Asianet News Hindi

पति को खाये जा रहा था पत्नी का कोई राज़, कमर से चेहरे तक चाकू से किए 10 से ज्यादा वार

First Published Nov 2, 2020, 10:34 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

करनाल, हरियाणा. पति को अपनी पत्नी का कोई राज़ खाए जा रहा था। जब गुस्सा अंदर उबाल मारने लगा, तो उसने चाकू उठाकर पत्नी पर दनादन वार कर दिए। दिल दहलाने वाली यह घटना कट्टा बाग एरिया सूरजनगर में रविवार को हुई। आरोपी 40 वर्षीय विक्रम मूलत: यूपी के शामली के पावती कला गांव का रहने वाला था। वो यहां 10 साल से पत्नी संगीता और बच्चाें के साथ रहता था। हत्या के बाद विक्रम ने भी जहर खाकर जान दे दी। घटना की जानकारी दम्पती के 14 साल के बेटे के जरिये पड़ोसियों ने पुलिस को दी। जब बेटा कमरे में पहुंचा, तो मां रक्तरंजित पड़ी थी। उसने बेटे से पीने को पानी मांगा। दम्पती को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। आरोपी सब्जी का रेहड़ी लगाता था। बेटे अनमोल ने बताया कि दो बड़ी बहनें गांव में दादा-दादी के पास रहकर पढ़ाई करती हैं। यहां उसका 12 साल का भाई और वो रहता है। इस समय छोटा भाई भी गांव गया हुआ था। रविवार रात को अनमोल पिता के साथ सो रहा था। जबकि मां कुछ दूर चारपाई पर सो रही थी। शख्स किस बात पर अपनी पत्नी से नाराज था, अभी इसका पता नहीं चल पाया है। आगे पढे़ं इसी घटना के बारे में...

रात 12 बजे सुनी मां के चीखने का आवाज...
अनमोल ने बताया कि रात 12 बजे उसने मां के चीखने की आवाज सुनी थी। पुलिस को आशंका है कि विक्रम ने पहले से ही हत्या की प्लानिंग कर रखी थी। उसने पत्नी की कमर से चेहरे तक चाकू से दनादन वार किए। उसने पत्नी को संभलने का मौका तक नहीं दिया। सेक्टर-32-33 थाने के इंचार्ज सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कोई ऐसे हमले तब करता है, जब वो किसी से नफरत करने लगे। आगे पढ़ें-दृश्यम जैसी मर्डर मिस्ट्री: 18 महीने से घर में ही गाड़ रखी थी पति की लाश, अचानक दिखी खोपड़ी

रात 12 बजे सुनी मां के चीखने का आवाज...
अनमोल ने बताया कि रात 12 बजे उसने मां के चीखने की आवाज सुनी थी। पुलिस को आशंका है कि विक्रम ने पहले से ही हत्या की प्लानिंग कर रखी थी। उसने पत्नी की कमर से चेहरे तक चाकू से दनादन वार किए। उसने पत्नी को संभलने का मौका तक नहीं दिया। सेक्टर-32-33 थाने के इंचार्ज सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कोई ऐसे हमले तब करता है, जब वो किसी से नफरत करने लगे। आगे पढ़ें-दृश्यम जैसी मर्डर मिस्ट्री: 18 महीने से घर में ही गाड़ रखी थी पति की लाश, अचानक दिखी खोपड़ी

पानीपत, हरियाणा. पिछले दिनों यहां के विकास नगर से 18 महीने पहले गायब हुए 31 वर्षीय टेक्नीशियन की हत्या का चौंकाने वाला मामला सामने आया था। हरबीर सिंह का कंकाल (Skeleton) घर की मरम्मत के दौरान जमीन में दफन मिला। इस हत्याकांड को ठीक वैसे ही अंजाम दिया गया, जैसा अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम' (Drishyam) में दिखाई दिया था। बड़े भाई हरिओम ने आरोप लगाया कि यह हत्या हरबीर की पत्नी और अन्य ने की। इस घटना का किसी को पता नहीं चले, इसलिए लाश को घर में ही दफन कर दिया। हरिओम का बेटा आरोपी चाची के साथ घर की मरम्मत का काम करा रहा था, तभी कंकाल सामने आया। पूछने पर हरबीर की पत्नी ने कहा कि पति ने एक कुत्ता पाल रखा था। यह कंकाल उसी का होगा। हालांकि आदमी की खोपड़ी देखकर किसी को भी शक हो सकता था, इसलिए फिर पुलिस को सूचित किया गया। आरोपी महिला ने पति के लापता होने की FIR तीन महीने बाद कराई थी। हरबीर की दो बेटी 11 वर्षीय तनु और 9 वर्षीय मीनाक्षी और 7 वर्षीय बेटा रितिक है। आगे पढ़ें...पत्नी की स्कूल टाइम की लवस्टोरी में 9 साल बाद आया ट्वीस्ट, पति समझता रहा कि वो प्रेमी को भूल गई होगी

