Asianet News Hindi

शहनाई की जगह मातम; इसी साल होनी थी सुशांत की शादी, आखिरी बातचीत में पापा को कोरोना के लिए दिया था ये सुझाव

First Published Jun 15, 2020, 5:53 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

पटना (Bihar) । बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत से पूर्णिया का मल्डीहा गांव शोक में डूबा है। यहां खबर मिलने के बाद से चूल्हा तक नहीं जला है। परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक इसी साल नवंबर में ही सुशांत की शादी होनी थी और उसमें शामिल होने के लिए ही सभी को मुंबई भी जाना था। लेकिन, होनी को पता नहीं क्या मंजूर था। वहीं, पटना स्थित उनके घर और पिता कृष्ण कुमार सिंह की देखभाल करने वाली केयरटेकर लक्ष्मी बताती हैं कि आखिरी बार दो दिन पहले ही वह अपने पापा से बात किए थे। इस दौरान बोले थे पापा मैं ठीक हूं, आप लोग मेरी चिंता मत करिएगा, कोरोना फैला है आप सब ठीक बचकर रहिएगा।

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के पिता कृष्ण कुमार सिंह और घर की देखभाल करने वाली केयरटेकर लक्ष्मी बताती हैं कि सुशांत उन्हें 'दीदी' कहकर पुकारते थे और वे उन्हें बाबू कहती थी।
 

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के पिता कृष्ण कुमार सिंह और घर की देखभाल करने वाली केयरटेकर लक्ष्मी बताती हैं कि सुशांत उन्हें 'दीदी' कहकर पुकारते थे और वे उन्हें बाबू कहती थी।
 


एक्टर सुशांत ने दो दिन पहले फोन पर अपने पापा केके सिंह और उनकी व घर की देखभाल करने वाली केयर टेकर लक्ष्मी से बात की थी। इस दौरान बोले थे कि पापा मैं ठीक हूं, आप लोग मेरी चिंता मत करिएगा, कोरोना फैला है  आप सब ठीक बचकर रहिएगा।


एक्टर सुशांत ने दो दिन पहले फोन पर अपने पापा केके सिंह और उनकी व घर की देखभाल करने वाली केयर टेकर लक्ष्मी से बात की थी। इस दौरान बोले थे कि पापा मैं ठीक हूं, आप लोग मेरी चिंता मत करिएगा, कोरोना फैला है  आप सब ठीक बचकर रहिएगा।


लक्ष्मी ने कहा कि बाबू (सुशांत) ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि इस बार वह पटना आऊंगा तो पिताजी को ले जाऊंगा और फिर कहीं किसी पहाड़ी पर घूमने ले जाएगा।  लेकिन, बाबू तो नहीं आया, उसकी जगह यह मनहूस खबर आ गई।


लक्ष्मी ने कहा कि बाबू (सुशांत) ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि इस बार वह पटना आऊंगा तो पिताजी को ले जाऊंगा और फिर कहीं किसी पहाड़ी पर घूमने ले जाएगा।  लेकिन, बाबू तो नहीं आया, उसकी जगह यह मनहूस खबर आ गई।


लक्ष्मी ने बताया कि सुशांत की बड़ी बहन चंडीगढ़ में रहती हैं, जो पटना के लिए रवाना हो रही हैं। आसपास के लेागों को भी सुशांत से कभी कोई शिकायत नहीं रही।
 


लक्ष्मी ने बताया कि सुशांत की बड़ी बहन चंडीगढ़ में रहती हैं, जो पटना के लिए रवाना हो रही हैं। आसपास के लेागों को भी सुशांत से कभी कोई शिकायत नहीं रही।
 


आस पास के लोग कहते हैं कि एक साल पहले भी जब वह यहां आए थे तो उनमें स्टार बन जाने को लेकर अहंकार नजर नहीं आता था।


आस पास के लोग कहते हैं कि एक साल पहले भी जब वह यहां आए थे तो उनमें स्टार बन जाने को लेकर अहंकार नजर नहीं आता था।


आस पास के लोग बताते हैं कि पिछले साल जब सुशांत गांव आए थे तो उस समय सभी युवा दोस्तों के साथ उन्होंने क्रिकेट खेला था और बाग-बगीचे और मकई के खेतों का जमकर आनंद उठाया था। आज भी लोग उनके उस दिन को याद कर रो रहे हैं।


आस पास के लोग बताते हैं कि पिछले साल जब सुशांत गांव आए थे तो उस समय सभी युवा दोस्तों के साथ उन्होंने क्रिकेट खेला था और बाग-बगीचे और मकई के खेतों का जमकर आनंद उठाया था। आज भी लोग उनके उस दिन को याद कर रो रहे हैं।


अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की चाची पद्मा देवी कहती हैं कि वो (सुशांत) मजबूत इच्छाशक्ति वाला युवक था। वो हर किसी का दिल जीत लेता था और हमेशा हंसता और मुस्कुराता ही रहता था।


अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की चाची पद्मा देवी कहती हैं कि वो (सुशांत) मजबूत इच्छाशक्ति वाला युवक था। वो हर किसी का दिल जीत लेता था और हमेशा हंसता और मुस्कुराता ही रहता था।


सुशांत की चाची पद्मा देवी के मुताबिक गुलशन उर्फ सुशांत ने अगले साल घर आने का भी वादा किया था। उसने मुझसे कहा था कि मैं आपको हवाई जहाज से चारों धाम की यात्रा करवाऊंगा। अपने घर के चिराग की मौत से पूरा परिवार रो रहा है। सुशांत की चाची रोते हुए कहती हैं, अब कौन चारों धाम की यात्रा पर ले जाएगा। 


सुशांत की चाची पद्मा देवी के मुताबिक गुलशन उर्फ सुशांत ने अगले साल घर आने का भी वादा किया था। उसने मुझसे कहा था कि मैं आपको हवाई जहाज से चारों धाम की यात्रा करवाऊंगा। अपने घर के चिराग की मौत से पूरा परिवार रो रहा है। सुशांत की चाची रोते हुए कहती हैं, अब कौन चारों धाम की यात्रा पर ले जाएगा। 


सुशांत के घरवालों के मुताबिक नवंबर में ही सुशांत की शादी होनी थी और उसमें शामिल होने के लिए ही सभी को मुंबई भी जाना था। लेकिन, होनी को पता नहीं क्या मंजूर था। सबको साथ लेकर मुंबई ले जाने वाला गुलशन (सुशांत का गांव में पुकारने का नाम) अकेले ही हमें छोड़कर निकल गया।


सुशांत के घरवालों के मुताबिक नवंबर में ही सुशांत की शादी होनी थी और उसमें शामिल होने के लिए ही सभी को मुंबई भी जाना था। लेकिन, होनी को पता नहीं क्या मंजूर था। सबको साथ लेकर मुंबई ले जाने वाला गुलशन (सुशांत का गांव में पुकारने का नाम) अकेले ही हमें छोड़कर निकल गया।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios