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Fact Check: शाहीन बाग धरने वाली दादी अब बनी किसान समर्थक? बिलकिस बानो के नाम वायरल फोटो का सच

First Published Nov 30, 2020, 6:58 PM IST
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फैक्ट चेक डेस्क. दिल्ली में किसानों विरोध प्रदर्शन से जोड़कर सोशल मीडिया पर तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं। इन्हीं के बीच प्रदर्शन को लेकर फर्जी खबरों का जमावड़ा भी लग गया है। इसी क्रम में एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें 2 बुज़ुर्ग महिलाओं की तस्वीर को देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि दोनों तस्वीर में दिख रही बुज़ुर्ग शाहीन बाग प्रदर्शन से मशहूर हुईं बिलकिस बानो दादी हैं, जो अब किसान समर्थक बन गई हैं। फैक्ट चेक में आइए जानते हैं कि आखिर सच क्या है? 

किसानों से जोड़कर सैकड़ों वायरल तस्वीरों में ये एक तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।  
 

किसानों से जोड़कर सैकड़ों वायरल तस्वीरों में ये एक तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।  
 

वायरल पोस्ट क्या है?

फेसबुक यूज़र Vikrant Yadav ने 27 नवंबर को बुज़ुर्ग महिलाओं के कोलाज को अपलोड करते हुए लिखा: “Dadi at Shaheen Bagh is now a Punjabi farmer. 😭😭😂😂🤣🤣”

वायरल पोस्ट क्या है?

फेसबुक यूज़र Vikrant Yadav ने 27 नवंबर को बुज़ुर्ग महिलाओं के कोलाज को अपलोड करते हुए लिखा: “Dadi at Shaheen Bagh is now a Punjabi farmer. 😭😭😂😂🤣🤣”

वायरल दावे को एक्ट्रेस कंगना रनोट ने भी शेयर किया था। कंगना ने लिखा कि शाहीन बाग में धरने पर बैठने वाली दादी अब कसान बन गई हैं। ओह वो पैसे और खाने देने के लिए किराये पर विरोध प्रदर्शन के लिए उपलब्ध हैं। 
 

वायरल दावे को एक्ट्रेस कंगना रनोट ने भी शेयर किया था। कंगना ने लिखा कि शाहीन बाग में धरने पर बैठने वाली दादी अब कसान बन गई हैं। ओह वो पैसे और खाने देने के लिए किराये पर विरोध प्रदर्शन के लिए उपलब्ध हैं। 
 

फैक्ट चेक

वायरल तस्वीर की जांच-पड़ताल करने के लिए हमने इसे गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें कई खबरें मिली, जिनमें वायरल तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था, पर कहीं भी इस बुज़ुर्ग को शाहीन बाग वाली बिलकिस बानों नहीं बताया गया। अमर उजाला ने इस तस्वीर को 27 नवंबर 2020 को अपलोड करते हुए अपनी खबर की हेडलाइन लिखी: किसानों ने अवरोधक हटाकर दिल्ली किया कूच।
 

फैक्ट चेक

वायरल तस्वीर की जांच-पड़ताल करने के लिए हमने इसे गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें कई खबरें मिली, जिनमें वायरल तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था, पर कहीं भी इस बुज़ुर्ग को शाहीन बाग वाली बिलकिस बानों नहीं बताया गया। अमर उजाला ने इस तस्वीर को 27 नवंबर 2020 को अपलोड करते हुए अपनी खबर की हेडलाइन लिखी: किसानों ने अवरोधक हटाकर दिल्ली किया कूच।
 

थोड़ा और सर्च करने पर हमें किसान समर्थक बुज़ुर्ग महिला की ये तस्वीर अक्टूबर 2020 को शेयर की गई मिली। 13 अक्टूबर 2020 को इस तस्वीर को फेसबुक पेज “Sant Baba Jarnail Singh Ji Khalsa Bhindrawale” ने शेयर किया था और फेसबुक पेज मेरा गांव मेरा स्वाभिमान ने 13 अक्टूबर को ही इस तस्वीर को अपनी प्रोफ़ाइल तस्वीर लगाया था।
 

थोड़ा और सर्च करने पर हमें किसान समर्थक बुज़ुर्ग महिला की ये तस्वीर अक्टूबर 2020 को शेयर की गई मिली। 13 अक्टूबर 2020 को इस तस्वीर को फेसबुक पेज “Sant Baba Jarnail Singh Ji Khalsa Bhindrawale” ने शेयर किया था और फेसबुक पेज मेरा गांव मेरा स्वाभिमान ने 13 अक्टूबर को ही इस तस्वीर को अपनी प्रोफ़ाइल तस्वीर लगाया था।
 

शाहीन बाग वाली बिलकिस बानों के बेटे मंज़ूर अहमद ने वायरल फोटो पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मीडिया को बताया कि,  “वायरल तस्वीर में मेरी मां (शाहीन बाग वाली दादी) नहीं हैं। लोगों ने बिना जानकारी के तस्वीर को मेरी मां के नाम से वायरल कर दिया। हम किसानों के साथ हैं और किसानों के प्रदर्शन में जल्द ही हिस्सा लेंगे।”

शाहीन बाग वाली बिलकिस बानों के बेटे मंज़ूर अहमद ने वायरल फोटो पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मीडिया को बताया कि,  “वायरल तस्वीर में मेरी मां (शाहीन बाग वाली दादी) नहीं हैं। लोगों ने बिना जानकारी के तस्वीर को मेरी मां के नाम से वायरल कर दिया। हम किसानों के साथ हैं और किसानों के प्रदर्शन में जल्द ही हिस्सा लेंगे।”

ये निकला नतीजा  

पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। किसानों के समर्थन में दिख रही तस्वीर में बुज़ुर्ग महिला शाहीन बाग वाली बिलकिस बानो नहीं हैं। बुजुर्ग किसान महिला को बिलकिस बानो बताकर शेयर किया जाना भी फर्दी दावा है। 

ये निकला नतीजा  

पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। किसानों के समर्थन में दिख रही तस्वीर में बुज़ुर्ग महिला शाहीन बाग वाली बिलकिस बानो नहीं हैं। बुजुर्ग किसान महिला को बिलकिस बानो बताकर शेयर किया जाना भी फर्दी दावा है। 

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