- Home
- Career
- Education
- हौसलों से हार गईं परेशानियांः 12 हजार सैलरी पाने वाला शख्स अब चाय बेचकर हर मंथ कमा रहा 2 लाख रु.
हौसलों से हार गईं परेशानियांः 12 हजार सैलरी पाने वाला शख्स अब चाय बेचकर हर मंथ कमा रहा 2 लाख रु.
इसे कहते हैं खुद के पैरों पर खड़ा होना। यह कहानी है 12वीं तक पढ़े रेवन शिंदे की। महाराष्ट्र के सोलापुर के रहने वाले रेवन कभी सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। उन्हें 12000 रुपए महीने मिलते थे। वे इतनी कमाई में खुश थे। लेकिन एक दिन यह नौकरी जाती रही। रेवन को लगा जैसे दुनिया की उजड़ गई। पहले तो कुछ समझ नहीं आया। फिर चाय की दुकान खोली। लेकिन लॉकडाउन में वो भी बंद करनी पड़ी। लेकिन आज वे चाय की दुकान और चाय की होम डिलेवरी से 2 लाख रुपए महीने कमा रहे हैं। यह सही है कि कोई काम आसान नहीं होता। रेवन को भी शुरुआत में दिक्कत हुई, लेकिन हौसले सारी परेशानियों से लड़ जाते हैं।

28 वर्षीय रेवन के पिता कारपेंटर थे। घर की आर्थिक हालात ठीक नहीं होने से उन्हें 12वीं के बाद पुणे में जाकर गार्ड की नौकरी करनी पड़ी। यह बात 2009 की है। लेकिन दिसंबर, 2019 में कंपनी बंद हो गई, तो गार्ड की नौकरी जाती रही। रेवन कुछ समय नौकरी ढूंढते रहे। जब नहीं मिली, तो स्नैक्स सेंटर पर काम करने लगे। हालांकि यहां पैसा कम मिलता था।
रेवन ने स्नैक्स की दुकान से नौकरी छोड़कर खुद का काम शुरू करने की सोची। उन्होंने पुणे में मार्च, 2020 में किराये की दुकान लेकर चाय का काम शुरू किया। इसी दौरान लॉकडाउन लग गया और धंधा चौपट हो गया। सारी सेविंग पहले ही दुकान में लगा चुके थे, इसलिए दाने-दाने को मोहताज हो गए।
रेवन ने जून में फिर दुकान की शटर खोली। लेकिन संक्रमण के डर से लोग दुकान पर आने से कतराते थे। यानी दुकान फ्लॉप हो चुकी थी। ऐसे में रेवन ने चाय की होम डिलीवरी करने का प्लान किया। रेवन ने एक थर्मस खरीदा और बैंकों-अन्य दफ्तरों में जाकर संपर्क किया। शुरुआत में कुछ लोगों को महीनेभर तक मुफ्त में चाय पिलाई। लेकिन धीरे-धीरे लोगों को उनकी चाय और व्यवहार पसंद आने लगा।
शिंदे आज अदरक और इलायची फ्लेवर दो तरह की चाय बनाते हैं। छोटा कप 6 रुपए, जबकि बड़ा कप 10 रुपए में बेचते हैं। रेवन गर्म दूध भी डिलीवर करते हैं। आज रेवन रोज एक हजार कप चाय-दूध बेचकर 7-8 हजार रुपए कमा लेते हैं।
बिजनेस बढ़ता देखकर उन्हें पांच लड़कों को अपने साथ काम पर रखना पड़ा। आज रेवन स्पेशल ट्रेनिंग लेने के बाद चाय का प्रोडक्ट भी तैयार करते हैं। रेवन की टीम रोज सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और फिर शाम 3 बजे से शाम 7 बजे तक पिंपरी के आसपास के इलाकों में चाय सप्लाई करते देखी जा सकती है।।
आज रेवन की चाय की कई बड़ी कंपनियां रेगुलर कस्टमर्स हैं। उन्होंने एक वाट्सऐप ग्रुप बना रखा है। इस पर कस्टमर्स ऑर्डर कर सकते हैं। रेवन कहते हैं कि आज वे 2 लाख रुपए महीने कमा रहे हैं, लेकिन अब उनका टार्गेट हर दिन 2 लाख रुपए की चाय बेचने का है।
Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi