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कोरोना को मात देकर घर पहुंचे मासूम भाई बहन, संक्रमित मां बोली-एक बार तो मेरे बच्चों का चेहरा दिखा दो

First Published Apr 15, 2020, 3:31 PM IST
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सिरसा (हरियाणा). पूरे देश में कोरोना लगातार कहर बरपा रहा है। अब तक 10 हजार से ज्यादा संक्रमित केस सामने आ चुके हैं। वहीं इससे मरने वालों की संख्या  377 तक पुहंच गई है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि आगर कोई संक्रमित हो गया है तो चिंता करने या घबराने की जरूरत नहीं है। बस आप अपना हौसला बनाए रखिए, कुछ दिनों बाद आप भी दूसरों की तरह ठीक होकर घर जाएंगे। ऐसा ही कमाल कर दिखाया है, हरियाणा के दो मासूम भाई-बहन ने, जो कोरोना को मात देकर 15 दिन बाद अपने घर पहुंचे।
 



दरअसल, मंगलावर को सिरसा के दो बच्चे 8 साल का तारुष और 5 साल की अनाया कोरोना को हराकर अपने घर लौट आए। बता दें कि करीब 15 दिन पहले यह भाई-बहन सिरसा के सिविल अस्पताल में भर्ती थे। बता दें कि 30 मार्च को इनकी मां कोरोना पॉजिटिव मिली थी। वह सिरसा में एक पीजी चलाती थीं। महिला के बाद जब दोनों बच्चों की रिपोर्ट आई तो वह भी संक्रमित मिले। इसके बाद से उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया था। हालांकि, पति की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
 



दरअसल, मंगलावर को सिरसा के दो बच्चे 8 साल का तारुष और 5 साल की अनाया कोरोना को हराकर अपने घर लौट आए। बता दें कि करीब 15 दिन पहले यह भाई-बहन सिरसा के सिविल अस्पताल में भर्ती थे। बता दें कि 30 मार्च को इनकी मां कोरोना पॉजिटिव मिली थी। वह सिरसा में एक पीजी चलाती थीं। महिला के बाद जब दोनों बच्चों की रिपोर्ट आई तो वह भी संक्रमित मिले। इसके बाद से उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया था। हालांकि, पति की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
 


जब तारुष औरअनाया घर लौटने लगे तो अस्पताल स्टाफ ने दोनों को विदा करते समय तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया और गिफ्ट देकर उन्हें भेजा। पिता अमित मक्कड़ के साथ घर पहुंचते ही दोनों भाई-बहन सबसे पहले दादा-दादी से गले मिले। लेकिन मां से नहीं मिल सके, क्योंकि वह संक्रमित होने के चलते हॉस्पिटल में एडमिट हैं। हालांकि महिला ने अपने बच्चों से मोबाइल पर वीडियो कॉल करके बात की। लेकिन नेटवर्क के चलते ज्यादा बात नहीं हो सकी और फोन कट गया। महिला ने कहा-एक बार दोनों का चेहरा तो दिखा देते।


जब तारुष औरअनाया घर लौटने लगे तो अस्पताल स्टाफ ने दोनों को विदा करते समय तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया और गिफ्ट देकर उन्हें भेजा। पिता अमित मक्कड़ के साथ घर पहुंचते ही दोनों भाई-बहन सबसे पहले दादा-दादी से गले मिले। लेकिन मां से नहीं मिल सके, क्योंकि वह संक्रमित होने के चलते हॉस्पिटल में एडमिट हैं। हालांकि महिला ने अपने बच्चों से मोबाइल पर वीडियो कॉल करके बात की। लेकिन नेटवर्क के चलते ज्यादा बात नहीं हो सकी और फोन कट गया। महिला ने कहा-एक बार दोनों का चेहरा तो दिखा देते।


बता दें कि जब बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी तो पिता ने अस्पताल में समय पास करने और गेम खेलने के लिए उनको मोबाइल दे दिया था। फिर दोनों ने मोबाइल पर कैंडी क्रश वीडियो गेम और कार्टून गेम खेलना शुरू कर दिया। उनका अधिकतर समय फोन पर ही बीतता था। इसी के जरिए वह मां दाद-दादी और पापा से बात करते थे। इस तरह भाई-बहन ने कैंडी क्रश खेल-खेलकर कोरोना को हराया।


बता दें कि जब बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी तो पिता ने अस्पताल में समय पास करने और गेम खेलने के लिए उनको मोबाइल दे दिया था। फिर दोनों ने मोबाइल पर कैंडी क्रश वीडियो गेम और कार्टून गेम खेलना शुरू कर दिया। उनका अधिकतर समय फोन पर ही बीतता था। इसी के जरिए वह मां दाद-दादी और पापा से बात करते थे। इस तरह भाई-बहन ने कैंडी क्रश खेल-खेलकर कोरोना को हराया।


जब बच्चों से मीडिया ने बात को तो उनका कहना था कि आज मम्मी से फोन पर बात हुई थी, मम्मी ने हमारा दोनों का हाल चाल पूछा। मैंने मम्मी से पूछा कि कब आओगे। मम्मी बोली कि दो दिन बाद आ जाऊंगी। 


जब बच्चों से मीडिया ने बात को तो उनका कहना था कि आज मम्मी से फोन पर बात हुई थी, मम्मी ने हमारा दोनों का हाल चाल पूछा। मैंने मम्मी से पूछा कि कब आओगे। मम्मी बोली कि दो दिन बाद आ जाऊंगी। 

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