पानीपत, हरियाणा. पिछले दिनों यहां के विकास नगर से 18 महीने पहले गायब हुए 31 वर्षीय टेक्नीशियन की हत्या का चौंकाने वाला मामला सामने आया था। हरबीर सिंह का कंकाल (Skeleton) घर की मरम्मत के दौरान जमीन में दफन मिला। इस हत्याकांड को ठीक वैसे ही अंजाम दिया गया, जैसा अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम' (Drishyam) में दिखाई दिया था। बड़े भाई हरिओम ने आरोप लगाया कि यह हत्या हरबीर की पत्नी और अन्य ने की। इस घटना का किसी को पता नहीं चले, इसलिए लाश को घर में ही दफन कर दिया। हरिओम का बेटा आरोपी चाची के साथ घर की मरम्मत का काम करा रहा था, तभी कंकाल सामने आया। पूछने पर हरबीर की पत्नी ने कहा कि पति ने एक कुत्ता पाल रखा था। यह कंकाल उसी का होगा। हालांकि आदमी की खोपड़ी देखकर किसी को भी शक हो सकता था, इसलिए फिर पुलिस को सूचित किया गया। आरोपी महिला ने पति के लापता होने की FIR तीन महीने बाद कराई थी। हरबीर की दो बेटी 11 वर्षीय तनु और 9 वर्षीय मीनाक्षी और 7 वर्षीय बेटा रितिक है। आगे पढ़ें...पत्नी की स्कूल टाइम की लवस्टोरी में 9 साल बाद आया ट्वीस्ट, पति समझता रहा कि वो प्रेमी को भूल गई होगी

यह मामला हरियाणा के गुड़गांव में सितंबर में सामने आया था। मामला रधाना निवासी और यहां सेक्टर-5 में रहने वाले सुरेश नामक व्यक्ति की हत्या से जुड़ा था। सुरेश 5 महीने पहले लापता हो गया था। पत्नी ने पहले प्यार सुखबीर के हाथों पति की हत्या करवा दी थी। पुलिस ने जब डूमरखां निवासी सुखबीर को पकड़ा, तो उसने सारी कहानी बयां कर दी। आरोपी ढाबा चलाता है। उसने सुरेश की लाश ढाबे के आंगन में गाड़ दी थी। सुनीता नामक महिला ने भिवानी के गांव बड़ेसरा के एक व्यक्ति की अपने पति से हत्या कर करवा दी थी। इसके बाद पति जेल चला गया। इस दौरान सुनीता अपने पहले प्यार सुखबीर के संपर्क में आ गई। 6-7 महीने पहले जब पति जेल से छूटकर आया, तो उसे सुनीता और सुखबीर के संबंधों के बारे में पता चला। सुनीता किसी प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। आगे पढ़ें इसी क्राइम के बारे में...

यह मामला हरियाणा के गुड़गांव में सितंबर में सामने आया था। मामला रधाना निवासी और यहां सेक्टर-5 में रहने वाले सुरेश नामक व्यक्ति की हत्या से जुड़ा था। सुरेश 5 महीने पहले लापता हो गया था। पत्नी ने पहले प्यार सुखबीर के हाथों पति की हत्या करवा दी थी। पुलिस ने जब डूमरखां निवासी सुखबीर को पकड़ा, तो उसने सारी कहानी बयां कर दी। आरोपी ढाबा चलाता है। उसने सुरेश की लाश ढाबे के आंगन में गाड़ दी थी। सुनीता नामक महिला ने भिवानी के गांव बड़ेसरा के एक व्यक्ति की अपने पति से हत्या कर करवा दी थी। इसके बाद पति जेल चला गया। इस दौरान सुनीता अपने पहले प्यार सुखबीर के संपर्क में आ गई। 6-7 महीने पहले जब पति जेल से छूटकर आया, तो उसे सुनीता और सुखबीर के संबंधों के बारे में पता चला। सुनीता किसी प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। आगे पढ़ें इसी क्राइम के बारे में...

