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कोरोना वायरस से बचाव के लिए चीनी पीएम ने किया मस्जिद का दौरा, वायरल हुआ वीडियो लेकिन सच कुछ और
नई दिल्ली. चीन में कोरोना वायरस से महामारी फैली हुई है। अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं वहीं सैकड़ों लोग संक्रमित बताए जा रहे हैं। इस बीमारी को लेकर लोगों के बीच डर है। भारत, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में भी इसके संक्रमण को लेकर सतर्कता बरती जा रही हैं। वहीं सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस से जुड़े अजीब-अजीब तरह के दावे किए जा रहे हैं। अब एक वीडियो सामने आया है जिसको चीन के प्रधानमंत्री का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि, चीन के पीएम ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए मस्जिद का दौरा किया। इस वीडियो को लोग तेजी से शेयर कर रहे हैं लेकिन हमने इसकी सत्यता जानने की कोशिश की तो माजरा कुछ और ही निकला।
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कोरोनावायरस को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के वीडियोज और फोटोज वायरल हो रहे हैं। इसी बीच एक वीडियो ऐसा भी सामने आया है जिसमें लोग दावा कर रहे हैं कि चीन में मुस्लिमों को प्रताड़ित करने वाले चीनी सबक सीख गए हैं। वे अब चीन की मस्जिद में जाकर वायरस से बचाव के लिए प्राथर्ना कर रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर इस दावे की सच्चाई क्या है?
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महीन नाम की एक ट्विटर यूजर ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, चीन के प्रधानमंत्री जिन्होंने कहा था कि, चीन 'समाजवादी विचारधारा को प्रतिबिंबित करने के लिए' बाइबल और कुरान को फिर से लिखेगा। वो आज कोरोनावायरस के कहर से बचने को मस्जिद गए और सजदा किया। उन्हें समझ आ गया है कि इस वायरस से बचने का दुआ ही एकमात्र रास्ता है। इस पोस्ट को सैकड़ों फ़ेसबुक पेज और ट्विटर पर शेयर किया गया है।
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दावा किया जा रहा है कि चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग कोरोनावायरस से सुरक्षा के लिए एक मस्जिद में प्रार्थना कर रहे हैं। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) लोगो के साथ वायरल वीडियो में एक मस्जिद में पुरुषों के एक समूह को प्रार्थना करते हुए दिखाया गया है। साथ ही बैकग्राउंड में 'अस-सलाम-अलैकुम' के अरबी अभिवादन को सुना जा सकता है। वायरल वीडियो को व्हाट्सएप्प और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कैप्शन के साथ फैलाया जा रहा है, जिसमें लिखा है: "कुरान को अपनी तरह से अनुवाद करने की बात कहने वाले चीन के पीएम ने महसूस किया कि कोरोना वायरस से बचाने का एकमात्र तरीका अल्लाह को 'सजदा' करना है और वे प्रार्थना करने के लिए मस्जिद गए, माशा अल्लाह ...।"
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सोशल मीडिया पर कोरोनावायरस से जुड़ा ये वीडियो पूरी तरह फर्जी है। वीडियो में चीन के पीए नहीं बल्कि पूर्व मलेशियाई प्रधान मंत्री हैं। साल 2015 का ये वीडियो झूठे दावों के साथ शेयर किया जा रहा है। तत्कालीन मलेशियाई प्रधान मंत्री अब्दुल्ला अहमद बदावी चीन की आधिकारिक यात्रा के दौरान वहां की एक मस्जिद में दौरा करने गए थे। फैक्ट चेकिंग के दौरान जांच-पड़ताल में हमने पाया कि, यह वीडियो जुलाई 2015 में उनके आधिकारिक चैनल पर अपलोड किया गया था।
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कोरोनावायरस को लेकर सोशल मीडिया पर लोग फर्जी और भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। चीन में उइगर मुसलमानों को प्रताड़ित किए जाने पर लोग कोरोनावायरस को इस मुद्दे से भी जोड़कर फर्जी खबरें फैला रहे हैं। ऐसे में हम आपको बता दें कि ऐसी जानकारी पर विश्वास करने से बचें। वायरल हो रहे इस वीडियो में चीनी पीएम मौजूद नहीं है। मलेशियाई प्रधान मंत्री को चीनी पीएम बताकर फर्जी दावे के साथ वीडियो वायरल किया जा रहा है।
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