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इस जगह पहुंचते ही अपनी बीवी गौरी को भाभी कहने लगते हैं शाहरुख! बेहद दिलचस्प है किस्सा

First Published Nov 2, 2020, 1:44 PM IST
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मुंबई। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) 55 साल के हो गए हैं। 2 नवंबर, 1965 को दिल्ली में जन्में शाहरुख की पढ़ाई-लिखाई और परवरिश इसी शहर में हुई। 1991 में शाहरुख ने दिल्ली की ही एक लड़की गौरी छिब्बर (Gauri) से शादी की। शाहरुख और गौरी की लव स्टोरी बेहद इंटरेस्टिंग है, लेकिन उससे भी कहीं ज्यादा दिलचस्प शाहरुख से जुड़ी दिल्ली की एक घटना है, जिसका जिक्र उन्होंने खुद 2016 में कपिल शर्मा शो के दौरान किया था। जानें क्या है वो दिलचस्प किस्सा... 
 

अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए कपिल शर्मा शो में पहुंचे शाहरुख ने बताया था कि बदमाश लड़कों के एक ग्रुप ने एक लड़की को गर्लफ्रेंड कहने पर उनकी पिटाई कर दी थी। शाहरुख के मुताबिक, मैं ग्रीन पार्क में था। मैंने एक गर्लफ्रेंड बनाई थी नई नई। जब हम साथ में घूम रहे थे तो कुछ गुंडे टाइप लड़कों के ग्रुप ने मुझे पकड़ लिया। 
 

अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए कपिल शर्मा शो में पहुंचे शाहरुख ने बताया था कि बदमाश लड़कों के एक ग्रुप ने एक लड़की को गर्लफ्रेंड कहने पर उनकी पिटाई कर दी थी। शाहरुख के मुताबिक, मैं ग्रीन पार्क में था। मैंने एक गर्लफ्रेंड बनाई थी नई नई। जब हम साथ में घूम रहे थे तो कुछ गुंडे टाइप लड़कों के ग्रुप ने मुझे पकड़ लिया। 
 

शाहरुख ने आगे बताया, इसके बाद एक लड़के ने मुझे रोक लिया और पूछा कि 'ये कौन है'? चूंकि मैं सेंट कोलंबस स्कूल का था, तो मैंने भी अंग्रेजी में कहा-‘शी इज माय गर्लफ्रेंड'। इस पर गुंडों के हेड ने कहा- गर्लफ्रेंड नहीं है, तेरी भाभी है। इसके बाद मैंने फोर्स करते हुए कहा कि वो लड़की उनकी गर्लफ्रेंड है लेकिन वो लड़का नहीं माना। 
 

शाहरुख ने आगे बताया, इसके बाद एक लड़के ने मुझे रोक लिया और पूछा कि 'ये कौन है'? चूंकि मैं सेंट कोलंबस स्कूल का था, तो मैंने भी अंग्रेजी में कहा-‘शी इज माय गर्लफ्रेंड'। इस पर गुंडों के हेड ने कहा- गर्लफ्रेंड नहीं है, तेरी भाभी है। इसके बाद मैंने फोर्स करते हुए कहा कि वो लड़की उनकी गर्लफ्रेंड है लेकिन वो लड़का नहीं माना। 
 

शाहरुख ने आगे बताया, गर्लफ्रेंड का 'फ्रेंड' खत्म नहीं हुआ कि लड़कों ने मुझे खूब मारा। एक के हाथ में ना कुल्हड़ था, कुल्हड़ दे के मारा मेरे मुंह पे। अब ये जमाना आ गया है कि मैं अपनी बीवी के साथ भी दिल्ली में निकलता हूं और कोई पूछता है ये कौन हैं तो मैं कहता हूं मेरी भाभी है।
 

शाहरुख ने आगे बताया, गर्लफ्रेंड का 'फ्रेंड' खत्म नहीं हुआ कि लड़कों ने मुझे खूब मारा। एक के हाथ में ना कुल्हड़ था, कुल्हड़ दे के मारा मेरे मुंह पे। अब ये जमाना आ गया है कि मैं अपनी बीवी के साथ भी दिल्ली में निकलता हूं और कोई पूछता है ये कौन हैं तो मैं कहता हूं मेरी भाभी है।
 

