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Corona Warriors. अपनी 102 ट्रॉफी बेच बच्चे ने PM को भेजे 4 लाख, बोला- 'मोदी जी लोगों की जान बचाइए'

First Published Apr 8, 2020, 6:50 PM IST
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ग्रेटर नोएडा. कोरोना वायरस से पूरा देश इस समय जूझ रहा है। देश में लॉकडाउन लगा हुआ है और लोग घरों में कैद हैं। हमारे देश में कोरोना वायरस से अब तक 4 हजार से भी ज्यादा लोग संक्रमित लोग हैं। 100 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। कोरोना से देश को बचाने के लिए देश के प्रधानमंत्री लंबी लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने पीएम केयर फंड योजना शुरू की है जिसमें बड़े-बड़े बिजनेसमैन, फिल्मी हस्तियों के अलावा आम लोग भी पैसा दान कर रहे हैं। अब एक नन्हे खिलाड़ी ने भी अपने करियर की पूरी कमाई दान में दे दी है। उसके इस कदम को देख दादी के आंसू बह निकले। खुद पीएम भी इस बच्चे के दान से हैरान रह गए हैं। 

मात्र 15 साल के गोल्फ खिलाड़ी अर्जुन भाटी ने COVID-19 महामारी से लड़ने के लिए बड़ा योगदान किया है। वह तीन विश्व जूनियर गोल्फ चैम्पियनशिप खिताब और एक राष्ट्रीय चैम्पियनशिप सहित अपनी सभी ट्रॉफी बेचकर 4.30 लाख रुपये जुटाने में कामयाब रहे।

मात्र 15 साल के गोल्फ खिलाड़ी अर्जुन भाटी ने COVID-19 महामारी से लड़ने के लिए बड़ा योगदान किया है। वह तीन विश्व जूनियर गोल्फ चैम्पियनशिप खिताब और एक राष्ट्रीय चैम्पियनशिप सहित अपनी सभी ट्रॉफी बेचकर 4.30 लाख रुपये जुटाने में कामयाब रहे।

उन्होंने घर में रखीं सारी ट्रॉफियों को बेचकर देश की सेवा और महामारी से लड़ने में काम आने वाले पैसे के तौर पर दान कर दिया। अपने करियर में जो मान-सम्मान अर्जुन ने कमाया था वो ये ट्राफी ही थीं।

उन्होंने घर में रखीं सारी ट्रॉफियों को बेचकर देश की सेवा और महामारी से लड़ने में काम आने वाले पैसे के तौर पर दान कर दिया। अपने करियर में जो मान-सम्मान अर्जुन ने कमाया था वो ये ट्राफी ही थीं।

ग्रेटर नोएडा के गोल्फर अर्जुन भाटी ने 2016 और 2018 में यूएस किड्स जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप और पिछले साल FCG callaway जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीती थी। अर्जुन ने प्रधानमंत्री राहत कोष (PM- CARES फंड) में दान किया है।

ग्रेटर नोएडा के गोल्फर अर्जुन भाटी ने 2016 और 2018 में यूएस किड्स जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप और पिछले साल FCG callaway जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीती थी। अर्जुन ने प्रधानमंत्री राहत कोष (PM- CARES फंड) में दान किया है।

अर्जुन ने कहा कि फंड जुटाने के लिए उन्होंने अपनी सभी ट्रॉफी अपने रिश्तेदारों और अपने माता-पिता के दोस्तों को बेच दीं। उन्होंने मंगलवार को हिंदी में ट्वीट किया- 'जो देश-विदेश से जीतकर कमाई हुई 102 ट्रॉफी संकट के समय मैंने 102 लोगों को दे दीं। उनसे आए हुए कुल 4,30,000 रुपये पीएम-केयर्स फंड में देश की मदद को दिए। कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें..।

अर्जुन ने कहा कि फंड जुटाने के लिए उन्होंने अपनी सभी ट्रॉफी अपने रिश्तेदारों और अपने माता-पिता के दोस्तों को बेच दीं। उन्होंने मंगलवार को हिंदी में ट्वीट किया- 'जो देश-विदेश से जीतकर कमाई हुई 102 ट्रॉफी संकट के समय मैंने 102 लोगों को दे दीं। उनसे आए हुए कुल 4,30,000 रुपये पीएम-केयर्स फंड में देश की मदद को दिए। कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें..।

अर्जुन ने आगे लिखा, 'मेरे योगदान का पता चलने पर मेरी दादी पहले रोईं और फिर कहा, 'इस समय असली अर्जुन आप हो, मानव जीवन को बचाना महत्वपूर्ण है, ट्रॉफी तो बाद में भविष्य में भी जीती जा सकती है।' दादी ने भी अपनी 206148  पेंशन देश के लिए दान कर दी।

अर्जुन ने आगे लिखा, 'मेरे योगदान का पता चलने पर मेरी दादी पहले रोईं और फिर कहा, 'इस समय असली अर्जुन आप हो, मानव जीवन को बचाना महत्वपूर्ण है, ट्रॉफी तो बाद में भविष्य में भी जीती जा सकती है।' दादी ने भी अपनी 206148 पेंशन देश के लिए दान कर दी।

अर्जुन के इस कदम की खुद प्रधानमंत्री ने सराहना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे रिट्वीट करते हुए लिखा, 'देशवासियों की यही वो भावना है, जो कोरोना महामारी के समय सबसे बड़ा संबल है।'

अर्जुन के इस कदम की खुद प्रधानमंत्री ने सराहना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे रिट्वीट करते हुए लिखा, 'देशवासियों की यही वो भावना है, जो कोरोना महामारी के समय सबसे बड़ा संबल है।'

छोटी उम्र के इस गोल्फर ने घातक कोरोना से लड़ने के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। वह कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में भूखों को खाना भी खिला रहे हैं। मां के साथ किचन में खाना बनाते हुए फोटो साझा करते रहते हैं। दुनियाभर में कोरोना से 80,000 से अधिक लोगों को जान जा चुकी है। भारत में कोरोना के 5000 से ज्यादा मामले हैं। अब तक 145 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

छोटी उम्र के इस गोल्फर ने घातक कोरोना से लड़ने के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। वह कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में भूखों को खाना भी खिला रहे हैं। मां के साथ किचन में खाना बनाते हुए फोटो साझा करते रहते हैं। दुनियाभर में कोरोना से 80,000 से अधिक लोगों को जान जा चुकी है। भारत में कोरोना के 5000 से ज्यादा मामले हैं। अब तक 145 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

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