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भारत माता की जय और चीन मुर्दाबाद के नारों के बीच हुआ शहीदों का अंतिम संस्कार, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

First Published Jun 19, 2020, 3:20 PM IST
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पटना(Uttar Pradesh). लद्दाख के गलवान घाटी में शहीद हुए बिहार के चार जवानों का आज अंतिम संस्कार किया गया। गुरुवार को विशेष विमान से शहीदों का पार्थिव शरीर पटना लाया गया था। गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके गांव ले जाया गया। शहीदों के शव गांव में पहुंचते ही भारत माता की जय और चीन मुर्दाबाद के नारों के साथ पूरा इलाका गूंज उठा। चारों शहीदों का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 
 

शुक्रवार सुबह शहीद जवान जय किशोर सिंह का पार्थिव शरीर वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड के चकफतेह गांव लाया गया। पार्थिव शरीर को शहीद के पैतृक आवास पर परिजनों और गांव के लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। परिजनों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। 

शुक्रवार सुबह शहीद जवान जय किशोर सिंह का पार्थिव शरीर वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड के चकफतेह गांव लाया गया। पार्थिव शरीर को शहीद के पैतृक आवास पर परिजनों और गांव के लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। परिजनों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। 

इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने भारत माता की जय और शहीद जय किशोर अमर रहे के नारे लगाए। गंगा नदी के तट पर स्थित महनार के हसनपुर घाट पर राजकीय सम्मान के साथ शहीद जय किशोर सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। 

इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने भारत माता की जय और शहीद जय किशोर अमर रहे के नारे लगाए। गंगा नदी के तट पर स्थित महनार के हसनपुर घाट पर राजकीय सम्मान के साथ शहीद जय किशोर सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। 

शुक्रवार सुबह शहीद चंदन कुमार का पार्थिव शरीर भोजपुर जिले के जगदीशपुर के ज्ञानपुरा गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव आया लोगों ने शहीद चंदन कुमार अमर रहे के नारे लगाए। परिजनों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई। गांव से होकर बहने वाली बनास नदी के तट पर राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। 
 

शुक्रवार सुबह शहीद चंदन कुमार का पार्थिव शरीर भोजपुर जिले के जगदीशपुर के ज्ञानपुरा गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव आया लोगों ने शहीद चंदन कुमार अमर रहे के नारे लगाए। परिजनों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई। गांव से होकर बहने वाली बनास नदी के तट पर राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। 
 

वीर सपूत कुंदन कुमार का पार्थिव शरीर गुरुवार देर रात सहरसा जिले के सतरकटैया स्थित उनके पैतृक आवास पर लाया गया। शहीद कुंदन कुमार के पार्थिव शरीर को देख लोगों ने भारत माता की जय और शहीद कुंदन अमर रहे के नारे लगाए। परिजनों ने शहीद को अंतिम विदाई दी। इसके बाद अंतिम यात्रा निकाल गई। हजारों की संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। 
 

वीर सपूत कुंदन कुमार का पार्थिव शरीर गुरुवार देर रात सहरसा जिले के सतरकटैया स्थित उनके पैतृक आवास पर लाया गया। शहीद कुंदन कुमार के पार्थिव शरीर को देख लोगों ने भारत माता की जय और शहीद कुंदन अमर रहे के नारे लगाए। परिजनों ने शहीद को अंतिम विदाई दी। इसके बाद अंतिम यात्रा निकाल गई। हजारों की संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। 
 

समस्तीपुर जिले के सुलतानपुर निवासी सुधीर कुमार सिंह के बेटे अमन कुमार सिंह गलवान घाटी में शहीद हो गए थे। शुक्रवार सुबह शहीद का पार्थिव शरीर समस्तीपुर लाया गया। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा लोग भारत माता की जय और शहीद अमन अमर रहे के नारे लगाने लगे। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग जमा हुए। परिजनों ने अपने सपूत को अंतिम विदाई दी।

समस्तीपुर जिले के सुलतानपुर निवासी सुधीर कुमार सिंह के बेटे अमन कुमार सिंह गलवान घाटी में शहीद हो गए थे। शुक्रवार सुबह शहीद का पार्थिव शरीर समस्तीपुर लाया गया। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा लोग भारत माता की जय और शहीद अमन अमर रहे के नारे लगाने लगे। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग जमा हुए। परिजनों ने अपने सपूत को अंतिम विदाई दी।

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