कितने तरह के होते हैं इंडियन PASSPORT, अलग-अलग रंगों का क्या होता है मतलब
करियर डेस्क. रूस और यूक्रेन (Russia Ukraine war) के बीच जंग जारी है। ऐसे में यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए केन्द्र सरकार ऑपरेशन गंगा (Operation Ganga) चला रही है। यूक्रेन में रह रहे भारतीयों को एडवाइजरी जारी करके बताया गया है कि वह अपने साथ तिरंगा लेकर निकले। वहीं, दूसरे देश के छात्र भी अब तिरंगे का सहारा लेकर सुरक्षित जगहों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर से भारतीय पासपोर्ट (PASSPORT) का दम दुनिया ने देखा है। इंडिया में पासपोर्ट तीन रंग में जारी किए जाते हैं। कोई भी भारतीय नागरिक पासपोर्ट के लिए अप्लाई कर सकता है। पासपोर्ट एक दिन की उम्र के बच्चे से लेकर किसी भी उम्र के लोग बनवा सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इन रंगों का क्या मतलब होता है। आइए जानते हैं इंडियन पासपोर्ट के बारे में।

नीला रंग
नीले रंग का पासपोर्ट इंडिया के आम नागरिकों के लिए बनाया जाता है। नीला रंग इंडियंस को रिप्रजेंट करता है और इसे ऑफिशियल और डिप्लोमैट्स से अलग रखने के लिए सरकार ने यह अंतर पैदा किया है। इससे कस्टम अधिकारियों या विदेश में पासपोर्ट चेक करने वालों को भी आइडेंटिफिकेशन में आसानी होती है। पासपोर्ट में जारी किए गए शख्स का नाम होता है। उसकी बर्थडेट, बर्थप्लेस का जिक्र होता है साथ ही उसकी फोटो भी लगी होती है।
सफेद
सफेद रंग का पासपोर्ट गर्वनमेंट ऑफिशियल को रिप्रजेंट करता है। जो सरकारी कामकाज से विदेश यात्रा जाता है उस यह पासपोर्ट जारी किया जाता है। यह ऑफिशियल की आइडेंटिटी के लिए होता है। सफेद रंग के पासपोर्ट के आवेदक को पासपोर्ट पाने के लिए एक अलग से ऐप्लीकेशन देनी पड़ती है जिसमें बताना होता है कि आखिर उसको इस तरह के पासपोर्ट की जरुरत क्यों है? सफेद पासपोर्ट रखने वालों को कुछ सुविधाएं भी मिलती हैं।
मरून रंग
इंडियन डिप्लोमैट्स और सीनियर गर्वनमेंट ऑफिशियल्स(आईपीएस, आईएएस रैंक के लोग) को मरून रंग का पासपोर्ट जारी किया जाता है। हाई क्वालिटी पासपोर्ट के लिए अलग से ऐप्लीकेशन दी जाती है। इसमें उन्हें विदेशों में एमबेंसी से लेकर यात्रा के दौरान तक कई सुविधाएं दी जाती हैं। साथ ही इन्हें वीजा की जरुरत नहीं पड़ती। डिप्लोमेटिक पासपोर्ट उन लोगों को जारी किया जाता है जो भारतीय उच्चायोग के अधिकारी होते हैं या फिर सरकार के प्रतिनिधि। विदेश में ऐसे पासपोर्ट धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना भी आसान नहीं रह जाता।
नारंगी रंग
भारत सरकार ने ऑरेंज कलर का पासपोर्ट भी निर्धारित किया है, जो ऐसे व्यक्ति को इश्यू किया जाता है, जो केवल 10वीं कक्षा तक ही पढ़े हैं। ऐसा ज्यादातर विदेश में काम करने वाले माइग्रेंट मजदूरों के लिए होता है। उन्हें दिशा निर्देशों को समझने के लिए किसी की सहायता चाहिए होती है।
कौन-कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी
बर्थ सर्टिफिकेट या 10वीं क्लास के पास सर्टिफिकेट की सेल्फ अटेस्टेड फोटो कॉपी। जिन लोगों के पास बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है, उन्हें फर्स्ट क्लास मैजिस्ट्रेट (एसडीएम और सीनियर अफसर) से अटेस्टेड सर्टिफिकेट की कॉपी लगानी होती है। आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या स्टेटमेंट, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस पॉलिसी, जरनल पावर ऑफ अटर्नी, बिजली-पानी आदि के बिल की सेल्फ अटेस्टेड फोटो कॉपी।
कौन बनवा सकता है पासपोर्ट
कोई भी भारतीय नागरिक पासपोर्ट के लिए अप्लाई कर सकता है। पासपोर्ट एक दिन की उम्र के बच्चे से लेकर किसी भी उम्र के लोग बनवा सकते हैं। पैरंट्स का पासपोर्ट होने पर बच्चे का पासपोर्ट सिर्फ ऐफिडेविट के आधार पर बनाया जा सकता है।
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