्री, लॉकडाउन में दाने-दाने को मोहताज हुए घरवाले, तेजस्वी ने दिए एक लाख

First Published Jun 4, 2020, 10:53 PM IST
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पटना (Bihar) । बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री के घरवाले लॉकडाउन में दाने-दाने को मोहताज हैं। इस समय परिवार के सामने भुखमरी की स्थिति आ चुकी है। हालांकि इसकी जानकारी होने पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज पूर्व सीएम भोला पासवान शास्त्री के परिवार वालों से बातचीत की। उनकी माली हालत बेहद खराब देख तेजस्वी ने तत्काल पूर्व सीएम के परिवार एक लाख रुपये और पर्याप्त राशन उपलब्ध कराया है। बता दें कि भोला पासवान शास्त्री तीन बिहार के सीएम थे। 


भोला पासवान शास्त्री का जन्म 21 सितंबर 1914 को पूर्णियां के बैरगच्छी में हुआ था। वे एक बेहद ईमानदार और देशभक्त स्वतंत्रता सेनानी थे। बीएचयू से शास्त्री की डिग्री हासिल करने के बाद वह राजनीति में सक्रिय थे। 
 


भोला पासवान शास्त्री का जन्म 21 सितंबर 1914 को पूर्णियां के बैरगच्छी में हुआ था। वे एक बेहद ईमानदार और देशभक्त स्वतंत्रता सेनानी थे। बीएचयू से शास्त्री की डिग्री हासिल करने के बाद वह राजनीति में सक्रिय थे। 
 


भोला पासवान शास्त्री महात्मा गांधी से प्रभावित होकर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सक्रिय हुए थे। बहुत ही गरीब परिवार से आने के बावजूद वह बौद्धिक रूप से काफी सशक्त थे। 


भोला पासवान शास्त्री महात्मा गांधी से प्रभावित होकर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सक्रिय हुए थे। बहुत ही गरीब परिवार से आने के बावजूद वह बौद्धिक रूप से काफी सशक्त थे। 

कांग्रेस पार्टी ने उन्हें तीन बार अपना नेता चुना और वह तीन बार सीएम बने। वे फरवरी 1968 से जून 1968, जून 1969 से जुलाई 1969 और जून 1971 से जनवरी 1972 तक बिहार के सीएम बने थे।
 

कांग्रेस पार्टी ने उन्हें तीन बार अपना नेता चुना और वह तीन बार सीएम बने। वे फरवरी 1968 से जून 1968, जून 1969 से जुलाई 1969 और जून 1971 से जनवरी 1972 तक बिहार के सीएम बने थे।
 


भोला पासवान शास्त्री का कार्यकाल निर्विवाद था। उनका राजनीतिक व व्यक्तिगत जीवन साफ-सुधरा था।
 


भोला पासवान शास्त्री का कार्यकाल निर्विवाद था। उनका राजनीतिक व व्यक्तिगत जीवन साफ-सुधरा था।
 


इंदिरा गांधी ने भोला पासवान शास्त्री को तीन बार बिहार का मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री भी बनाया था। मगर इनकी ईमानदारी ऐसी थी कि मृत्यु के उपरांत इनके खाते में इतने पैसे नहीं थे कि ठीक से श्राद्ध कर्म भी करवाया जा सके।
 


इंदिरा गांधी ने भोला पासवान शास्त्री को तीन बार बिहार का मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री भी बनाया था। मगर इनकी ईमानदारी ऐसी थी कि मृत्यु के उपरांत इनके खाते में इतने पैसे नहीं थे कि ठीक से श्राद्ध कर्म भी करवाया जा सके।
 


भोला पासवान शास्त्री का 1984 में पटना में निधन हुआ था। पुत्र न होने के कारण उनका अंतिम संस्कार भतीजे बिरंची पासवान ने किया था।


भोला पासवान शास्त्री का 1984 में पटना में निधन हुआ था। पुत्र न होने के कारण उनका अंतिम संस्कार भतीजे बिरंची पासवान ने किया था।


कहा जाता है कि भोला पासवान शास्त्री को अपनी कोई संतान नहीं थी। विवाहित जरूर थे मगर पत्नी से अलग हो गई थीं।
 


कहा जाता है कि भोला पासवान शास्त्री को अपनी कोई संतान नहीं थी। विवाहित जरूर थे मगर पत्नी से अलग हो गई थीं।
 


सरकार की ओर से भोला पासवान शास्त्री के घरवालों को इंदिरा आवास मिला है। हालांकि उन्होंने कभी कुछ मांगा नहीं। लेकिन, इधर लॉकडाउन में परिवार भूखमरी के कगार पर आ गया।
 


सरकार की ओर से भोला पासवान शास्त्री के घरवालों को इंदिरा आवास मिला है। हालांकि उन्होंने कभी कुछ मांगा नहीं। लेकिन, इधर लॉकडाउन में परिवार भूखमरी के कगार पर आ गया।
 


पूर्व सीएम के घरवालों के घर वालों के इस हालत की जानकारी होने पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने उनके परिवार वालों से बातचीत की। उनकी माली हालत बेहद खराब देख तेजस्वी ने तत्काल पूर्व सीएम के परिवार एक लाख रुपये और पर्याप्त राशन उपलब्ध कराया है। 


पूर्व सीएम के घरवालों के घर वालों के इस हालत की जानकारी होने पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने उनके परिवार वालों से बातचीत की। उनकी माली हालत बेहद खराब देख तेजस्वी ने तत्काल पूर्व सीएम के परिवार एक लाख रुपये और पर्याप्त राशन उपलब्ध कराया है। 

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