मध्यप्रदेश में इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड रोड परियोजना को स्वीकृति मिल गई है। करीब 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क से दोनों शहरों के बीच सफर आधे घंटे में पूरा होगा। किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा और क्षेत्रीय विकास, उद्योग व व्यापार को नई गति मिलेगी।
भोपाल। इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए जमीनी स्तर पर मार्ग निर्माण को स्वीकृति देने और उचित मुआवजे की व्यवस्था किए जाने पर इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र के निवासियों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर उनका आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों और किसानों ने इस फैसले को क्षेत्र के विकास और किसानों के हित में उठाया गया बड़ा कदम बताया।
3 हजार करोड़ की लागत से बनेगा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इंदौर और उज्जैन के बीच बनने वाला यह ग्रीनफील्ड मार्ग लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। इस सड़क के बनने के बाद दोनों शहरों के बीच की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। वर्तमान में इंदौर से उज्जैन पहुंचने में करीब सवा घंटे का समय लगता है, लेकिन इस नए मार्ग के बनने के बाद यह दूरी लगभग आधे घंटे में तय की जा सकेगी। इससे दोनों शहरों के बीच तेज और सुगम कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
क्षेत्रीय विकास और व्यापार को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और उज्जैन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी होने से पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। इस मार्ग के बनने से स्थानीय स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और लॉजिस्टिक पार्क विकसित होने की संभावना भी बढ़ेगी। इसके साथ ही किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा होगी। व्यापारियों और उद्योगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यह सड़क देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों को बेहतर तरीके से जोड़ने का काम करेगी, जिससे व्यापार और आवागमन दोनों में तेजी आएगी।
इंदौर और उज्जैन के कई गांवों को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पारंपरिक और ऐतिहासिक रूप से भी इंदौर और उज्जैन के बीच इसी मार्ग का उपयोग किया जाता रहा है। इस परियोजना से इंदौर जिले के 20 और उज्जैन जिले के 6 गांवों को सीधे लाभ मिलेगा। इसके अलावा सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भी यह मार्ग बेहद उपयोगी साबित होगा और यात्रियों के आवागमन को आसान बनाएगा।
किसान हित सर्वोपरि, विश्वास की मिसाल बनेगी परियोजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में विकास के एक नए दौर की शुरुआत हो रही है। राज्य सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। किसानों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है और जमीन के बदले उचित मुआवजे की व्यवस्था भी की गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना किसान और सरकार के बीच विश्वास की एक मजबूत मिसाल बनेगी।


