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निकिता केस: 3 माह 32 दिन और 55 गवाह के बाद हरियाणा की बेटी को मिला इंसाफ, तौसीफ-रेहान दोषी करार

First Published Mar 24, 2021, 5:43 PM IST
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फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद के चर्चित निकिता तोमर हत्याकांड केस की अदालत में बहस पूरी हो गई। करीब तीन महीने बाद इस मामले की मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई। निकिता की हत्या में जिन 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था उनमें से दो आरोपी तौसीफ और रेहान को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है। जबकि तीसरे आरोपी बनाए गए अजरुद्दीन को बरी कर दिया है, जिस पर आरोप थे कि उसने इस वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार मुहैया कराए थे, लेकिन इसके सबूत नहीं मिल सके। हालांकि सजा क्या होगी..कितनी होगी इसका फैसला अदालत शुक्रवार को सुनाएगी।
 


निकिता मर्डर केस की पूरी कहानी
दरअसल, निकिता तोमर बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा थी, पिछले साल 2020 में 26 अक्टूबर को फरीदाबाद के बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज में पेपर देकर लौट रही थी। इसी दौरान बीच रास्ते में तौसीफ ने उसे गाड़ी में खींचने की कोशिश की। इनकार करने पर तौसीफ ने उसे गोली मार दी। इस घटना को अंजाम उसने अपने दोस्त रेहान के साथ मिलकर दिया था।


निकिता मर्डर केस की पूरी कहानी
दरअसल, निकिता तोमर बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा थी, पिछले साल 2020 में 26 अक्टूबर को फरीदाबाद के बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज में पेपर देकर लौट रही थी। इसी दौरान बीच रास्ते में तौसीफ ने उसे गाड़ी में खींचने की कोशिश की। इनकार करने पर तौसीफ ने उसे गोली मार दी। इस घटना को अंजाम उसने अपने दोस्त रेहान के साथ मिलकर दिया था।


बचाव में 55 गवाहों के बयान दर्ज किए गए
यह पूरी घटना कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। जिसके बाद वारदात के 5 घंटे बाद पुलिस ने तौसीफ और रेहान को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने घटना की जांच के लिए एसीपी क्राइम अनिल कुमार की अगुवाई में एसआईटी गठित कर की थी। इस मामले में करीब 55 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। (आरोपी तौसीफ और रेहान)


बचाव में 55 गवाहों के बयान दर्ज किए गए
यह पूरी घटना कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। जिसके बाद वारदात के 5 घंटे बाद पुलिस ने तौसीफ और रेहान को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने घटना की जांच के लिए एसीपी क्राइम अनिल कुमार की अगुवाई में एसआईटी गठित कर की थी। इस मामले में करीब 55 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। (आरोपी तौसीफ और रेहान)

पॉलिटिक्स परिवार से है आरोपी..
बता दें, तौसीफ का परिवार पॉलिटिकली स्ट्रॉन्ग है। दादा कबीर अहमद पूर्व विधायक जबकि चचेरे भाई आफताब आलम मेवात जिले की नूंह सीट से कांग्रेस विधायक हैं। इतना ही नहीं, आफताब के पिता खुर्शीद अहमद हरियाणा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। चाचा जावेद अहमद बसपा से जुड़े हैं। (आरोपी तौसीफ और विधायक चचेरे भाई आफताब आलम)

पॉलिटिक्स परिवार से है आरोपी..
बता दें, तौसीफ का परिवार पॉलिटिकली स्ट्रॉन्ग है। दादा कबीर अहमद पूर्व विधायक जबकि चचेरे भाई आफताब आलम मेवात जिले की नूंह सीट से कांग्रेस विधायक हैं। इतना ही नहीं, आफताब के पिता खुर्शीद अहमद हरियाणा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। चाचा जावेद अहमद बसपा से जुड़े हैं। (आरोपी तौसीफ और विधायक चचेरे भाई आफताब आलम)


निकिता को मुस्लिम बनाना चाहता था आरोपी
तौसीफ 12वीं तक निकिता के साथ ही पढ़ा था। वो निकिता पर दोस्ती और धर्म बदलने के लिए दबाव बनाता था। कहता था, मुस्लिम बन जाओ, हम शादी कर लेंगे। 2018 में वो एक बार निकिता को किडनैप कर चुका है। 3 अगस्त 2018 को तौसीफ ने 3-4 सहेलियों के साथ निकिता को जबरदस्ती कार में बैठाया था। कुछ दूरी पर सहेलियों को उतारकर निकिता को किडनैप कर ले गया था। सहेलियों और परिजनो ने पुलिस को निकिता के अपहरण की जानकारी दी थी। जिसके बाद पुलिस ने 2 घंटे में उसे बरामद कर लिया था। (इंसाफ की गुहार लगाते परिजन)
 


निकिता को मुस्लिम बनाना चाहता था आरोपी
तौसीफ 12वीं तक निकिता के साथ ही पढ़ा था। वो निकिता पर दोस्ती और धर्म बदलने के लिए दबाव बनाता था। कहता था, मुस्लिम बन जाओ, हम शादी कर लेंगे। 2018 में वो एक बार निकिता को किडनैप कर चुका है। 3 अगस्त 2018 को तौसीफ ने 3-4 सहेलियों के साथ निकिता को जबरदस्ती कार में बैठाया था। कुछ दूरी पर सहेलियों को उतारकर निकिता को किडनैप कर ले गया था। सहेलियों और परिजनो ने पुलिस को निकिता के अपहरण की जानकारी दी थी। जिसके बाद पुलिस ने 2 घंटे में उसे बरामद कर लिया था। (इंसाफ की गुहार लगाते परिजन)
 

बता दें कि निकिता के माता-पिता और पूरे परिवार ने कई दिनों तक हाइवे और पुलिस थानों के सामने धऱना दिया था। ताकि मौत के बाद उनकी बेटी निकिता को इंसाफ और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

बता दें कि निकिता के माता-पिता और पूरे परिवार ने कई दिनों तक हाइवे और पुलिस थानों के सामने धऱना दिया था। ताकि मौत के बाद उनकी बेटी निकिता को इंसाफ और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

ता दें कि इस पूरे केस को पीड़ित पक्ष के वकील एदल सिंह रावत और बचाव पक्ष के वकील अनीस खान लड़ रहे थे। वहीं निकिता के पिता ने अदालत से आरोपी तौसीफ को फांसी की सजा की मांग की है। ताकि ऐसे दरिंदे किसी और बेटी को नहीं मार सकें।

ता दें कि इस पूरे केस को पीड़ित पक्ष के वकील एदल सिंह रावत और बचाव पक्ष के वकील अनीस खान लड़ रहे थे। वहीं निकिता के पिता ने अदालत से आरोपी तौसीफ को फांसी की सजा की मांग की है। ताकि ऐसे दरिंदे किसी और बेटी को नहीं मार सकें।

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