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पति के फ्रेंड ने अचार की तारीफ क्या कर दी, 3 साल में इस लेडी ने खड़ा कर दिया 30 लाख का बिजनेस
किसी भी नए काम की प्रेरणा एक छोटी-सी कोशिश से होती है। जिंदगी हमें कुछ नया करने का लगातार मौका देती है। कभी हम उसे भुना लेते हैं और कभी समझ नहीं पाते। दिल्ली की रहने वालीं 40 वर्षीय याचना बंसल की कहानी आपको प्रेरित करेगी। याचना परिवार के लिए घर पर ही अचार बनाती थीं। एक दिन उनके पति के दोस्त खाने पर घर आए। उन्हें याचना के हाथों से बना अचार इतना पसंद आया कि वे तारीफों के पुल बांधकर चले गए। यह तारीफ याचना के लिए प्रेरणा बनी। वर्ष, 2018 में याचना ने अचार का बिजनेस शुरू किया। आज ये 30 लाख रुपए सालाना टर्न ओवर के स्टार्टअप की मालिकन हैं। याचना अचार, मुरब्बा और दाल बड़ी बनाती हैं। इनके प्रोडक्ट्स का नाम ‘जयनि पिकल्स’ है। ये ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म के जरिए मार्केट तक अपना प्रोडक्ट्स पहुंचाती हैं। आज स्थिति यह है कि बिजनेस इतना बड़ गया है कि पूरे परिवार को संभालना पड़ रहा है।

याचना एक प्राइवेट स्कूल में टीचिंग भी करती हैं। वे कहती हैं कि बच्चों को पढ़ाना उन्हें अच्छा लगता है। इसलिए स्कूल नहीं छोड़ना चाहतीं। लेकिन खाली समय में अपने अचार के बिजनेस को आगे बढ़ाने में लगी रहती हैं। याचना कहती हैं कि पति के दोस्त ने उन्हें प्रेरित किया और कहा कि अचार बनाने का हुनर घर तक सीमित नहीं रखो। उसे बाहर निकालो। बस इसके बाद याचना ने सबसे पहले हरी मिर्च का अचार तैया किया और लोगों को सैंपल के तौर पर खाने को दिया। याचना के पति सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। अब वे भी समय निकालकर याचना के बिजनेस में हाथ बंटाते हैं।
जॉइंट फैमिली में रहने वाली याचना कहती हैं कि यह अच्छी बात है कि सभी लोग एक साथ रहते हैं, इसलिए सबकी मदद से यह बिजनेस आगे बढ़ाने में मदद मिली। मार्केटिंग याचना के चचेरे भाई गगन सिंघल संभालते हैं।
याचना के अनुसार वे 12 महीने सीजन के हिसाब से अचार तैयार करती हैं। यानी किसी मौसम में कौन-सा अचार लोगों को पसंद आता है। डिमांड के हिसाब से वे अचार बनवाती हैं। यह प्लानिंग पूरी फैमिली बैठकर तय करती है। चूंकि आज इनका बिजनेस काफी फैल गया है, इसलिए मदद के लिए दो अन्य लोगों भी काम पर रखा हुआ है। अचार में मसाला, तेल आदि कितना डालना है, कितनी देर सुखाना है...आदि की जिम्मेदारी याचना की सास देखती हैं।
याचना बताती हैं कि जब अचार बनाना शुरू किया, तो लोगों ने उसे महंगा बताया। हमने उन्हें अचार का टेस्ट करने को कहा। बड़ी मात्रा में सैंपल बंटवाए। जब लोगों को स्वाद पसंद आया, तो वे खुद ऑर्डर देने लगे। याचना ने अपने घर के एक कमरे में दुकान भी खोल रखी है।
याचना एक किस्सा सुनाती हैं। उनकी भाभी ने दाल की बड़ी बनाई होगी। तभी एक ग्राहक आई। उसने ऐसे ही दाल की बड़ी की डिमांड कर दी। जब हमने उसे भाभी के हाथ की बनी दाल बड़ी दी, तो उसका रिस्पांस अच्छा मिला। इसके बाद दाल बड़ी का बिजनेस भी शुरू किया। याचना बताती हैं कि पहली बार उन्होंने 250 किलो की दाल की बड़ी बनाई थीं। वो 2 महीने में ही बिक गई थीं।
याचना आज रोज करीब 50 किलो अचार और मुरब्बे की सेल कर देती हैं। पिछले साल उनके स्टार्टअप ने करीब 35 लाख का बिजनेस किया था। याचना नए लोगों को सलाह देती हैं कि जो करना है, शुरू कीजिए। अचार जैसा बिजनेस 10-20 हजार रुपए में भी शुरू किया जा सकता है। इसके लिए FSSAI से सर्टिफिकेट और ब्रांड नाम रजिस्ट्रेशन के लिए भी आवेदन करें।
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