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दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले CEO बनें सुंदर पिचाई, ऐसे मिलता है अरबों रुपयों का पैकेज

First Published Apr 25, 2020, 8:02 PM IST
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बिजनेस डेस्क: दुनियाभर में फैले कोरोनावायरस के कहर से जहां लोगों की वेतन में कटौती की जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ गूगल की पैरंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई को साल 2019 में कॉम्पेसेशन के रूप में 281 मिलियन डॉलर ( 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा) मिला जो विश्व में किसी एग्जिक्युटिव को मिलने वाला सबसे ज्यादा कॉम्पेसेशन है। मालूम हो कि सुंदर पिचाई को पिछले साल ही गूगल के सीईओ से प्रमोट करके अल्फाबेट का सीईओ बनाया गया था।

सैलरी में बहुत बड़ा हिस्सा स्टॉक

बता दें कि गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई की सैलरी 1720 करोड़ रुपये है। इसमें 1706 करोड़ रुपये (240 मिलियन डॉलर) के शेयर और 14.22 करोड़ रुपये का सालाना वेतन शामिल है। इसके अलावा अगर Standard and poor 100 इंडेक्स में अल्फाबेट का प्रदर्शन अच्छा रहता है तो पिचाई को 639 करोड़ रुपये (90 मिलियन डॉलर) और मिलेंगे। 
 

सैलरी में बहुत बड़ा हिस्सा स्टॉक

बता दें कि गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई की सैलरी 1720 करोड़ रुपये है। इसमें 1706 करोड़ रुपये (240 मिलियन डॉलर) के शेयर और 14.22 करोड़ रुपये का सालाना वेतन शामिल है। इसके अलावा अगर Standard and poor 100 इंडेक्स में अल्फाबेट का प्रदर्शन अच्छा रहता है तो पिचाई को 639 करोड़ रुपये (90 मिलियन डॉलर) और मिलेंगे। 
 

2019 में पिचाई की सैलरी 6.5 लाख डॉलर

रेग्युलेटर को दी गई जानकारी के मुताबिक 2019 में सुंदर पिचाई की सालाना सैलरी 6.5 लाख डॉलर (4.5 करोड़ से ज्यादा) थी। अल्फाबेट ने जानकारी दी है कि इस साल उनका वेतन बढ़ कर 20 लाख डॉलर (15.26 करोड़ रुपये) हो जाएगी। पिचाई की सैलरी अल्फाबेट कर्मचारियों के औसत कुल वेतन के 1085 गुना है।

2019 में पिचाई की सैलरी 6.5 लाख डॉलर

रेग्युलेटर को दी गई जानकारी के मुताबिक 2019 में सुंदर पिचाई की सालाना सैलरी 6.5 लाख डॉलर (4.5 करोड़ से ज्यादा) थी। अल्फाबेट ने जानकारी दी है कि इस साल उनका वेतन बढ़ कर 20 लाख डॉलर (15.26 करोड़ रुपये) हो जाएगी। पिचाई की सैलरी अल्फाबेट कर्मचारियों के औसत कुल वेतन के 1085 गुना है।

कोरोना से लड़ाई में बढ़ चढ़ कर किया दान 

हाल ही में सुंदर पिचाई ने नॉन-प्रोफिट फर्म गिव इंडिया को 5 करोड़ का दान दिया था। इसके अलावा उनकी कंपनी गूगल और उसकी मूल कंपनी अल्फाबेट ने कोरोना से लड़ाई में मदद के लिए छोटे एवं मध्यम उद्यमों स्वास्थ्य संगठनों एवं सरकारों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए 80 करोड़ डॉलर (करीब 5900 करोड़ रुपये) से अधिक की मदद दी थी।

कोरोना से लड़ाई में बढ़ चढ़ कर किया दान 

हाल ही में सुंदर पिचाई ने नॉन-प्रोफिट फर्म गिव इंडिया को 5 करोड़ का दान दिया था। इसके अलावा उनकी कंपनी गूगल और उसकी मूल कंपनी अल्फाबेट ने कोरोना से लड़ाई में मदद के लिए छोटे एवं मध्यम उद्यमों स्वास्थ्य संगठनों एवं सरकारों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए 80 करोड़ डॉलर (करीब 5900 करोड़ रुपये) से अधिक की मदद दी थी।

नई हायरिंग नहीं करेगी गूगल

कोरोना वायरस के कारण पनपे आर्थिक हालत की वजह से सुंदर पिचाई के सामने बहुत बड़ी चुनौती है। कंपनी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह नए एंप्लॉयी को हायर नहीं करेगी साथ ही नए जगहों पर निवेश भी नहीं करेगी।

नई हायरिंग नहीं करेगी गूगल

कोरोना वायरस के कारण पनपे आर्थिक हालत की वजह से सुंदर पिचाई के सामने बहुत बड़ी चुनौती है। कंपनी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह नए एंप्लॉयी को हायर नहीं करेगी साथ ही नए जगहों पर निवेश भी नहीं करेगी।

2019 में बने थे अल्फाबेट के CEO

बता दें कि, सुंदर पिचाई का असली नाम पिचाई सुंदरराजन है। पिचाई ने आईआईटी, खड़गपुर से बैचलर डिग्री लेने के बाद अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमएस की डिग्री हासिल की और फिर वॉर्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए भी किया। 2004 में वे बतौर प्रोडक्ट और इनोवेशन ऑफिसर गूगल से जुड़े थे। सुंदर पिचाई को 2019 में गूगल के सीईओ से प्रमोट कर अल्फाबेट का CEO बना दिया गया था। उन्होंने लैरी पेज की जगह ली थी। 
 

2019 में बने थे अल्फाबेट के CEO

बता दें कि, सुंदर पिचाई का असली नाम पिचाई सुंदरराजन है। पिचाई ने आईआईटी, खड़गपुर से बैचलर डिग्री लेने के बाद अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमएस की डिग्री हासिल की और फिर वॉर्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए भी किया। 2004 में वे बतौर प्रोडक्ट और इनोवेशन ऑफिसर गूगल से जुड़े थे। सुंदर पिचाई को 2019 में गूगल के सीईओ से प्रमोट कर अल्फाबेट का CEO बना दिया गया था। उन्होंने लैरी पेज की जगह ली थी। 
 

पत्नी की सलाह पर नहीं छोड़ी कंपनी 

गूगल के सीईओ बनने से पहले सुंदर पिचाई को माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ पद का ऑफर मिला था। इसके अलावा याहू और ट्विटर से भी ऑफिर मिले थे। उस समय सुंदर पिचाई ने गूगल छोड़ने का पूरा मन बना लिया था। लेकिन उनकी पत्नी अंजलि ने उन्हें गूगल न छोड़ने की सलाह दी। सुंदर ने अंजलि की बात मानकर गूगल में ही रहने का मन बना लिया।
 

पत्नी की सलाह पर नहीं छोड़ी कंपनी 

गूगल के सीईओ बनने से पहले सुंदर पिचाई को माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ पद का ऑफर मिला था। इसके अलावा याहू और ट्विटर से भी ऑफिर मिले थे। उस समय सुंदर पिचाई ने गूगल छोड़ने का पूरा मन बना लिया था। लेकिन उनकी पत्नी अंजलि ने उन्हें गूगल न छोड़ने की सलाह दी। सुंदर ने अंजलि की बात मानकर गूगल में ही रहने का मन बना लिया।
 

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