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बेटे के शहीद होने की खबर पर मां ने भी त्याग दिए प्राण, एक साथ निकलीं दोनों की अर्थी तो हर आंख थी नम

First Published Apr 11, 2021, 7:02 PM IST
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पूर्णिया ( Bihar) । एसएचओ अश्विनी कुमार के घर से रविवार को एक साथ दो अर्थियां निकलीं तो लोगों की आंखें नम हो गई। ये अर्थियां शहीद दारोगा अश्विनी कुमार और उनकी मां उर्मिला देवी की थी। बता दें कि पश्चिम बंगाल के पनतापाड़ा गांव में शनिवार को सुबह ग्रामीणों ने पीट-पीट कर एसएचओ अश्विनी कुमार की हत्या कर दी थी। जिसकी खबर सुनकर उनकी मां बर्दाश्त नहीं कर सकी। बेटे के शव आने के पहले ही दम तोड़ दिया। हालांकि इस मामले में अश्वनी कुमार के साथ छापेमारी में गए 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। 

शहीद की बेटी नैंसी ने कहा कि उनके पिता की हत्या एक साजिश के तहत कराई गई है। उन्हें स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है। इसकी सीबीआई से जांच होनी चाहिए। बनमनखी विधायक व पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार ने कहा कि कल उन्होंने मुख्यमंत्री से शहीद के परिजनों की बात करवाई है। सीएम ने आश्वासन दिया है कि परिजनों को उचित इंसाफ मिलेगा, साथ ही एक व्यक्ति को नौकरी मिलेगी।
 

शहीद की बेटी नैंसी ने कहा कि उनके पिता की हत्या एक साजिश के तहत कराई गई है। उन्हें स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है। इसकी सीबीआई से जांच होनी चाहिए। बनमनखी विधायक व पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार ने कहा कि कल उन्होंने मुख्यमंत्री से शहीद के परिजनों की बात करवाई है। सीएम ने आश्वासन दिया है कि परिजनों को उचित इंसाफ मिलेगा, साथ ही एक व्यक्ति को नौकरी मिलेगी।
 

आईजी सुरेश चौधरी ने कहा है कि पूर्णिया क्षेत्र के चारों जिलों के सभी पुलिसकर्मी अपना एक दिन का वेतन शहीद अश्विनी कुमार के परिजन को देंगे। यह राशि लगभग 50 लाख रुपये होगी।

आईजी सुरेश चौधरी ने कहा है कि पूर्णिया क्षेत्र के चारों जिलों के सभी पुलिसकर्मी अपना एक दिन का वेतन शहीद अश्विनी कुमार के परिजन को देंगे। यह राशि लगभग 50 लाख रुपये होगी।

एमएलसी दिलीप जायसवाल ने कहा है कि परिजनों द्वारा सीबीआई जांच की मांग सही है। उन्होंने कहा कि जब तक बिहार में किशनगंज में उसका एफआईआर नहीं होगा तब तक बंगाल पुलिस से इंसाफ की उम्मीद करना बेमानी साबित होगी।

एमएलसी दिलीप जायसवाल ने कहा है कि परिजनों द्वारा सीबीआई जांच की मांग सही है। उन्होंने कहा कि जब तक बिहार में किशनगंज में उसका एफआईआर नहीं होगा तब तक बंगाल पुलिस से इंसाफ की उम्मीद करना बेमानी साबित होगी।

बताते हैं कि अगर किशनगंज की पुलिस पीठ दिखाकर नहीं भागती तो आज शहीद अश्विन की हत्या नहीं होती।

बताते हैं कि अगर किशनगंज की पुलिस पीठ दिखाकर नहीं भागती तो आज शहीद अश्विन की हत्या नहीं होती।

ग्रामीणों एवं परिजन सरकार से हाईकोर्ट की निगरानी में हत्याकांड की CBI जांच कराने की मांग किए। साथ ही हत्याारों की स्पीड ट्रायल कराकर सजा दिलाने की भी मांग की है।

ग्रामीणों एवं परिजन सरकार से हाईकोर्ट की निगरानी में हत्याकांड की CBI जांच कराने की मांग किए। साथ ही हत्याारों की स्पीड ट्रायल कराकर सजा दिलाने की भी मांग की है।

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