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MP के इस मंदिर में लगा दुनिया का सबसे बड़ा घंटा: 6 माह बनने में लगे, बड़े-बड़े फेल एक मुस्लिम ने स्थापित किया
मंदसौर : मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंदसौर (Mandsaur) स्थित पशुपतिनाथ मंदिर (Pashupatinath Temple) में संभवत: दुनिया का सबसे बड़ा और वजनी घंटा लगाया गया है। निर्माणाधीन सहस्र शिवलिंग मंदिर के पास लगए इस घंटे का वजन 37 क्विंटल यानी 3700 किलोग्राम है। महाघंटा करीब 6 फीट लंबा है। इसका व्यास 66.50 इंच है। महाघंटा बजाने के लिए 200 किलो से ज्यादा का दोलन भी तैयार किया गया है। इस घंटे को स्थापित करने में 36 लाख रुपए का खर्चा आया। छह महीने तक 10 कारीगरों ने लगातार मेहनत कर इसे तैयार किया है। इस महाघंटे की हर तरफ चर्चा हो रही है। देखिए पशुपतिनाथ मंदिर में स्थापित इस घंटे की तस्वीरें..

साल 2017 की बात है श्रीकृष्ण कामधेनु के अध्यक्ष दिनेश नागर एक दिन मंदिर में दर्शन करने पहुंचे तो उन्हें बाहर घंटी नहीं दिखाई दी। जिसके बाद दिमाग में आइडिया आया कि क्यों ना इस मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा घंटा स्थापित किया जाए।
इस संस्था के सदस्यों ने 21 क्विंटल घंटा स्थापित करने की योजना बनाई। हर रविवार जिले में यात्रा निकाली जाती। डेढ़ सौ यात्राओं के माध्यम से गांव-गांव तक जाकर तांबा-पीतल जमा किया गया। इसके बाद गुजरात (Gujarat) के अहमदाबाद (Ahmedabad) की एक कंपनी को महाघंटा बनाने का ठेका दिया गया।
महाघंटा बनने के बाद इसे गुजरात से एक स्पेशल ट्रॉली में रखकर मंदसौर लाया गया। यहां शहर की सड़कों पर लोगों इसे देख उत्साहित हो उठे। महा घंटे को इस तरह स्थापित किया गया कि इसे बच्चा भी बजा भी सकता है। लोहे के स्ट्रक्चर पर महाघंटे को लटकाया गया है।
गुजरात से आने के बाद महाघंटा लंबे समय से मंदिर परिसर में ही रखा था। हादसे की आशंका के चलते इसे लटकाया नहीं जा रहा था। कई इंजीनियर आए लेकिन वो महाघंटा लगाने की हिम्मत नहीं कर सके। जब बड़े-बड़े फेल हो गए तो एक मुस्लिम मिस्त्री ने इसे स्थापित किया।
मंदसौर के डीएम गौतम सिंह ने बताया कि महाघंटा स्थापित करना बड़ी चुनौती थी। लेकिन एक मुस्लिम मिस्त्री नाहरू खान ने 15 दिन का समय लिया और महाघंटा सुरक्षित तरीके से स्थापित कर दिया। नाहरू खान ने इसके लिए कोई पैसा भी नहीं लिया। रविवार शाम महाघंटे का ट्रायल भी किया गया।
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