- Home
- Entertainment
- Other Entertainment News
- 17 की उम्र में दो बेटियों की मां बन गई थीं शोले की मौसी, इस 1 वजह से जिंदगीभर मिले मां, मौसी और नानी के रोल
17 की उम्र में दो बेटियों की मां बन गई थीं शोले की मौसी, इस 1 वजह से जिंदगीभर मिले मां, मौसी और नानी के रोल
मुंबई। बॉलीवुड की सबसे पॉपुलर फिल्मों में से एक 'शोले' (Sholay) का हर एक किरदार अपने असली नाम की जगह ऑनस्क्रीन नाम से ज्यादा फेमस हुआ। इन्हीं में से एक किरदार है फिल्म में बसंती की मौसी का रोल निभाने वाली एक्ट्रेस लीला मिश्रा (Leela Mishra) का। 1 जनवरी, 1908 को आगरा में जन्मी लीला मिश्रा ने अपने 4 दशक लंबे करियर में एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया। हालांकि फिर भी उन्हें जो पहचान शोले में मौसी के किरदार से मिली वो किसी और रोल से नहीं। इस फिल्म में मौसी के बोलने का तरीका, उनका चिंता जाहिर करना और जय के साथ उनकी बातचीत वाला सीन आज भी लोगों को खूब पसंद आता है।

अपने करियर में 200 से ज्यादा फिल्में करने वाली लीला मिश्रा ने करियर की शुरुआत 40 के दशक में की थी। उनकी पहली फिल्म चित्रलेखा है, जो 1941 में रिलीज हुई थी। लीला मिश्रा को मामा शिंदे नाम के एक व्यक्ति ने खोजा था, जो दादासाहेब फाल्के से जुड़े थे।
लीला मिश्रा की शादी महज 12 साल की उम्र में राम प्रसाद मिश्रा से हुई थी। 17 साल की उम्र तक वो दो बेटियों की मां बन गई थीं। उनके पति को एक्टिंग का शौक था और वह नाटकों में काम किया करते थे।
उस दौर में लीला मिश्रा के पति राम प्रसाद एक्टिंग आजमाने बनारस से मुंबई आए थे। उनके पीछे-पीछे लीला भी चली आईं। चूंकि उस दौर में महिला कलाकारों की कमी हुआ करती थी और इसलिए महिलाओं को ज्यादा पैसे ऑफर किए जाते थे।
ऐसे में लीला के पति को जहां 150 रुपए महीने मिलते थे, वहीं लीला मिश्रा को फिल्म 'सती सुलोचना' के लिए 500 रुपए महीना ऑफर किए गए थे। हालांकि, तब महिलाओं का एक्टिंग फील्ड में जाना अच्छा नहीं समझा जाता था।
हालांकि जब लीला ने फिल्मी दुनिया में काम करने के तरीके को देखा तो वो हैरान रह गईं। उन्होंने देखा कि किस तरह महिलाएं पराए मर्दों से अपने शरीर को स्पर्श करा रही हैं। ऐसे में लीला के लिए किसी गैर मर्द की बाहों में बाहें डाले रोमांस के सीन शूट करना संभव नहीं था और उन्होंने ये ऑफर ठुकरा दिया था।
इसी तरह लीला को फिल्म 'होनहार' में एक्टर को गले लगाने का सीन करना था लेकिन इसके लिए उन्होंने मना कर दिया। चूंकि उस दौर में महिला कलाकार बड़ी मुश्किल से मिलती थीं इसलिए उन्हें एक्टर की मां का रोल दे दिया गया। इसके बाद लीला यह रोल करने के लिए तैयार हो गई थीं।
लीला मिश्रा ने अपने करियर में अनमोल घड़ी, रामबाण, शीशमहल, आवारा, दाग, आंधियां, शिकस्त, प्यासा, लाजवंती, कॉलेज गर्ल, शोले, लीडर, दोस्ती, पहेली, चश्मे बद्दूर, अमर प्रेम, परिचय, सौदागर, मां का आंचल, जय संतोषी मां, बैराग और प्रेम रोग जैसी कई फिल्मों में काम किया।
लीला मिश्रा को मां के अलावा चाची, मौसी और नानी के रोल ही ज्यादा मिले। उन्होंने नानी मां फिल्म में भी काम किया है। इसके लिए उन्हें 73 साल की उम्र में बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था। 17 जनवरी 1988 को 80 साल की उम्र में हार्ट अटैक की वजह से उनका निधन हो गया था।
फिल्म शोले के एक यादगार सीन में अमिताभ बच्चन के साथ मौसी उर्फ लीला मिश्रा।
मनोरंजन जगत की सबसे खास खबरें अब एक क्लिक पर। फिल्में, टीवी शो, वेब सीरीज़ और स्टार अपडेट्स के लिए Bollywood News in Hindi और Entertainment News in Hindi सेक्शन देखें। टीवी शोज़, टीआरपी और सीरियल अपडेट्स के लिए TV News in Hindi पढ़ें। साउथ फिल्मों की बड़ी ख़बरों के लिए South Cinema News, और भोजपुरी इंडस्ट्री अपडेट्स के लिए Bhojpuri News सेक्शन फॉलो करें — सबसे तेज़ एंटरटेनमेंट कवरेज यहीं।