FSSAI ने डाबर को शहद, घी जैसे उत्पादों पर '100% शुद्ध' जैसे भ्रामक दावे करने से रोका है। नियामक के अनुसार, ये दावे ग्राहकों को गुमराह करते हैं और नियमों का उल्लंघन हैं। कंपनी को इन उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने का आदेश दिया गया है।
नई दिल्ली: '100% शुद्ध', '100% नैचुरल'... ऐसे दावों के साथ सामान बेचने वाली मशहूर कंपनी डाबर इंडिया (Dabur India) पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने शिकंजा कसा है। FSSAI ने कंपनी को शहद, गाय का घी, एप्पल साइडर विनेगर, नारियल का दूध और नारियल तेल जैसे प्रोडक्ट्स पर '100%' शुद्धता का दावा करने से तुरंत रोकने का आदेश दिया है। फूड रेगुलेटर का कहना है कि ऐसे दावे वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं किए जा सकते और ये ग्राहकों को गुमराह करते हैं।
किन प्रोडक्ट्स पर एक्शन, क्या हैं गड़बड़ियां?
FSSAI ने पाया कि डाबर अपनी ऑफिशियल वेबसाइट और दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर कई प्रोडक्ट्स के लिए '100% प्राकृतिक', '100% शुद्ध', '100% ऑर्गेनिक', '100% शुद्धता की गारंटी' और '100% नारियल पानी' जैसे दावे कर रही थी। ये दावे फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (विज्ञापन और दावे) रेगुलेशन, 2018 के नियमों का उल्लंघन हैं।
रेगुलेटर ने इन बड़ी गड़बड़ियों पर ध्यान दिलाया
'जैविक भारत' लोगो का गलत इस्तेमाल: जांच में पता चला कि 'डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर' और 'डाबर ऑर्गेनिक हनी' जैसे प्रोडक्ट्स पर 'जैविक भारत' का लोगो इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि इन प्रोडक्ट्स के पास FSSAI की तरफ से कोई वैलिड ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन नहीं था। इसी तरह, 'डाबर होममेड कोकोनट मिल्क' के पैकेट पर '100% शुद्धता' लिखा गया था, जबकि 2018 के नियमों के मुताबिक, मिक्स किए गए फूड प्रोडक्ट्स पर ऐसा दावा नहीं किया जा सकता।
FSSAI ने पहले भी डाबर को नोटिस भेजकर ऐसे भ्रामक दावे हटाने को कहा था। लेकिन कंपनी की तरफ से संतोषजनक कदम नहीं उठाए जाने के बाद, अथॉरिटी ने इन प्रोडक्ट्स की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वो '100%' का दावा करने वाले सभी प्रोडक्ट्स की बिक्री तुरंत बंद करे और 15 दिनों के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करे। इस पर डाबर के एक प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें FSSAI का निर्देश मिल गया है और वे अपने प्रोडक्ट्स की जानकारी और वेबसाइट के कंटेंट की समीक्षा कर रहे हैं।
