Baby Bottle Feeding Tips: नवजात को फॉर्मूला मिल्क या बोतल से दूध पिलाते समय होने वाली 5 सबसे कॉमन गलतियों के बारे में जाने। गाइनोलॉजिस्ट की सलाह से बच्चे को संक्रमण,कब्ज और पोषण की कमी से बचाएं।
नवजात शिशुओं की देखभाल करना आसान नहीं है। न्यूली पेरेंट्स उन्हें अच्छी पेंरेटिंग देने की हर मुमकिन कोशिश करते हैं लेकिन कई बार जाने-अंजाने में ऐसे गलतियां हो जाती हैं जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होता है। बच्चों के लिए मां का दूध सबसे बढ़िया माना जाता है, हालांकि कई बार लोग दूध वाली बोतल का भी इस्तेमाल करते हैं। अगर आप भी ऐसा ही कर रहे हैं तो ये आर्टिकल आपके है, जहां गाइनोलॉजिस्ट डॉ. गरिमा सिंह ने उन 5 गलतियों के बारे में बताया है, जो बच्चे की सेहत को नुकसान पहुंचा जा सकती हैं।
1. फॉर्मूला मिल्क का सही अनुपात
अगर आप भी बच्चे को फॉर्मेूला मिल्क पिलाते हैं तो ही अनुपात पता होना जरूरी है, नहीं तो यह समस्या दे सकता है। डॉ. गरिमा कहती हैं कि हमेशा 1 स्कूप मिल्क पाउडर को 30ml गर्म पानी में मिलाएं। यदि आप बच्चे का पेट भरने के लिए पानी ज्यादा कर देते हैं तो पोषण की कमी होगी और यदि पाउडर ज्यादा डालते हैं तो कब्ज की दिक्कत हो सकती है।
2. दूध की बोतल साफ करें
बोतल केवल साबुन से धोना ही काफी नहीं होता है। नवजात की इम्युनिटी कमजोर होती है, जहां सी गलती बड़े इन्फेक्शन का कारण बन सकती है। बोतल धोने का सही तरीका है- निप्पल, रिंग, कैप और बोतल को अलग-अळग कर लें। इसे धोने के लिए किसी भी केमिकल फ्री या नेचुरल डिशवॉशर का यूज करें। धोने के बाद सभी हिस्सों को खौलते पानी में लगभग 10 मिनट तक उबालें ताकि सभी कीटाणु खत्म हो जाए। साथ ही कोशिश करे कि दूध की बोतल प्लास्टिक की न हो।
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3. बच्चे को मत पिलाए बचा हुआ दूध
कई बार बच्चे दूध पीते सोते हो जाते हैं और बोतल का दूध रखा रह जाता है। ऐसे में माता-पिता उस बचे हुए दूध को गरम करके दोबारा बच्चे को दे देते हैं। ऐसा करने से बचना चाहिए। फॉर्मूला मिल्क बनाने के बाद 1 घंटे तक ही इस्तेमाल करें। यदि बच्चा दूध छोड़ देता है तो इसे फेंक दें और नया बनाकर बच्चे को दें।
4. गलत पोजिशन में दूध पिलाना
बच्चे को कभी भी बिल्कुल सीधे या सपाट लेटाकर बोतल से दूध नहीं देना चाहिए। इसकी बजाय बच्चे का सिर हमेशा शरीर से थोड़ा ऊपर उठा होना चाहिए। इस सेमी रिक्लाइन पोजीशन में दूध पिलाने से दूध बच्चे की सांस की नली या कान की नली में नहीं जाता है।
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5. गरम और ठंडे दूध का रखें ध्यान
दूध बहुत ज्यादा गरम या ठंडा नहीं होना चाहिए। बच्चे को बोतल देने से पहले कलाई के अंदरूनी हिस्से से तापमान चेक करें। बच्चों के लिए गुनगुना दूध बढ़िया माना जाता है।
