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प्रवासी मजदूर वापस लौट रहे दूसरे राज्य, CM नीतीश कुमार ने की थी ये अपील

First Published Jun 6, 2020, 5:50 PM IST
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पटना (Bihar) । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई बार मजदूरों से संवाद किया और उनसे दोबारा रोजगार ढूंढने के लिए अन्य राज्यों में नहीं जाने की अपील की थी। इसके बावजूद अपने राज्य में रोजगार की बेहद कम संभावनाओं को देखते हुए लॉकडाउन के दौरान लाखों की संख्या में बिहार लौटे प्रवासी मजदूर अब फिर दूसरे राज्यों मे पलायन शुरू कर दिए हैं। पूर्णिया से तकरीबन डेढ़ दर्जन प्रवासी मजदूरों को हरियाणा के पानीपत ले जाने के लिए बकायदा उनके मालिक ने एक बस भेजकर उन्हें वापस बुला लिया। वहीं, आज मुजफ्फरपुर से सप्त क्रांति एक्सप्रेस में सवार होकर सैकड़ों की संख्या में प्रवासी मजदूर दिल्ली रवाना हो गए।
 


हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर पिछले 1 सप्ताह में पंजाब, हरियाणा, मुंबई और गुजरात के लिए ट्रेन और बस के माध्यम से रवाना हो चुके हैं। 


हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर पिछले 1 सप्ताह में पंजाब, हरियाणा, मुंबई और गुजरात के लिए ट्रेन और बस के माध्यम से रवाना हो चुके हैं। 


रोजाना हजारों की संख्या में मजदूरों का पलायन जारी है। बिहार के मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, पूर्णिया, सुपौल, सहरसा और समस्तीपुर से रोज बिहार लौटे प्रवासी मजदूर ट्रेन और बस के माध्यम से अन्य राज्यों में पलायन कर रहे हैं।


रोजाना हजारों की संख्या में मजदूरों का पलायन जारी है। बिहार के मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, पूर्णिया, सुपौल, सहरसा और समस्तीपुर से रोज बिहार लौटे प्रवासी मजदूर ट्रेन और बस के माध्यम से अन्य राज्यों में पलायन कर रहे हैं।


पानीपत लौटने वाले प्रवासी मजदूर मोहम्मद नैयर ने कहा कि हमलोग काम करने के लिए हरियाणा के पानीपत जा रहे हैं। वहां के एक बड़े किसान ने सरकार से अनुमति प्राप्त करने के बाद हम लोग के लिए बस भेजी है। कोविड-19 के खतरे के बावजूद भी परिवार का पेट पालने के लिए हम लोगों को बाहर जाना पड़ रहा है।
 


पानीपत लौटने वाले प्रवासी मजदूर मोहम्मद नैयर ने कहा कि हमलोग काम करने के लिए हरियाणा के पानीपत जा रहे हैं। वहां के एक बड़े किसान ने सरकार से अनुमति प्राप्त करने के बाद हम लोग के लिए बस भेजी है। कोविड-19 के खतरे के बावजूद भी परिवार का पेट पालने के लिए हम लोगों को बाहर जाना पड़ रहा है।
 


प्रवासी मजदूर बसंत शर्मा बताते हैं कि हम अमृतसर से वापस सहरसा लौटे थे। अमृतसर में मालिक का फोन आ रहा है कि ज्यादा पैसा देंगे और जल्दी आ जाओ। इसीलिए ट्रेन का टिकट कटाने के लिए आया हूं।


प्रवासी मजदूर बसंत शर्मा बताते हैं कि हम अमृतसर से वापस सहरसा लौटे थे। अमृतसर में मालिक का फोन आ रहा है कि ज्यादा पैसा देंगे और जल्दी आ जाओ। इसीलिए ट्रेन का टिकट कटाने के लिए आया हूं।


सहरसा लौटे प्रवासी मजदूर सूरज कुमार ने कहा कि एक महीने पहले हरियाणा से हमलोग वापस बिहार आए थे। यहां पर हमारे बच्चे भूखे मर रहे हैं और मालिक का फोन आया था। इसीलिए कमाने के लिए दोबारा अमृतसर जा रहे हैं।
 


सहरसा लौटे प्रवासी मजदूर सूरज कुमार ने कहा कि एक महीने पहले हरियाणा से हमलोग वापस बिहार आए थे। यहां पर हमारे बच्चे भूखे मर रहे हैं और मालिक का फोन आया था। इसीलिए कमाने के लिए दोबारा अमृतसर जा रहे हैं।
 

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