मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम स्थित स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर में 48.71 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक हॉकी टर्फ और पवेलियन का भूमि पूजन किया। इससे उज्जैन में खेल अधोसंरचना मजबूत होगी और भविष्य में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन के स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर, नानाखेड़ा स्टेडियम में 48.71 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक हॉकी टर्फ और पवेलियन दर्शक दीर्घा के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। इस परियोजना के तहत स्टेडियम में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे उज्जैन के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास का अवसर मिलेगा।
उज्जैन से तैयार होंगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्री महाकालेश्वर और श्री गोपाल कृष्ण की कृपा से उज्जैन और पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को प्राथमिकता दे रही है। विभिन्न जिलों में नए स्टेडियम, खेल परिसर और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें। इस परियोजना के पूरा होने के बाद उज्जैन धीरे-धीरे खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र (स्पोर्ट्स हब) बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। इससे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
उज्जैन में तेजी से विकसित हो रही खेल अधोसंरचना
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर, नानाखेड़ा स्टेडियम को देखने पर विदेशों में बने आधुनिक और सुविधायुक्त स्टेडियमों की याद आती है। उन्होंने बताया कि पहले क्षीर सागर स्टेडियम में देश के कई शहरों के हॉकी खिलाड़ी आकर अपना प्रदर्शन करते थे। लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार यहां सिंथेटिक हॉकी टर्फ की आवश्यकता थी, जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। इस नई सुविधा के निर्माण से उज्जैन में हॉकी सहित अन्य खेलों को भी बढ़ावा मिलेगा और खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के मैच उज्जैन में कराने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के कुछ अंतरराष्ट्रीय मैच इस स्टेडियम में आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उनके हुनर को प्रदर्शित करने के लिए सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक स्टेडियम उपलब्ध कराए जाएं। इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।


