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2022 RECAP: रूस-यूक्रेन जंग से लेकर तवांग झड़प तक, इन बड़ी घटनाओं ने डाला देश-दुनिया पर असर
नई दिल्ली। साल 2022 खत्म होने को है। रूस और यूक्रेन के बीच जंग की शुरुआत से लेकर अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प तक, इस साल कई ऐसी बड़ी घटनाएं हुईं, जिसने भारत और दूसरे देशों पर असर डाला। फरवरी में रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुई लड़ाई जारी है। इसके चलते दुनिया को गैस, तेल, अनाज और उर्बरक की कीमत में आई तेजी का सामना करना पड़ रहा है। इससे महंगाई बढ़ी है। आगे पढ़ें 2022 में हुई 10 बड़ी घटनाओं के बारे में...

यूक्रेन के आसमान में जंग के बादल 2021 से ही मंडराने लगे थे। 24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया था। लड़ाई से यूक्रेन में भारी तबाही हुई है। यूक्रेन को अमेरिका और यूरोप से मदद मिल रही है, जिसके चलते 10 महीने में भी रूस को जीत नहीं मिली है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने रूस पर सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। लड़ाई के चलते यूक्रेन के खारकीव, कीव, लुहांस्क और डोनेट्स्क शहर बर्बाद हो गए हैं। लड़ाई के चलते अब तक हजारों लोगों की जान गई है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।
चीन के कर्ज के जाल में फंसे श्रीलंका की आर्थिक स्थिति 2022 की शुरुआत में इतनी खस्ताहाल हो गई कि लोगों के लिए पेट भरना मुश्किल हो गया। अप्रैल से लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। जुलाई में लोगों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। उग्र भीड़ ने राजधानी कोलंबो पर कब्जा कर लिया और राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के आवास पर हमला कर दिया। लोगों ने राष्ट्रपति भवन से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय और अन्य सभी मुख्य सरकारी ऑफिस पर कब्जा कर लिया था। राष्ट्रपति को देश छोड़कर भागना पड़ा था। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पद छोड़ने और सरकार बदलने के बाद स्थिति नियंत्रण में आई।
13 सितंबर 2022 को ईरान की राजधानी तेहरान में हिजाब ठीक से न पहनने की वजह से 20 साल की महसा अमीनी को मॉरल पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई थी। 16 सितंबर को महसा अमीनी की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे ईरान में हिजाब और सख्त पाबंदियों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए थे। तीन महीने तक चले उग्र विरोध प्रदर्शन के दौरान 300 से अधिक लोगों की मौत हुई। जनता के विरोध प्रदर्शन के आगे झुकते हुए ईरान की सरकार ने 4 दिसंबर को मॉरल पुलिस यूनिट खत्म करने का फैसला किया।
अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी दो अगस्त को ताइवान पहुंची थी। चीन ने अमेरिका को नैन्सी पेलोसी की यात्रा रद्द करने या फिर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। अमेरिका ने नैन्सी की सुरक्षा के लिए अपने 24 फाइटर प्लेन भेजे थे। नैन्सी के ताइवान से जाने के बाद चीन ने बड़ा युद्धअभ्यास शुरू कर दिया था। चीन ने ताइवान को चारों ओर से घेरकर चार दिन तक युद्धअभ्यास किया। इस दौरान उसके मिसाइलों और लड़ाकू विमानों ने कई बार ताइवान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया।
8 जुलाई को जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या कर दी गई थी। दक्षिणी जापानी शहर नारा में एक चुनावी कैम्पेन स्पीच के दौरान उन्हें गोली मार दी गई थी। शिंजो का अंतिम संस्कार 15 जुलाई को कर दिया गया था। 27 सितंबर को प्रतीक के दौर पर राजकीय अंतिम संस्कार किया गया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आबे को श्रद्धांजलि देने जापान पहुंचे थे।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त हवाई अभ्यास से नाराज उत्तर कोरिया ने दो नवंबर को 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थी। परमाणु हमला करने में सक्षम मिसाइलों के दागे जाने से जापान और दक्षिण कोरिया में डर फैल गया था। जापान और दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया द्वारा हमला किए जाने पर सामना करने की पूरी तैयारी कर ली थी।
पाकिस्तान में जल्द आम चुनाव कराने की मांग को लेकर लॉन्ग मार्च निकाल रहे पूर्व पीएम इमरान खान पर तीन नवंबर को हमला हुआ था। पंजाब के वजीराबाद में उनपर गोलियां चलाई गई थी। गोली के टुकड़े इमरान के पैर में लगे थे। इमरान खान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह और मेजर जनरल फैसल नसीर पर हमला कराने का आरोप लगाया था।
9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर के यांगत्से इलाके में एलएसी पर चीन और भारत के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। 300 से अधिक चीनी सैनिक 17 हजार फीट ऊंचाई पर स्थित भारतीय सेना की चौकी पर कब्जा करने की नियत से आए थे। भारतीय सेना के जवानों और चीनी सैनिकों के बीच हाथापाई हुई। 25-30 साथियों को पिटता देख चीन के सभी सैनिक भाग खड़े हुए थे। इस घटना के बाद से एलएसी पर दोनों ओर से सैनिकों की भारी तैनाती है।
दिसंबर में चीन में कोरोना विस्फोट हुआ। सख्त लॉकडाउन लगाकर कोरोना को फैलने से रोक रहे चीन ने जैसे ही लॉकडाउन हटाया कोरोना संक्रमण ने तबाही मचानी शुरू कर दी। अस्पताल से लेकर अंतिम संस्कार वाली जगहों तक लाशों के ढेर लग गए। चीन ने कोरोना से हो रहे मौत के आंकड़े जारी करना बंद कर दिया है। सफदरजंग अस्पताल में पल्मोनरी मेडिसिन के एचओडी डॉ. नीरज कुमार गुप्ता ने गणितीय गणना के आधार पर दावा किया है कि चीन में कोरोना के चलते 10 लाख लोगों की मौत हुई है।
इस साल दुनिया की आबादी 8 अरब हो गई। 15 नवंबर 2022 को 8 अरबवां बच्चा फिलीपींस की राजधानी मनीला में पैदा हुआ। 2040 तक दुनिया की आबादी 9 अरब को पार कर जाएगी। 18वीं शताब्दी तक पूरी दुनिया की जनसंख्या एक अरब से भी कम थी। पिछले 200 सालों में दुनिया की आबादी तेजी से बढ़ी और यह 8 अरब तक पहुंच गई है।
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