बता दें कि शाहरुख ने 25 अक्टूबर, 1991 में गौरी छिब्बर से शादी की थी। हाल ही में दोनों ने अपनी शादी की 29वीं वेडिंग एनिवर्सरी मनाई है। कपल के तीन बच्चे हैं जिनके नाम आर्यन, सुहाना और अबराम हैं। अबराम का जन्म सरोगेसी के जरिए हुआ है। 
 

बता दें कि शाहरुख ने 25 अक्टूबर, 1991 में गौरी छिब्बर से शादी की थी। हाल ही में दोनों ने अपनी शादी की 29वीं वेडिंग एनिवर्सरी मनाई है। कपल के तीन बच्चे हैं जिनके नाम आर्यन, सुहाना और अबराम हैं। अबराम का जन्म सरोगेसी के जरिए हुआ है। 
 

शाहरुख से गौरी की पहली मुलाकात 1984 में दिल्ली के पंचशील क्लब में चल रही एक पार्टी में हुई थी। 19 साल के शाहरुख की नजर जैसे ही 14 साल की गौरी पर पड़ी तो वो बस देखते ही रह गए। उस पार्टी में शाहरुख खान ने गौरी को किसी और लड़के के साथ डांस करते देखा और उन्हें गौरी से प्यार हो गया था।
 

शाहरुख से गौरी की पहली मुलाकात 1984 में दिल्ली के पंचशील क्लब में चल रही एक पार्टी में हुई थी। 19 साल के शाहरुख की नजर जैसे ही 14 साल की गौरी पर पड़ी तो वो बस देखते ही रह गए। उस पार्टी में शाहरुख खान ने गौरी को किसी और लड़के के साथ डांस करते देखा और उन्हें गौरी से प्यार हो गया था।
 

25 अक्टूबर, 1984 को तीसरी मुलाकात में शाहरुख ने गौरी के घर का फोन नंबर हासिल कर ही लिया। शाहरुख को गौरी पसंद आ गई थीं। उनसे फोन पर बात करने का तरीका भी शाहरुख ने निकाला। शाहरुख अपनी किसी दोस्त से गौरी के घर फोन करवाते। गौरी के घर जो भी फोन उठाता, शाहरुख की दोस्त उसे अपना नाम शाहीन बताती। शाहीन कोडवर्ड था जिसे सुनकर गौरी समझ जाती कि फोन शाहरुख का है। गौरी के घर किसी को शक भी नहीं होता था और फिर शाहरुख और गौरी देर तक बातें करते।
 

25 अक्टूबर, 1984 को तीसरी मुलाकात में शाहरुख ने गौरी के घर का फोन नंबर हासिल कर ही लिया। शाहरुख को गौरी पसंद आ गई थीं। उनसे फोन पर बात करने का तरीका भी शाहरुख ने निकाला। शाहरुख अपनी किसी दोस्त से गौरी के घर फोन करवाते। गौरी के घर जो भी फोन उठाता, शाहरुख की दोस्त उसे अपना नाम शाहीन बताती। शाहीन कोडवर्ड था जिसे सुनकर गौरी समझ जाती कि फोन शाहरुख का है। गौरी के घर किसी को शक भी नहीं होता था और फिर शाहरुख और गौरी देर तक बातें करते।
 

शाहरुख और गौरी तो अपने प्यार को शादी में बदलने के लिए तैयार थे लेकिन दोनों के धर्म अलग होने की वजह से इनके घरवालों को कड़ी आपत्ति थी। शाहरुख ने गौरी के परिवार वालों को मनाने के लिए खूब पापड़ बेले और अंत में उन्हें मनाने में कामयाब हो गए। फिर 26 अगस्त 1991 को शाहरुख और गौरी ने पहले कोर्ट में शादी की। बाद में इन दोनों का निकाह भी हुआ, जिसमें गौरी का नाम आयशा रखा गया। इसके बाद 25 अक्टूबर 1991 को हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक दोनों की शादी हुई।
 

शाहरुख और गौरी तो अपने प्यार को शादी में बदलने के लिए तैयार थे लेकिन दोनों के धर्म अलग होने की वजह से इनके घरवालों को कड़ी आपत्ति थी। शाहरुख ने गौरी के परिवार वालों को मनाने के लिए खूब पापड़ बेले और अंत में उन्हें मनाने में कामयाब हो गए। फिर 26 अगस्त 1991 को शाहरुख और गौरी ने पहले कोर्ट में शादी की। बाद में इन दोनों का निकाह भी हुआ, जिसमें गौरी का नाम आयशा रखा गया। इसके बाद 25 अक्टूबर 1991 को हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक दोनों की शादी हुई।
 

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