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शहीद लेफ्टिनेंट को 5 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि तो हर कोई रो पड़ा..मासूम ठीक से पापा कहना भी नहीं सीखा

First Published Jan 27, 2021, 6:27 PM IST
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फरीदाबाद (हरियाणा). गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को जब किसी सैनिक का परिवार तिरंगे को पहराते हुए देखता है तो उसका सीना चौंड़ा हो जाता है। वह यही सोचते हैं कि उनका बेटा इस तिरंगे की रक्षा जो कर रहा है। लेकिन, हरियाणा से एक दुखद मामला सामने आया है, जब रिपब्लिक डे के एक दिन पहले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ शर्मा शहीद हो गए। जब इस बात का पता उनकी पत्नी और बूढ़े माता-पिता को पता चला तो वह गणतंत्र दिवस पूरे दिन बिलखते रहे। अब एक दिन बाद शहीद कर्नल को उनके 5 साल के मासूम बेटे ने मुखाग्नि दी तो यह मंजर देख हर कोई रो पड़ा।
 


दरअसल, 25 जनवरी को पठानकोट और कठुआ के बीच भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर ध्रुव क्रैश हो गया था। बताया जाता है कि ध्रुव टेक ऑफ के दौरान तार से टकरा गया था, जिसके कारण हादसा हुआ। जिसमें फरीदाबाद के ऋषभ शर्मा शहीद हो गए थे। जब इस घटना की जानकारी उनके परिवार को पता चली तो पूरे फरीदाबाद में शोक की लहर दौड़ गई।


दरअसल, 25 जनवरी को पठानकोट और कठुआ के बीच भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर ध्रुव क्रैश हो गया था। बताया जाता है कि ध्रुव टेक ऑफ के दौरान तार से टकरा गया था, जिसके कारण हादसा हुआ। जिसमें फरीदाबाद के ऋषभ शर्मा शहीद हो गए थे। जब इस घटना की जानकारी उनके परिवार को पता चली तो पूरे फरीदाबाद में शोक की लहर दौड़ गई।


मंगलवार रात को जब शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ शर्मा का शव उनके घर सेक्टर 21 फरीदाबाद में लाया गया तो पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ था।  पत्नी और बूढ़े माता-पिता शहीद का चेहरा देखकर बिलख रहे थे। वहीं पांच साल का बेटा यह नहीं समझ पा रहा था कि उसकी मम्मी और दादा-दादी क्यों रो रहे हैं।
 


मंगलवार रात को जब शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ शर्मा का शव उनके घर सेक्टर 21 फरीदाबाद में लाया गया तो पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ था।  पत्नी और बूढ़े माता-पिता शहीद का चेहरा देखकर बिलख रहे थे। वहीं पांच साल का बेटा यह नहीं समझ पा रहा था कि उसकी मम्मी और दादा-दादी क्यों रो रहे हैं।
 


वहीं बुधवार सुबह कर्नल ऋषभ शर्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, विधायक श्रीमती सीमा त्रिखा कई नेता पहुंचे हुए थे। स्थानीय पुलिस के बड़े-बड़े अफसर शहीद को सलामी दे रहे थे। इसके अलावा उनके परिजनों, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
 


वहीं बुधवार सुबह कर्नल ऋषभ शर्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, विधायक श्रीमती सीमा त्रिखा कई नेता पहुंचे हुए थे। स्थानीय पुलिस के बड़े-बड़े अफसर शहीद को सलामी दे रहे थे। इसके अलावा उनके परिजनों, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
 


श्रद्धांजलि के बाद सबसे दुखद सीन लोगों ने जब देखा तब शहीद के पांच साल के मासूम बेटे ने अपने पिता को  मुखाग्नि दी। यह क्षण इतना मार्मिक था कि हर किसी की आंखों से आंसू बह रहे थे। मासूम ने अभी ठीक से पापा कहना भी नहीं सीखा था कि उसने पिता की चिता को आग दी। लोग यही बोले-हे भगवान इस बच्चे के सिर से आखिर पिता का साया क्यों छीन लिया।
 


श्रद्धांजलि के बाद सबसे दुखद सीन लोगों ने जब देखा तब शहीद के पांच साल के मासूम बेटे ने अपने पिता को  मुखाग्नि दी। यह क्षण इतना मार्मिक था कि हर किसी की आंखों से आंसू बह रहे थे। मासूम ने अभी ठीक से पापा कहना भी नहीं सीखा था कि उसने पिता की चिता को आग दी। लोग यही बोले-हे भगवान इस बच्चे के सिर से आखिर पिता का साया क्यों छीन लिया।
 


एसएसपी कठुआ डॉ. शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि 25 जनवरी को हेलिकॉप्टर ने पठानकोट के मामून कैंट से उड़ान भरी थी। लखनपुर पहुंचते ही हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते बिजली तार से टकराकर पेड़ों पर जा गिरा। पायलटों ने हेलिकॉप्टर को लैंडिंग कराने का प्रयास किया, लेकिन यह लैंडिंग सफल नहीं हो पाई। इस हादसे में दो पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पठानकोट सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ शहीद हो गए।
 


एसएसपी कठुआ डॉ. शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि 25 जनवरी को हेलिकॉप्टर ने पठानकोट के मामून कैंट से उड़ान भरी थी। लखनपुर पहुंचते ही हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते बिजली तार से टकराकर पेड़ों पर जा गिरा। पायलटों ने हेलिकॉप्टर को लैंडिंग कराने का प्रयास किया, लेकिन यह लैंडिंग सफल नहीं हो पाई। इस हादसे में दो पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पठानकोट सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ शहीद हो गए।
 

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