सुरेश की 5 महीने पहले सुनीता के पहले प्रेमी सुखवीर उर्फ सुक्खी ने अपने ढाबे पर सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोपी ने उसकी लाश ढाबे में ही दफना दी थी। इसके लिए सुनीता और सुखवीर ने मोबाइल पर पूरी प्लानिंग की थी। इस हत्याकांड में सुखवीर का दोस्त मनोज भी शामिल हो गया। सुरेश की हत्या के बाद सुखवीर ने सुनीता को कॉल करके कहा था कि कर दिया आपका काम। इस पर सुनीता ने जवाब दिया था कि सही किया।  आगे पढ़ें इसी क्राइम के बारे में...

सुरेश की 5 महीने पहले सुनीता के पहले प्रेमी सुखवीर उर्फ सुक्खी ने अपने ढाबे पर सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोपी ने उसकी लाश ढाबे में ही दफना दी थी। इसके लिए सुनीता और सुखवीर ने मोबाइल पर पूरी प्लानिंग की थी। इस हत्याकांड में सुखवीर का दोस्त मनोज भी शामिल हो गया। सुरेश की हत्या के बाद सुखवीर ने सुनीता को कॉल करके कहा था कि कर दिया आपका काम। इस पर सुनीता ने जवाब दिया था कि सही किया।  आगे पढ़ें इसी क्राइम के बारे में...

सुरेश के जेल जाने के बाद सुखबीर और सुनीता दुबारा मिलने लगे। लेकिन जब सुरेश को इसका पता चला, तो उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया गया। सुखबीर ने सुरेश को अपने ढाबे पर बुलाया था। यहां दोनों ने शराब पी। जब सुरेश बेहोश हो गया, तो सुखबीर ने उसे गोली मार दी।  आगे पढ़ें इसी क्राइम के बारे में...

सुरेश के जेल जाने के बाद सुखबीर और सुनीता दुबारा मिलने लगे। लेकिन जब सुरेश को इसका पता चला, तो उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया गया। सुखबीर ने सुरेश को अपने ढाबे पर बुलाया था। यहां दोनों ने शराब पी। जब सुरेश बेहोश हो गया, तो सुखबीर ने उसे गोली मार दी।  आगे पढ़ें इसी क्राइम के बारे में...

लंबे समय तक अपने बेटे से संपर्क नहीं होने पर सुरेश के पिता रधाना निवासी राममेहर ने एक सितंबर को गुड़गांव सेक्टर-5 पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। सुनीता ने पुलिस को बयान दिया था कि सुरेश उससे लड़-झगड़कर कहीं चला गया है। आगे पढ़ें इसी क्राइम के बारे में...

लंबे समय तक अपने बेटे से संपर्क नहीं होने पर सुरेश के पिता रधाना निवासी राममेहर ने एक सितंबर को गुड़गांव सेक्टर-5 पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। सुनीता ने पुलिस को बयान दिया था कि सुरेश उससे लड़-झगड़कर कहीं चला गया है। आगे पढ़ें इसी क्राइम के बारे में...

सुनीता ने बताया कि 9 साल पहले सुखबीर और वो स्कूल पढ़ने जाते थे। उसी समय दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। सुखबीर नरवाड़ा पढ़ने जाता था, जबकि सुनीता बड़ेसरा गांव से खरल गुरुकुल। दोनों की मुलाकात डुमरखां बस अड्डा पर होती थी।  पुलिस की जांच में सामने आया है कि 12 अप्रैल को सुरेश और उसकी पत्नी में झगड़ा हुआ था। उसे सुनीता और सुखवीर के अफेयर के बारें में पता चल गया था। यह बात सुनीता ने फोन पर सुखवीर को बताई थी। सुनीता ने सुखवीर को उकसाया था कि सुरेश पहले ही एक मर्डर कर चुका है, अगर उसे नहीं रोका गया, तो वो तुम्हें भी नहीं छोड़ेगा। यह सुनकर सुखवीर ने सुरेश की हत्या करने की ठान ली।

सुनीता ने बताया कि 9 साल पहले सुखबीर और वो स्कूल पढ़ने जाते थे। उसी समय दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। सुखबीर नरवाड़ा पढ़ने जाता था, जबकि सुनीता बड़ेसरा गांव से खरल गुरुकुल। दोनों की मुलाकात डुमरखां बस अड्डा पर होती थी।  पुलिस की जांच में सामने आया है कि 12 अप्रैल को सुरेश और उसकी पत्नी में झगड़ा हुआ था। उसे सुनीता और सुखवीर के अफेयर के बारें में पता चल गया था। यह बात सुनीता ने फोन पर सुखवीर को बताई थी। सुनीता ने सुखवीर को उकसाया था कि सुरेश पहले ही एक मर्डर कर चुका है, अगर उसे नहीं रोका गया, तो वो तुम्हें भी नहीं छोड़ेगा। यह सुनकर सुखवीर ने सुरेश की हत्या करने की ठान ली।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios