- Home
- Lifestyle
- Health
- बच्चे को गोरा बनाने के लिए प्रेग्नेंसी में खा रही हैं केसर, तो इस खबर पढ़कर हो जाएंगी सावधान
बच्चे को गोरा बनाने के लिए प्रेग्नेंसी में खा रही हैं केसर, तो इस खबर पढ़कर हो जाएंगी सावधान
हेल्थ डेस्क. भारत में प्रेग्नेंट महिलाओं से जुड़ी कई बातें प्रचलित हैं। ग्रहण में प्रेग्नेंट महिलाओं को कमरे में बंद रहना चाहिए, उन्हें सीढ़ियां नहीं चढ़नी चाहिए। इतना ही नहीं गर्भ में पल रहे बच्चे का रंग गोरा करने के लिए दूध में केसर डालकर पीने की सलाह दी जाती है। नारियल खाने को कहा जाता है। वैसे तो केसर के कई फायदे होते हैं। प्रेग्नेंसी में बच्चे के रंग को साफ करने के मकसद से महिलाएं कुछ ज्यादा ही इसका सेवन करने लगती हैं। जोकि उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आइए नीचे बताते हैं केसर से मिलने वाले साइड इफेक्ट्स के बारे में ....

भ्रूण में विकार
कहते हैं अति किसी भी चीज की बुरी होती हैं। प्रेग्नेंसी में तो इसका ज्यादा ही ख्याल रखने की जरूरत होती है। केसर ज्यादा खाने से गर्भ में पल रहे बच्चे में विकृति आ सकती है। शिशु में स्केलेटल विकृतियां ज्यादा देखी गई हैं।

प्रीमैच्योर डिलिवरी
तय मात्रा से ज्यादा केसर के सेवन करने से प्रीमैच्योर लेबर या फिर गर्भपात भी हो सकता है। पशुओं पर किए गए अबतक के शोध में यह बात सामने आई है कि केसर के ज्यादा सेवन से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है। इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को डॉक्टर के बताए गए मात्रा के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए।
गर्भपात की हो सकती हैं शिकार
एक रिसर्च के मुताबिक केसर गर्भाशय ग्रीवा को खोल सकता है। यह गर्भ में बच्चे को निकलने के लिए प्रेरित कर सकता है। चूहों पर किए गए अध्ययन से यह पता चलता है कि केसर का सेवन वक्त से पहले प्रसव करा सकते हैं। मतलब मिसकैरेज के भी चांसेज होते हैं। गर्भवास्था के अंतिम दिनों में केसर का सेवन सही होता है। लेकिन शुरुआत में केसर नहीं खाना चाहिए।
प्रेग्नेंसी में क्या केसर नहीं लेना चाहिए?
डॉक्टर की मानें तो ऐसा नहीं है कि गर्भवती महिलाओं को केसर नहीं खाना चाहिए। लेकिन पहली तिमाही के बाद केसर का सेवन करना चाहिए वो भी
0.5 से लेकर 2 ग्राम तक केसर एक दिन में ले सकती हैं। केसर के सीमित मात्रा में लेने से यूट्रस में लचीलापन आता है। जिससे लेबर में हेल्प होती है। लेकिन ज्यादा मात्रा इसे नुकसान पहुंचा सकता है।
कब लेना चाहिए केसर
केसर को पांचवे महीने से लेकर सकती हैं। क्योंकि बच्चा गर्भ में मूव करने लगता है। जिसके बाद मिसकैरेज का खतरा कम होता है। प्रेग्नेंसी के अंतिम महीने में भी इसे खाना फायदेमंद होता है। लेबर में इससे मदद मिलता है।
और पढ़ें:
कौन है राधिका मर्चेंट, बनने जा रही हैं अंबानी फैमिली की बहू, 10 PHOTOS में देखें लाइफस्टाइल
Health Tips in Hindi (हेल्थ टिप्स): Read latest fitness tips (फिटनेस टिप्स), health care tips for men and women in Hindi. Get exercise tips, diet plans to keep your body fit and healthy at Asianet New Hindi.