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अब कस्टमर्स को मिलेंगे ज्यादा अधिकार, मोदी सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों के बिजनेस के नियमों में किया बदलाव
बिजनेस डेस्क। केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले 20 जुलाई को ग्राहकों के फायदे को ध्यान में रखते हुए एक नया कानून लागू किया है। इस कानून के तहत कस्टमर्स को पहले की तुलना में कहीं ज्यादा अधिकार मिल रहे हैं। इस कानून के दायरे में खास तौर पर ई-कॉमर्स कंपनियां आ रही हैं। बता दें कि देश में ई-कॉमर्स कंपनियों के बिजनेस का लगातार विस्तार होता चला जा रहा है। कोरोना महामारी के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों के बिजनेस का दायरा काफी बढ़ गया है।

बदल जाएगा बिक्री का तरीका
ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़े नियमों को नोटिफाई करने के बाद अब इनके सामान बेचने के तरीके में बदलाव आ जएगा। कहा जा रहा है कि इससे कस्टमर्स को कई तरह की सुविधा मिलेंगी और उन्हें फायदा होगा।
देना होगा ये डिटेल
नए नियम के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों को यह बताना होगा कि जो सामान वे बेच रहे हैं, वह किस देश में बना है। यह नया नियम उन सभी विक्रेताओं पर लागू होगा जो भारत या विदेश में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन भारत में अपना सामान बेच रहे हैं या सर्विस दे रहे हैं।
सभी शुल्कों का देना होगा ब्योरा
लागू किए गए नए नियमों के मुताबिक, सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को बिक्री के लिए मौजूद सामानों और सर्विसेस के की कुल कीमत के साथ दूसरे शुल्कों का भी पूरा ब्योरा देना होगा।
एक्सपायरी डेट
इसके साथ ही ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए मौजूद सामानों की एक्सपायरी डेट भी बतानी होगी। फिलाहाल, इस मामले में कई तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
प्रोड्यूसर देश की देनी होगी जानकारी
ई-कॉमर्स कंपनियों को इस बात की भी जानकारी देनी होगी कि उनके प्लेटफॉर्म पर जो सामान या सेवाएं कस्टमर्स के लिए मौजूद हैं, वे किस देश में बनी हैं और प्रोवाइडर कौन है। इससे ग्राहको को सामान या सेवा लेने के पहले उनके बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी।
वेबसाइट पर देनी होगी हर डिटेल
जो विक्रेता ई-कॉमर्स कंपनियों के जरिए सामान बेचते हैं और सर्विसेस ऑफर करते हैं, उन्हें इसकी जानकारी ई-कॉमर्स कंपनी को देनी होगी, ताकि वे अपनी वेबसाइट पर इसे प्रमुखता के साथ दिखा सकें।
कीमत में नहीं कर सकते गड़बड़ी
ई-कॉमर्स कंपनियों को गलत तरीके से फायदा कमाने के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद वस्तुओं और सर्विेसेस की कीमतों में मनमाने तरीके से बदलाव करने का अधिकार नहीं होगा। साथ ही, उन्हें इसकी भी छूट नहीं मिलेगी कि वे ग्राहकों के साथ भेदभाव कर सकें।
विक्रेता की देनी होगी जानकारी
नए कानून के मुताबिक, ई-कॉमर्स कंपनियों को पेमेंट के तरीके और उसकी सेफ्टी के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी। ई-कॉमर्स कंपनियों को विक्रेता के बारे में जानकारी, उसका पता और फोन नंबर भी देना होगा, ताकि ग्राहक उससे संपर्क कर सकें। अगर विक्रेता की कोई रेटिंग है, तो ई-कॉमर्स कंपनियों को इसके बारे में भी जानकारी देनी होगी।
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