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Martyrs Day 2022: जरा याद उन्हें भी कर लो! शहीद दिवस पर जानें भगत सिंह के 10 कोट्स, जो रग-रग में भर देंगे जोश
करियर डेस्क: शहीद दिवस (Martyrs Day 2022) जिसे भगत सिंह की पुण्यतिथि (Bhagat Singh death anniversary) के रूप में भी जाना जाता है, हर साल 23 मार्च को मनाया जाता है। यह वह दिन है जब 1931 में भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर ने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते भारत माता के चरणों में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे और फांसी के फंदे पर लटक गए थे। इस दिन हम उन सभी बहादुर योद्धाओं को याद करते हैं जिन्होंने हमारे देश की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी और इस मोर्चे पर अपनी जान गंवा दी। शहीद दिवस पर आज हम आपको बताते हैं, भगत सिंह के ऐसे 10 कथन (Bhagat Singh quotes), जो आज भी हर इंसान की रग-रग में जोश भर देते हैं...

"वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन वे मेरे विचारों को नहीं मार सकते। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन वे मेरी आत्मा को कुचलने में सक्षम नहीं होंगे।"
"इस कदर वाकिफ है मेरी कलम मेरे जज़्बातों से,अगर मैं इश्क लिखना भी चाहूं तो इंकलाब लिखा जाता है- भगत सिंह।"
"जब एक अत्याचारी मर जाता है, तो उसका शासन समाप्त हो जाता है, लेकिन जब एक शहीद मर जाता है, तो उसका शासन वास्तव में शुरू होता है।"
"बम और पिस्तौल से क्रांति नहीं आती, क्रांति की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है।"
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"क्रांति मानव जाति का एक अविभाज्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का एक अविनाशी जन्मसिद्ध अधिकार है।"
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"हे भगवान! मुझे भारत में सौ जन्म दो। लेकिन मुझे यह भी आशीर्वाद दो, कि मैं हर बार मातृभूमि की सेवा में अपना जीवन त्याग दूं।"
"यदि बहरों को सुनना है तो आवाज तेज करनी होगी। जब हमने बम फेका था तब हमारा इरादा किसी को जान से मारने नहीं था। हमने ब्रिटिश सरकार पर बम फेका था। ब्रिटिश सरकार को भारत छोड़ना होगा और उसे स्वतंत्र करना होगा।"
"जो भी विकास के लिए खड़ा है उसे हर रूढ़िवादी चीज कि आलोचना करनी होगी उसमें अविश्वास करना होगा और उसे चुनौती देनी होगी।"
भगत सिंह ने कहा था कि- "मैं इस बात पर जोर देता हूं कि मैं महत्वकांक्षा, आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूं और वही सच्चा बलिदान है।"
"चीजें जैसी है आम तौर पर लोग उसके आदि हो जाते है और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते है हमें इसी निष्क्रियता को क्रांतिकारी भावना से बदलने कि जरुरत है।"
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